दुर्गाष्टमी पर मां महागौरी की आराधना से गूंजा Muzaffarnagar, कन्या पूजन और भक्ति के रंग में डूबा पूरा शहर
News-Desk
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Chaitra Navratri Muzaffarnagar, Durga Ashtami Muzaffarnagar, Kanya Pujan Muzaffarnagar, Navratri Festival UP IndiaMuzaffarnagar जिलेभर में गुरुवार को दुर्गाष्टमी का पर्व गहरी आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां भक्तों ने मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।
चैत्र नवरात्रि के इस विशेष दिन मंदिरों में घंटों तक श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। पूजा स्थलों पर जयकारों की गूंज, मंत्रोच्चार और आरती के स्वर से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मां महागौरी की आराधना का विशेष धार्मिक महत्व
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा को अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि उनकी उपासना से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है।
इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने सुबह से मंदिरों में पहुंचकर दीप प्रज्वलित किए, नारियल और चुनरी अर्पित की तथा विशेष अनुष्ठान संपन्न किए। कई स्थानों पर दुर्गा सप्तशती का पाठ और सामूहिक भजन-कीर्तन का आयोजन भी हुआ, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
कन्या पूजन के साथ खोले गए नवरात्रि व्रत
दुर्गाष्टमी के अवसर पर परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन कर अपने व्रत का समापन किया। छोटी बालिकाओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनके चरण धोए गए, माथे पर तिलक लगाया गया और सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाकर भोजन कराया गया।
घर-घर में पूड़ी, हलवा और चने का प्रसाद तैयार किया गया। कन्याओं को दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया गया। इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव और परंपरागत संस्कृति की झलक भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
देवी मंदिरों में सुबह से लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें
शहर के प्रमुख देवी मंदिरों को आकर्षक फूलों की सजावट और रोशनी से सजाया गया था। मंदिर परिसरों में भक्तों की लगातार आवाजाही बनी रही और श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना करते नजर आए।
आरती के दौरान माता के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। कई स्थानों पर सामूहिक भजन संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
महिलाओं में दिखा विशेष उत्साह और श्रद्धा
इस पावन अवसर पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो गई थीं। कई परिवारों ने इसी दिन नौ दिनों के कठिन व्रत का विधिवत समापन किया। धार्मिक अनुशासन और श्रद्धा का यह दृश्य पूरे जनपद में देखने को मिला।
धार्मिक आयोजनों से भक्तिमय बना वातावरण
जिले के विभिन्न मंदिरों और सामुदायिक स्थलों पर दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन और भजन-कीर्तन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
भक्तों ने सामूहिक रूप से माता के भजन गाकर वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। मंदिरों में देर शाम तक श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा।
बाजारों में भी दिखी नवरात्रि की रौनक
दुर्गाष्टमी के अवसर पर शहर के बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। पूजा सामग्री, फल, मिठाई और प्रसाद की दुकानों पर दिनभर भीड़ बनी रही।
श्रद्धालुओं ने प्रसाद, नारियल, चुनरी और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी की। बाजारों की रौनक ने पर्व के उल्लास को और अधिक बढ़ा दिया।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी दिखा संदेश
दुर्गाष्टमी का पर्व केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सामाजिक एकता और पारंपरिक संस्कृति की मजबूती का भी संदेश दिया। मंदिरों और घरों में सामूहिक रूप से आयोजित पूजन कार्यक्रमों ने लोगों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां महागौरी की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

