स्वास्थ्य

खाना खड़े होकर नहीं बल्कि बैठकर खाना चाहिए, क्योंकि…

जीने के लिए सबसे अधिक जरूरी क्रियाओं में से एक है खाना। खाना ही हमारे शरीर को जीने की शक्ति प्रदान करता है। समय के साथ-साथ हमारी दिनचर्या में कई बड़े-बड़े परिवर्तन आ गए हैं।

हमारी सभी क्रियाएं और उनका तरीका बदल गया है। आधुनिकता की दौड़ में हमारा खाना खाने का तरीका भी पूरी तरह प्रभावित हुआ है। आज अधिकांश लोग खाना डायनिंग टेबल पर बैठकर खाते हैं। जबकि पुराने समय में जमीन पर आसन लगाकर खाना खाने की परंपरा थी। प्राचीन काल से ही बैठकर खाना खाने की परंपरा चली आ रही है, इसके कई लाभ हैं।

डायनिंग टेबल पर बैठकर खाने से कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां स्वत: ही हमें घेर लेती हैं परंतु जो लोग जमीन पर बैठकर पारंपरिक तरीके से खाने खाते हैं उनसे कई छोटी-छोटी बीमारियां दूर ही रहती है।

जमीन पर बैठकर खाना खाने के लाभ
जमीन पर बैठकर खाना खाते समय हम एक विशेष योगासन की अवस्था में बैठते हैं, जिसे सुखासन कहा जाता है। सुखासन पद्मासन का एक रूप है। सुखासन से स्वास्थ्य संबंधी वे सभी लाभ प्राप्त होते हैं जो पद्मासन से प्राप्त होते हैं।

बैठकर खाना खाने से हम अच्छे से खाना खा सकते हैं। इस आसन से मन की एकाग्रता बढ़ती है। सुखासन से पूरे शरीर में रक्त-संचार समान रूप से होने लगता है। जिससे शरीर अधिक ऊर्जावान हो जाता है।

इस आसन से मानसिक तनाव कम होता है और मन में सकारात्मक विचारों का प्रभाव बढ़ता है।

इससे हमारी छाती और पैर मजबूत बनते हैं। सुखासन वीर्य रक्षा में भी मदद करता है। इस तरह खाना खाने से मोटापा, अपच, कब्ज, एसीडीटी आदि पेट संबंधी बीमारियों में भी राहत मिलती है।

आज की भागती-दौड़ती जिंदगी ने हमारे स्वास्थ्य के संबंध में सोचने का समय तक छीन लिया है।

ऐसे में जमीन पर सुखासन अवस्था में बैठकर खाने से वे कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त कर शरीर को ऊर्जावान और स्फूर्तिवान बना सकते हैं।

Editorial Desk

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