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ऑपरेशन सवेरा में भोपा Muzaffarnagar पुलिस का बड़ा एक्शन: 5 किलो से ज्यादा गांजे के साथ मेरठ का अंतरजनपदीय तस्कर गिरफ्तार
Muzaffarnagar थाना पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में मेरठ निवासी सनी पुत्र देवराज को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 5 किलो 80 ग्राम अवैध गांजा बरामद करने का दावा किया गया है। थाना भोपा में मुकदमा अपराध संख्या 190/2026 के तहत धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
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जानसठ में आग से पहले जागेगा Muzaffarnagar प्रशासन या हादसे के बाद? रिहायशी इलाकों में ज्वलनशील किताबों के गोदाम बने बड़ा खतरा
Muzaffarnagar कहीं ऐसा न हो कि आज जिन गलियों में लोग यह कह रहे हैं कि “यहां कुछ नहीं होगा”, वहीं कल कोई बड़ी दुर्घटना होने के बाद वही लोग पूछते नजर आएं—”निरीक्षण पहले क्यों नहीं हुआ?” प्रशासन की सबसे बड़ी सफलता किसी हादसे के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समय रहते संभावित खतरे को पहचानकर उसे टाल देना है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जानसठ में भी सुरक्षा व्यवस्था कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर दिखाई दे।
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FIFA-ट्रम्प के फोन के बाद अमेरिकी खिलाड़ी का रेड-कार्ड रद्द
FIFA इन्फेंटिनो ने सोशल मीडिया पर कहा कि अनुशासन समिति ने पूरी स्वतंत्रता के साथ निर्णय लिया है और हर मामले का मूल्यांकन संबंधित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जाता है। हालांकि, इस फैसले ने विश्व कप के दौरान फीफा की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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Noida में ‘मौत के यूनिपोल’ पर किसका संरक्षण? छजारसी-खोड़ा में हादसे के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं, करोड़ों के राजस्व पर भी उठे सवाल
Noida छजारसी और खोड़ा के आसपास लगे कथित अवैध यूनिपोल अब केवल विज्ञापन शुल्क और संभावित राजस्व नुकसान का मामला नहीं रह गए हैं। एक यूनिपोल गिरने से व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने के बाद सवाल सीधे आम जनता की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर खड़ा है। यदि ये यूनिपोल वैध हैं तो उनकी अनुमति और सुरक्षा स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, और यदि अवैध हैं तो इन्हें तत्काल हटाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। निष्पक्ष जांच यह भी तय करे कि संभावित राजस्व नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है और प्रभावी कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई। आखिर किसी की जान जाने के बाद जागने का इंतजार क्यों किया जाए?







































