Moradabad में पेंटर योगेश की हत्या: मनोज और स्वाति की संदिग्ध साजिश से सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
Moradabad: पाकबड़ा के गुरैठा गांव निवासी पेंटर योगेश की हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या करने के बाद आरोपी मनोज ने पाकबड़ा से नया सिम कार्ड खरीदा और इसके जरिए स्वाति के साथ लगातार व्हाट्सएप कॉल पर संपर्क में रहा।
सूत्रों के मुताबिक, मनोज ने हत्या के बाद पुलिस और ग्रामीणों की हर गतिविधि की जानकारी स्वाति के माध्यम से प्राप्त की। यह खुलासा इस मामले की जटिलता और सुनियोजित साजिश को दर्शाता है।
स्वाति की भूमिका और मनोज के षड़यंत्र
गुरैठा गांव निवासी शोभाराम की बेटी स्वाति हर हाल में सैलून चलाने वाले बदायूं निवासी मनोज को पाना चाहती थी। इसके लिए वह अपने पिता और भाइयों को जेल भिजवाने तक को तैयार हो गई थी। पुलिस ने मनोज, स्वाति और मनोज के रिश्तेदार मंजीत को पहले ही जेल भेज चुकी है।
जांच में यह बात सामने आई कि 17 सितंबर की रात पेंटर योगेश की हत्या करने के बाद मनोज ने शोभाराम, उसके बेटे कपिल और गौरव को फंसाने के लिए पुलिस को कॉल की थी। इसके बाद मनोज और उसका रिश्तेदार पाकबड़ा में किराए के मकान में चले गए। सुबह उन्होंने नया सिम कार्ड खरीदा और इसके जरिए स्वाति से लगातार संपर्क बनाए रखा।
व्हाट्सएप कॉल्स और डिजिटल साक्ष्य
पुलिस के अनुसार, मनोज ने स्वाति के जरिए पल-पल की जानकारी हासिल की। जब पुलिस शोभाराम और उसके बेटों को पकड़ कर थाने ले गई, तो स्वाति ने मनोज को इसके बारे में भी कॉल कर जानकारी दी। दोनों के बीच दर्जनों बार व्हाट्सएप पर बातचीत हुई, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया।
पुलिस ने मनोज और स्वाति के बीच हुई बातचीत की कॉल डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्य को कब्जे में लिया है। यह साक्ष्य चार्जशीट का हिस्सा होंगे और आरोपीयों को कोर्ट में सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पुलिस की जांच और फोरेंसिक साक्ष्य
पुलिस इस मामले में डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों का इस्तेमाल कर रही है। इसके तहत मनोज और स्वाति के फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और संदेशों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला न केवल मुरादाबाद में अपराध की नई परिभाषा पेश करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि डिजिटल दुनिया में कैसे साजिश को अंजाम दिया जा सकता है।
जांच अधिकारी ने कहा, “हम आरोपीयों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं। डिजिटल साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच से मामले की गहराई सामने आई है। यह लोगों के लिए एक चेतावनी भी है कि कोई भी अपराध बिना सबूत के नहीं रह सकता।”
मनोज और स्वाति का जुर्म: ग्रामीण और पुलिस पर नजर
जांच से यह बात सामने आई कि मनोज और स्वाति ने न सिर्फ अपने निजी स्वार्थ के लिए योगेश की हत्या की, बल्कि ग्रामवासी और पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखी। मनोज ने यह सुनिश्चित किया कि वह हमेशा अपडेटेड रहे और अपने आप को सुरक्षित ठहराए।
इस तरह की सुनियोजित हत्या और साजिश से यह मामला पूरे मुरादाबाद जिले में चर्चा का विषय बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दोषियों को सजा दिलाना प्राथमिकता है।

