Aligarh स्पा सेंटर रैकेट का भंडाफोड़: मसाज की आड़ में Sex देह व्यापार, 7 युवतियां और 14 लोग गिरफ्तार, इंटरस्टेट नेटवर्क की जांच तेज
News-Desk
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aligarh, Aligarh news, Human Trafficking, Law and Order, local news, Police raid, Prostitution Case, Spa Racket, Uttar Pradesh crimeAligarh शहर में एक ऐसी कार्रवाई सामने आई, जिसने शहर की शांत छवि के पीछे छिपे अवैध कारोबार की परतें खोल दीं। समद रोड स्थित मंगलम कॉम्प्लेक्स में पुलिस और प्रशासनिक टीम ने स्पा-मसाज सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस संयुक्त छापेमारी में दो अलग-अलग सेंटरों से सात युवतियों समेत कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि मौके से कई आपत्तिजनक सामग्री और सबूत बरामद किए गए हैं।
यह कार्रवाई न सिर्फ स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है, बल्कि इसने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी और लाइसेंसिंग प्रक्रिया कितनी प्रभावी है।
🔴 लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि मंगलम कॉम्प्लेक्स के पहले माले पर “क्लासिक” और दूसरे माले पर “क्लाउड-7” नाम से चल रहे स्पा-मसाज सेंटरों में केवल मसाज की सेवाएं ही नहीं, बल्कि देह व्यापार का भी संचालन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और कुछ सामाजिक संगठनों की ओर से भी इसकी शिकायतें अधिकारियों तक पहुंची थीं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने पहले साक्ष्य जुटाने का फैसला किया, ताकि किसी भी तरह की कार्रवाई ठोस आधार पर की जा सके।
🔴 अंडरकवर ऑपरेशन: ग्राहक बनकर भेजा गया पुलिसकर्मी
पुलिस ने एक रणनीतिक कदम उठाते हुए एक पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर सेंटर के भीतर भेजा। वहां उसे मसाज की आड़ में “अन्य सुविधाएं” उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई। शुरुआती शुल्क करीब 2500 रुपये बताया गया, जिसके बाद अतिरिक्त सेवाओं के लिए अलग-अलग दरें तय होने की बात सामने आई।
इस गुप्त जांच के बाद अधिकारियों को पूरा यकीन हो गया कि सेंटर के भीतर अवैध गतिविधियां चल रही हैं। इसके बाद तत्काल छापेमारी की योजना बनाई गई।
🔴 संयुक्त छापेमारी: प्रशासन और पुलिस की सटीक कार्रवाई
शनिवार शाम सीओ तृतीय सर्वम सिंह, एसीएम दिग्विजय सिंह और सिविल लाइंस थाना प्रभारी विनोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मंगलम कॉम्प्लेक्स पहुंची। दोनों सेंटरों में एक साथ छापा मारा गया, ताकि किसी को भागने का मौका न मिले।
छापेमारी के दौरान दोनों जगहों से कुल सात युवतियों को पकड़ा गया। इसके अलावा क्लाउड-7 सेंटर के संचालक पार्टनर संजय और उसका रिसेप्शनिस्ट भी हिरासत में लिए गए। दोनों सेंटरों से पांच युवक, जो ग्राहक बताए जा रहे हैं, उन्हें भी पकड़ा गया।
🔴 तलाशी में मिले चौंकाने वाले सबूत
पुलिस टीम को तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक वस्तुएं मिलीं, जो देह व्यापार की पुष्टि करती हैं। इसके साथ-साथ मसाज से जुड़े उत्पाद भी बरामद किए गए, जिससे यह साफ हुआ कि सेंटर एक साथ वैध और अवैध दोनों गतिविधियों का संचालन कर रहे थे।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि दोनों सेंटरों में छोटे-छोटे कमरे बने हुए थे, लेकिन इनमें मसाज टेबल की जगह करीब छह-छह बेड लगाए गए थे। यह व्यवस्था खुद ही पूरे नेटवर्क की पोल खोलने के लिए काफी थी।
🔴 महिला थाना पुलिस की मौजूदगी और आगे की प्रक्रिया
छापेमारी के बाद पुलिस टीम ने महिला थाना पुलिस को मौके पर बुलाया, ताकि पकड़ी गई युवतियों से संवेदनशीलता के साथ पूछताछ की जा सके। सभी को सिविल लाइंस थाना लाया गया, जहां देर रात तक पूछताछ का सिलसिला चलता रहा।
इस बीच “क्लासिक” सेंटर का एक कर्मचारी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने अलग टीम गठित की है।
🔴 कहां से लाई गई थीं युवतियां: इंटरस्टेट कनेक्शन का खुलासा
सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार, पूछताछ में यह बात सामने आई कि पकड़ी गई सात युवतियों में एक पश्चिम बंगाल की, एक नेपाल की, दो कानपुर की और तीन दिल्ली की निवासी हैं। इनमें से एक की उम्र 35 साल से अधिक बताई गई है, जबकि बाकी सभी 20 से 25 वर्ष के बीच की हैं।
युवतियों ने बताया कि उन्हें मासिक वेतन के आधार पर दिल्ली से बुलाया गया था। इसी परिसर के एक कमरे में उनके रहने की व्यवस्था की गई थी, जहां से वे दिन भर सेवाएं देने के लिए अलग-अलग कमरों में भेजी जाती थीं।
🔴 कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम और संगठित नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि युवतियों को एक तरह के “कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम” के तहत रखा गया था। उन्हें हर महीने तय रकम दी जाती थी, और सेंटर का संचालन करने वाले लोग उनके आने-जाने और ठहरने की पूरी व्यवस्था करते थे।
पहले माले के सेंटर का संचालक मथुरा निवासी अभिषेक बताया गया है, जबकि दूसरे माले के सेंटर का पार्टनर संजय पकड़ा गया है। दोनों के साथी फिलहाल फरार हैं।
🔴 पकड़े गए ग्राहक: छात्र और नवयुवक भी शामिल
पुलिस के अनुसार, जिन पांच ग्राहकों को हिरासत में लिया गया है, वे सभी नवयुवक और छात्र हैं। उनसे भी पूछताछ की जा रही है कि वे इन सेंटरों तक कैसे पहुंचे और उन्हें इन अवैध गतिविधियों की जानकारी पहले से थी या नहीं।
यह पहलू भी जांच का हिस्सा है कि क्या इन सेंटरों का प्रचार किसी सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए किया जा रहा था।
🔴 कानूनी कार्रवाई की तैयारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा और देह व्यापार, मानव तस्करी, और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार किन-किन शहरों और राज्यों से जुड़े हैं।
प्रशासन का दावा है कि इस मामले को उदाहरण बनाकर ऐसे अवैध प्रतिष्ठानों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🔴 शहर में सुरक्षा और निगरानी पर सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि इतने लंबे समय तक यह अवैध गतिविधियां कैसे चलती रहीं। नागरिकों का कहना है कि कॉम्प्लेक्स जैसे सार्वजनिक और व्यस्त स्थानों पर नियमित निरीक्षण और लाइसेंस की जांच और सख्त होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्पा और मसाज सेंटरों के नाम पर चलने वाले कई प्रतिष्ठानों की आड़ में इस तरह के धंधे फलते-फूलते हैं, क्योंकि इनकी निगरानी व्यवस्था अक्सर कमजोर होती है।
🔴 प्रशासन का संदेश: जीरो टॉलरेंस नीति
अधिकारियों ने साफ किया है कि देह व्यापार और मानव तस्करी जैसे अपराधों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी। आने वाले दिनों में शहर के अन्य स्पा, मसाज पार्लर और ऐसे प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर लगाम लगाई जा सके।
🔴 समाज की भूमिका भी अहम
सामाजिक संगठनों का कहना है कि सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से ही इस समस्या का समाधान नहीं होगा। समाज को भी सतर्क रहना होगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देनी होगी।
यह मामला यह भी दिखाता है कि कैसे आर्थिक मजबूरी और बेहतर जिंदगी के सपने दिखाकर युवतियों को ऐसे नेटवर्क में फंसाया जाता है, जहां से निकलना आसान नहीं होता।

