judiciary verdict

उत्तर प्रदेश

Jhansi का सनसनीखेज केस: फर्जी मार्कशीट से पीएसी में नौकरी पाने वाले सिपाही को 5 साल की सजा, मंत्री की गवाही ने फैसले में निभाई अहम भूमिका

Jhansi असीम अरुण ने इस मामले की जांच कराई और एसएसपी को शिकायत दर्ज करवाई। प्रेमनगर थाने में केस दर्ज होने के बाद राजेश को गिरफ्तार किया गया। बाद में असीम अरुण नौकरी छोड़कर राजनीति में आ गए और आज योगी सरकार में समाज कल्याण मंत्री हैं। 21 जनवरी 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने अदालत में गवाही दी, जिसने केस का रुख ही बदल दिया।

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