‘टटीरी’ विवाद में नया मोड़: हरियाणवी सिंगरों ने निकाले नए वर्जन, बादशाह को गीतों से दिया जवाब-Tatiri Song Controversy
Tatiri Song Controversy ने हरियाणा के संगीत जगत में नई बहस छेड़ दी है। हरियाणवी लोकगीत ‘टटीरी’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक नए चरण में पहुंच गया है, जहां कई स्थानीय कलाकारों ने इस गीत को नए अंदाज में गाकर प्रसिद्ध रैपर बादशाह को जवाब देने की कोशिश की है।
बादशाह द्वारा जारी किए गए रैप वर्जन के बाद हरियाणा में कई सामाजिक संगठनों और सांस्कृतिक समूहों ने इसका विरोध किया था। आरोप लगाया गया कि पारंपरिक लोकगीत को ऐसे तरीके से पेश किया गया जिससे उसकी मूल भावना और मर्यादा प्रभावित हुई।
इसी विवाद के बीच अब हरियाणा के कई कलाकारों ने इस लोकगीत को पारंपरिक शैली और नए संदेश के साथ गाकर लोगों के सामने पेश किया है।
बादशाह के गाने के बाद शुरू हुआ विवाद
Tatiri Song Controversy की शुरुआत तब हुई जब रैपर बादशाह ने 1 मार्च को हरियाणवी लोकगीत ‘टटीरी’ का एक नया रैप वर्जन रिलीज किया।
गाने के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने आरोप लगाया कि गाने में कुछ ऐसे शब्द और दृश्य शामिल हैं जो हरियाणवी लोक संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं।
इस विवाद के बाद हरियाणा के कई सामाजिक संगठनों ने इस गीत का विरोध शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर बॉयकॉट अभियान चलाया गया।
बढ़ते विरोध के बाद यह गीत कई प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
सिमरन जागलान और कर्मबीर फौजी का नया वर्जन
विवाद के बाद अब कई कलाकारों ने इस गीत को अपने अंदाज में गाकर सामने रखा है। इसी क्रम में हरियाणवी गायक कर्मबीर फौजी ने अपनी बेटी सिमरन जागलान के साथ मिलकर ‘बोली ए टटीरी’ नाम से नया गीत रिलीज किया है।
सिमरन जागलान वही कलाकार हैं जिन्होंने पहले बादशाह के साथ टटीरी गाने में भी काम किया था। अब उन्होंने अपने पिता के साथ मिलकर इस लोकगीत को पारंपरिक शैली में पेश करने की कोशिश की है।
गीत की वीडियो में सिमरन बुजुर्ग महिलाओं के बीच बैठकर हरियाणवी अंदाज में गीत गाती दिखाई देती हैं। वीडियो में गांव का माहौल और लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है।
गीत सुनते समय आसपास बैठी महिलाएं तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाती नजर आती हैं।
रैप के जरिए दिया गया संदेश
नए वर्जन में कर्मबीर फौजी ने एक रैप भी शामिल किया है जिसमें हरियाणा की संस्कृति और मर्यादा पर जोर दिया गया है।
रैप की पंक्तियां हैं —
“जहां बीरो का शर्माना हो और मर्यादा में गाना हो,
न आवै कदे उल्हाना हो, ऐसा मेरा हरियाणा हो।”
इस रैप के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि हरियाणा की लोक संस्कृति में गीतों की अपनी गरिमा और मर्यादा होती है।
गीत के दूसरे हिस्से में एक और रैप है जिसमें लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रेरित करते हुए दिखाया गया है।
यूट्यूब पर इस गीत को अब तक लगभग एक लाख से अधिक बार देखा जा चुका है।
कैथल की सिंगर सुदेश का ‘असली टटीरी’
Tatiri Song Controversy के बीच हरियाणा के कैथल की रहने वाली सिंगर सुदेश ने भी ‘असली टटीरी’ नाम से गीत जारी किया है।
यह गीत 9 मार्च को क्यूट रोहिल्ला यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया। इसमें सुदेश ने सीधे तौर पर रैपर बादशाह को संबोधित करते हुए कहा है कि टटीरी गीत को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
गीत की पंक्तियों में कहा गया है —
“आज्या तनै बादशाह सुनाऊं रे टरीरी,
ऐसी ना थी जैसी तनै बनाई रे टटीरी।”
गीत में यह भी कहा गया कि लोकगीत को गंदे शब्दों के साथ प्रस्तुत करना उसकी मर्यादा के खिलाफ है।
गीत के जरिए दी गई सलाह
सुदेश द्वारा गाए गए गीत में यह संदेश दिया गया है कि लोकगीतों को उनकी मूल भावना के साथ ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
गीत में कहा गया कि पारंपरिक गीतों में अश्लील शब्दों या अनुचित प्रस्तुतिकरण से बचना चाहिए।
गीत की अंतिम पंक्तियों में सिंगर ने हाथ जोड़कर यह अपील भी की कि हरियाणवी लोक संस्कृति की गरिमा को बनाए रखा जाए।
यूट्यूब पर इस गीत को अब तक लगभग ढाई लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।
हरियाणा महिला आयोग की कार्रवाई
इस पूरे विवाद के बाद मामला हरियाणा महिला आयोग तक भी पहुंच गया है।
आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने गाने में आपत्तिजनक शब्दों और लड़कियों के दृश्य दिखाने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि सिंगर बादशाह को समन भेजा गया है।
उन्हें 13 मार्च को पानीपत के एसपी ऑफिस में पेश होने के लिए कहा गया है।
रेनू भाटिया ने एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर सिंगर आयोग के सामने पेश नहीं होते हैं तो हरियाणा में उनके गाने चलने नहीं दिए जाएंगे।
बादशाह ने मांगी थी माफी
विवाद बढ़ने के बाद रैपर बादशाह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर लोगों से माफी मांगी थी।
उन्होंने कहा था कि अगर उनके गाने से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें हरियाणा का बेटा समझकर माफ कर दिया जाए।
हालांकि हरियाणा महिला आयोग ने कहा कि केवल माफी से मामला खत्म नहीं होता और पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी।
लोकगीत और आधुनिक संगीत के बीच बहस
Tatiri Song Controversy ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारंपरिक लोकगीतों को आधुनिक संगीत शैली में प्रस्तुत करते समय किन सीमाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।
कई सांस्कृतिक विशेषज्ञों का मानना है कि लोकगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि किसी क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और पहचान का हिस्सा होते हैं। इसलिए उन्हें नए रूप में पेश करते समय उनकी मूल भावना और मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है।

