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रिश्तों की दास्तान: प्रेग्नेंट पत्नी को खुलेआम Divorce देने की बात

हमारे समाज में शादी को अटूट माना जाता है, जो एक प्रेरणास्त्रोत बनता है जो जनम-जनम तक चलता है। लेकिन कुछ मामलों में, यह बंधन टूट जाता है और लोग तलाक का सामना करते हैं। ऐसे ही एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें एक पुरुष ने प्रेग्नेंट पत्नी को खुलेआम तलाक देने की बात कही है।

इस व्यक्ति ने साझा किया कि वह और उनकी पत्नी पिछले 10 सालों से साथ हैं, लेकिन उनके बीते 4 सालों की शादी में उन्हें खुशी नहीं मिल रही है। उनकी पत्नी की गैर उपस्थिति और घर की साफ़-सफाई में दिखाई गई लापरवाही के कारण वह तलाक की बात कर रहे हैं।

Divorceका फैसला लेना किसी के लिए भी आसान नहीं होता है, लेकिन कई बार यह आवश्यक हो जाता है। इस मामले में भी, यह निर्णय व्यक्ति के दिल में असहनीय आक्रोश के कारण उठा है।

तलाक Divorce का यह फैसला व्यक्ति के लिए अद्वितीय चुनौती है, जिसे उन्हें उठाना पड़ रहा है। इस मामले में व्यक्ति का दावा है कि वे अपने बच्चे के पिता के रूप में उसके साथ स्थिर रहना चाहते हैं, लेकिन उनकी पत्नी के व्यवहार और उसके साथीकरण की कमी उन्हें इस निर्णय पर मजबूर कर रही है।

इस मामले में व्यक्ति की साहसिकता को सलामी दी जा सकती है, जो खुलेआम अपनी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यह भी एक संकेत है कि समाज के नियम और रिश्तों की प्रकृति को लेकर विचार करना जरूरी है, और यह समय है कि हम इन मुद्दों पर खुलकर विचार करें।

सोशल मीडिया पर प्रेग्नेंट बीवी को खुलेआम Divorce देने की बात कही है. इस शख्स का कहना है कि बच्चा पैदा होते ही वो अपनी पत्नी को छोड़ देगा. शख्स ने रेडिट पर @Glass-Benefit-1662 नाम के अकाउंट से ये बातें शेयर की हैं.

इस शख्स ने लिखा है कि मैं और मेरी पत्नी पिछले 10 सालों से एक-दूसरे के साथ हैं और बीते 4 सालों से शादीशुदा हैं. एक बच्चे का पिता हूं और दोबारा मेरी पत्नी प्रेग्नेंट है. लेकिन जैसे-जैसे दिन गुजर रहा है, वैसे-वैसे यह बात और पुख्ता होती जा रही है कि मैं अब अपनी बाकी जिंदगी उसके साथ नहीं बिताना चाहता. मेरे मन में उसके लिए एक असहनीय आक्रोश है, जो बढ़ता ही जा रहा है. मुझे लगता है कि तलाक कभी भी आसान नहीं होता है, लेकिन मैं ये कदम उठाने को मजबूर हूं.

शख्स ने तलाक की वजह भी बताई है. उसने लिखा है कि मेरी पत्नी घर की साफ-सफाई नहीं करती, जिससे पूरा घर अस्त-व्यस्त रहता है. जब बच्चे नहीं थे, तब भी घर के हालात ऐसे ही थे. साथ ही उसने बताया कि वह खूब पैसे खर्च करती है, जबकि हमारे पास बेहिसाब खर्च के लिए पैसे नहीं है. लेकिन ये सब और बद से बदतर तब हुआ, जब दोबारा प्रेग्नेंट हुई. वह अक्सर गंदे और हकदार व्यवहार प्रदर्शित करती है. मैं बस बच्चे के पैदा होने का इंतजार कर रहा हूं, ताकि तुरंत तलाक के लिए पेपर फाइल कर सकूं. शख्स ने लिखा है कि अब तक हमने तलाक को लेकर कोई चर्चा नहीं किया है.

इस घटना ने सामाजिक मीडिया पर कई प्रश्न उठाए हैं, जैसे कि क्या रिश्तों की आधारभूत वैल्यूज और सामाजिक मान्यताएं हमें एकता और समरसता की दिशा में अवगत करा रही हैं? क्या यह घटना हमें शादी के बंधन को दोबारा समीक्षा करने की आवश्यकता दिखा रही है? और क्या यह मामला हमें समाज में स्त्री एवं पुरुष के रिश्तों के पुनर्विचार की ओर ले जा रहा है?

इस संदर्भ में, हमें यह भी सोचने की आवश्यकता है कि क्या तलाक की समस्या को देखते हुए हमें इसे नए परिपेक्ष्यों से देखने की आवश्यकता है, जिसमें सामाजिक, पारिवारिक, और मानवीय मान्यताओं को समझने की कोशिश की जाए। कुछ समय के लिए हमें अपने पुराने धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं को समीक्षा करने की आवश्यकता हो सकती है, ताकि हम आगे की सोच से अवगत हो सकें।

इस घटना का व्यापक सामाजिक और मानवीय पहलू उठाते हुए, हमें समाज में स्थिति को और भी सुधारने की आवश्यकता है। यह न केवल एक व्यक्ति की कहानी है, बल्कि एक समूह की भी है, जो अपने रिश्तों और मान्यताओं के साथ नए समीक्षात्मक परिपेक्ष्य से गुजर रहा है। इसके अलावा, इस घटना ने यह भी साबित किया है कि सोशल मीडिया की उपयोगिता केवल मनोरंजन के लिए ही नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण टूल हो सकता है जो हमें समाज में समस्याओं को समझने और उन्हें सुलझाने की दिशा में अग्रसर कर सकता है।

Shashank Goel

शशांक गोयल पेशे से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के सहायक प्रवक्ता हैं। सम-सामयिक विषयो पर लिखने वाले शशांक की काव्य कृतियाँ और लेखन प्रबुद्ध वर्ग द्वारा सराहा जाता हैं। प्रकाशन और अध्यापन से जुड़े शशांक गोयल लाइफ कोच के रूप में समाज के हर तबके से जुड़े रहने का प्रयास करते हैं।

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