News Flash
रंगतरंग
City-Region
Health Corner
MuzaffarnagarView All

Muzaffarnagar में आज पहुंचेगे शंकराचार्य स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद, ‘गौ माता को राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने की मुहिम को देंगे नई धार
Muzaffarnagar में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम गौ संरक्षण और गौ सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शंकराचार्य स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद के आगमन के साथ गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। आयोजन समिति का मानना है कि यह अभियान समाज में जागरूकता बढ़ाने और गौ संरक्षण के प्रति सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
EditorialView All

Muzaffarnagar में गर्मी का कहर: 38 डिग्री तापमान, लेकिन 43 डिग्री जैसी तपिश से बेहाल लोग, बाजारों में पसरा सन्नाटा
Muzaffarnagar में बढ़ती गर्मी और उमस ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तापमान भले ही 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो रहा हो, लेकिन कम हवा और अधिक नमी के कारण लोगों को 43 डिग्री जैसी तपिश महसूस हो रही है। सड़कों पर कम होती भीड़, बाजारों में घटती रौनक और गर्मी से बचने के लिए अपनाए जा रहे उपाय इस बात का संकेत हैं कि मौसम फिलहाल लोगों की परीक्षा ले रहा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि पर्याप्त पानी पीते रहें, दोपहर की धूप से बचें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें।
FeatureView All
SportsView All

Vaibhav Suryavanshi विवाद पर BCCI का बड़ा बयान: ‘कार्रवाई का अधिकार हमारा नहीं’, श्रीलंका ए मैच के बाद हुई धक्का-मुक्की पर अटकलों पर विराम
Vaibhav Suryavanshi इस विवाद ने युवा क्रिकेट में अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। फिलहाल BCCI ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले में सीधे कार्रवाई करने वाली संस्था नहीं है और अंतिम फैसला मैच अधिकारियों तथा संबंधित क्रिकेट बोर्डों की प्रक्रिया के तहत ही होगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मैच रेफरी की सिफारिशों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है और क्या किसी खिलाड़ी पर औपचारिक दंड लगाया जाता है या नहीं।
Uttar PradeshView All

World Vitiligo Day 2026 पर मथुरा बनेगा जागरूकता का केंद्र: कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह और प्रेरक कहानियों से टूटेगा भेदभाव का कलंक
World Vitiligo Day 2026 कार्यक्रम जागरूकता, संवेदनशीलता और सामाजिक स्वीकृति का एक महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है। कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह और प्रेरणादायक अनुभवों के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि विटिलिगो किसी व्यक्ति की क्षमता या पहचान को निर्धारित नहीं करता। समाज में सकारात्मक सोच और सम्मान का वातावरण बनाकर ही ऐसे लोगों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया जा सकता है, जो आज भी अनावश्यक सामाजिक पूर्वाग्रहों का सामना कर रहे हैं।





































