Disaster management

Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar में आपदा मित्रों की शक्ति का प्रदर्शन: गृह मंत्री के संवाद में स्वयंसेवकों ने दिखाई एकजुटता और सेवा का संकल्प

Muzaffarnagar Disaster Mitra कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया है कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक केवल आपदा के समय ही नहीं, बल्कि हर दिन समाज की सुरक्षा और विश्वास की नींव मजबूत करते हैं। एनआईसी कक्ष से उठा यह संवाद आने वाले समय में और अधिक संगठित, जागरूक और सक्षम समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनकर उभरा है।

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Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar Disaster Mitra Training: मुजफ्फरनगर से लखनऊ रवाना हुए आपदा मित्र, 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण से जिले को मिलेगी नई आपदा-ढाल

Muzaffarnagar से लखनऊ तक का यह प्रशिक्षण सफर केवल 24 आपदा मित्रों की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे जिले की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की पहल है। संकट की घड़ी में यही प्रशिक्षित हाथ, सजग आंखें और मजबूत इरादे हजारों जिंदगियों के लिए ढाल बन सकते हैं—और यही इस अभियान की असली ताकत है।

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Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar के इंडिया पोटाश लिमिटेड में आपातकालीन मॉक ड्रिल, अग्निकाण्ड नियंत्रण को लेकर कर्मचारियों ने दिखाया तत्परता

Muzaffarnagar के रोहाना स्थित इंडिया पोटाश लिमिटेड का यह मॉक ड्रिल आगामी समय में अन्य उद्योगों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करता है। इसने न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, बल्कि प्लांट के समग्र संचालन और सुरक्षा कार्यों को भी सुनिश्चित किया। इस प्रकार के मॉक ड्रिल्स का आयोजन सुनिश्चित करता है कि हर कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर पूरी तरह से तैयार रहे और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहे।

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उत्तर प्रदेश

राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज: Disaster Management की तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम

Disaster Management इस मॉक एक्सरसाइज के बाद, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम और जन जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। इससे न केवल अधिकारियों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी आपदा प्रबंधन की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा।

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उत्तर प्रदेश

कानपुर आपदा : 15 मृतकों के परिजनों को 4 लाख के अनुसार कुल 60,00,000 का भुगतान

इससे पहले भी जिले में पड़ी ठंड व कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त था। इसे देखते हुए किसानों को फसलों की सिंचाई न करने की सलाह दी गई है। उस समय भी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

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