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Sant Nirankari mission: मानव एकता दिवस’ के अवसर पर संपूर्ण विश्व में रक्तदान शिविरों का आयोजन

युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी की स्मृति में उनकी शिक्षाओं से निरंतर प्रेरणा लेते हुए संत निरंकारी मिशन (Sant Nirankari mission) द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी ‘मानव एकता दिवस’ के अवसर पर संपूर्ण विश्व में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जायेगा। इसी श्रृंखला में मुजफ्फरनगर में भी 38वाँ रक्तदान शिविर आयोजित होगा। शिविर में कोविड-19 के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए ही उसका अनुपालन किया जायेगा।

महा रक्तदान शिविर का आयोजन

उपरोक्त जानकारी देते हुए मीडिया सहायक सुशील कुमार ‘अंश‘ ने बताया कि इस वर्ष भी सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज की असीम कृपा से महा रक्तदान शिविर का आयोजन दिनांक 24 अप्रैल 2022, दिन रविवार को प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक रूड़की रोड स्थित स्थानीय सन्त निरंकारी सत्संग भवन के प्रांगण में किया जायेगा।

जिसमें जिला चिकित्सालय से डॉक्टरों की टीम रक्त संग्रह करेगी। ऐसा ही एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा (हरियाणा) में सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज की अध्यक्षता में भी किया जायेगा। इस शिविर में मिशन के श्रद्धालुगण पूरे उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर रक्तदान करेंगे।

रक्त एकत्रित करने हेतु एम्स अस्पताल , गुरू तेग बहादुर अस्पताल ; एवं रेड क्रॉस सोसायटी से डॉक्टरों की एक टीम भी वहां पर उपस्थित होंगी।

इस अवसर पर संपूर्ण भारतवर्ष के लगभग 265 स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जायेगा; जिसमें लगभग 40,000 से 50,000 यूनिट रक्त संकलित किये जाने की संभावना है। इन शिविरों का आयोजन संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन (संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा) के तत्वावधान में किया जायेगा। यह जानकारी संत निरंकारी मण्डल के सचिव श्री जोगिन्दर सुखीजा जी द्वारा सांझा की गई, जिसमें उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा कोविड 19 के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए ही सभी रक्तदान शिविरों का आयोजन होगा।

स्थानीय संयोजक हरीश कुमार ने कहा कि समालखा में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज अपना पावन आशीर्वाद प्रदान करेंगे और साथ ही जूम ऐप के माध्यम द्वारा सम्पूर्ण भारतवर्ष के शेष स्थानों पर आयोजित होने वाले सभी रक्तदान शिविरों को भी सामूहिक रूप से आशीर्वाद प्रदान करेगें। इसके अतिरिक्त उसी दिन थैलेसिमिया से संबंधित जाँच की सुविधा भी समालखा एवं कुछ अन्य स्थानों पर उपलब्ध करवाई जायेगी; जिसमें 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग के सभी व्यक्ति लाभान्वित हो सकेंगे।

युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी सदैव ही समाज कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। उन्होंने एक ओर जहाँ सत्य के बोध द्वारा मानव जीवन को सभी प्रकार के भ्रमों से मुक्त कियाय वहीं दूसरी ओर नशाबंदी एवं सादा-शादियाँ जैसे समाज सुधारों की भी नींव रखी। उन्होनें मिशन के सन्देश को केवल भारतवर्ष में ही नहीं अपितु विदेशों में भी पहुँचाया; जिसके परिणामस्वरूप आज विश्वभर के 60 से भी अधिक देशों में मिशन की सैंकड़ों ब्राँचे स्थापित हो चुकी हैं

जो सत्य, प्रेम एवं मानवता का संदेश जन-जन तक पहुँचा रही हैं। बाबा गुरबचन सिंह जी ने युवाओं की ऊर्जा को नया आयाम देने के लिए उन्हें सदैव ही खेलों के लिए भी प्रेरित किया ताकि उनकी ऊर्जा को उपयुक्त दिशा मिले, जिससे देश एवं समाज का सुंदर निर्माण हो सकें।

मिशन के भक्तों के लिए रक्तदान पहले से ही जनकल्याण की सेवा भाव में एक अभिन्न अंग रहा है। युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी के कथन ‘रक्त नालियों में नहीं, नाड़ियों में बहे’ इस सन्देश को मिशन के अनुयायियों ने निश्चित रूप में चरितार्थ किया है और जिसे वर्तमान में सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशानुसार निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। इस विशाल रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं के लिए अल्प आहार एवं पेयजल की भी उचित व्यवस्था की जायेगी।

Sushil Kumar Ansh

उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग सरकारी सेवा में कार्यरत सुशील कुमार 'अंश' विश्वबन्धुत्व व मानवता को समर्पित "संत निरंकारी मिशन" में मीडिया सहायक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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