परिक्रमा मार्ग की बदहाल सड़क पर फूटा गुस्सा: सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे, ‘गड्ढों में सड़क’ के मुद्दे पर Muzaffarnagar में जोरदार प्रदर्शन
News-Desk
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civil lines police response, Jai Samta Party protest, local residents agitation, Muzaffarnagar road issue, Parikrama road protest, Reshu Vihar Phatak problem, road construction demandMuzaffarnagar। परिक्रमा मार्ग, विशेषकर रेशू विहार फाटक रोड, की बदहाल हालत अब क्षेत्रवासियों के लिए असहनीय बन चुकी है। सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि लोग इसे “गड्ढों में सड़क” कहकर संबोधित कर रहे हैं।
इन्हीं समस्याओं से परेशान स्थानीय लोगों ने सोमवार को जोरदार Parikrama Road protest करते हुए सड़क निर्माण की मांग को बुलंद आवाज़ में उठाया।
निवासियों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण कार्य तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो विरोध प्रदर्शन को और बड़ा किया जाएगा। प्रदर्शन की वजह से क्षेत्र में हलचल तेज रही और लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रशासन को जगाने की कोशिश की।
रेशू विहार फाटक रोड पर सड़क की हालत बेहद खतरनाक—“सड़क नहीं, गड्ढे हैं”
स्थानीय लोगों ने बताया कि परिक्रमा मार्ग की सड़क कई महीनों से पूरी तरह तबाह पड़ी है।
लोगों के अनुसार—
सड़क में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क नजर आती है
भारी जलभराव की वजह से स्थिति और खराब हो जाती है
राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के गिरने के कई मामले सामने आए हैं
रोजाना लाखों रुपए की गाड़ियों को नुकसान पहुंच रहा है
रेशू विहार फाटक के पास एक बड़ा कॉलेज भी है, जहाँ रोजाना हजारों छात्र-छात्राएँ पहुंचते हैं।
छात्रों को कीचड़, जाम, गड्ढों और पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे अभिभावक भी बेहद चिंतित हैं।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि वर्षों से इस मार्ग पर नेता और अधिकारी गुजरते रहते हैं, लेकिन सड़क को ठीक करने की फुर्सत किसी को नहीं है।
राजनीतिक नेताओं और समाजसेवियों पर उपेक्षा का आरोप—“न किसी ने देखा, न सुध लिया”
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार स्थानीय समाजसेवियों, पार्षदों और राजनीतिक व्यक्तियों को सड़क की खराब स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन—
न निरीक्षण हुआ
न कोई टीम भेजी गई
और न ही सुधार कार्य की शुरुआत
लोगों का आरोप है कि चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सड़क जैसी मूलभूत जरूरतें अब भी अधूरी हैं।
हर दिन हजारों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़क की टूट-फूट नजरअंदाज की जा रही है।
Parikrama Road protest के दौरान नागरिकों ने कहा—
“जब तक यह सड़क पूरी तरह बन नहीं जाती, हम शांत बैठने वाले नहीं।”
जय समता पार्टी के जिलाध्यक्ष मौ. हसन के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन—सैकड़ों लोग हुए शामिल
रेशू विहार चौक पर सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई। जय समता पार्टी के जिलाध्यक्ष मौ. हसन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी सड़क निर्माण की मांग को लेकर एकत्रित हुए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा—
प्रशासन की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं
सड़क मरम्मत तत्काल शुरू हो
जलभराव और गड्ढों से राहत की व्यवस्था की जाए
नियमित निरीक्षण और सफाई हो
हसन ने स्पष्ट कहा कि सड़क की यह हालत जिले की छवि खराब कर रही है और आम जनता की सुरक्षा खतरे में है।
उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि जनता की मांग पूरी न होने पर आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची—इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार ने लिया स्थिति का जायजा
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए थाना सिविल लाइन के इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक बात की, उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि—
सड़क निर्माण प्रस्ताव को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा
जलभराव और यातायात समस्या पर तुरंत ध्यान दिया जाएगा
जल्द ही सुधार कार्य शुरू कराए जाएंगे
पुलिस के आश्वासन और प्रशासन की प्रतिक्रिया के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हुआ।
जनता की मांग—“Parikrama Road protest तभी रुकेगा जब सड़क बनेगी”
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण को लेकर अब वे किसी आश्वासन या वादे पर भरोसा नहीं करेंगे।
जब तक—
सड़क का निर्माण
गड्ढों की मरम्मत
जलभराव की रोकथाम
और ठोस ड्रेनेज व्यवस्था
शुरू नहीं होती, तब तक वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
प्रदर्शन में उपस्थित नागरिकों का कहना था कि यह सड़क सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है।
उनका कहना है—
“अगर सड़क ठीक होगी, तभी सुरक्षा होगी, तभी आवाजाही सामान्य होगी।”

