UK–Pakistan में कूटनीतिक तकरार: ग्रूमिंग गैंग के यौन अपराधियों को सौंपने पर ‘डील’ की कोशिश, दो राजनीतिक विरोधियों की प्रत्यर्पण मांग से विवाद भड़का
News-Desk
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child exploitation gangs UK, grooming gang criminals, Pakistan UK diplomatic tensions, Pakistani offenders UK, political dissidents extradition, Rochdale grooming case, UK Pakistan extradition deal, UK–PakistanUK Pakistan extradition deal को लेकर ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव तेजी से बढ़ गया है। एक बेहद संवेदनशील और कानूनी रूप से जटिल मामले में पाकिस्तान ने संकेत दिया है कि वह ब्रिटेन में रह रहे अपने यौन अपराधियों को वापस लेने को तैयार है—लेकिन इसके बदले वह ब्रिटेन से दो प्रमुख राजनीतिक विरोधियों को सौंपने की मांग कर रहा है।
यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच चल रहे रिश्तों में “एक अभूतपूर्व मोड़” की तरह देखा जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी इस कदम को “राजनीतिक सौदेबाज़ी” के रूप में आलोचना मिल रही है।
कौन हैं वे यौन अपराधी जिन्हें पाकिस्तान वापस लेने की बात कर रहा है?
पाकिस्तान की तरफ से जिन अपराधियों के प्रत्यर्पण की बात सामने आई है, वे रोचडेल ग्रूमिंग गैंग के कुख्यात सदस्य—
कारी अब्दुल रऊफ
आदिल खान
ये वही अपराधी हैं जिन पर 47 नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण, हिंसा और मानव तस्करी का आरोप साबित हुआ है।
2008 से 2010 के बीच चल रहे इस संगठित अपराध में इन दोनों ने—
शराब
ड्रग्स
मुफ्त खाना
सिगरेट
का लालच देकर कम उम्र की लड़कियों को फंसाया, फिर यौन शोषण कर उन्हें अन्य पुरुषों को “बेचने” तक की कोशिश की।
2012 में—
आदिल खान पर 13 साल की लड़की को प्रेग्नेंट करने, और 15 साल की लड़की की तस्करी का दोष सिद्ध हुआ।
अब्दुल रऊफ पर 15 साल की बच्ची के साथ बार-बार यौन शोषण का आरोप साबित हुआ।
दोनों को 6–8 साल की जेल हुई, लेकिन आधी सजा से पहले ही रिहा हो गए।
कानूनी पेच जिसके कारण ब्रिटेन 10–12 साल से इन अपराधियों को डिपोर्ट नहीं कर पाया
रिहा होने के बाद दोनों अपराधियों को पाकिस्तान भेजा जाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने दावा किया कि—
उन्होंने “अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी” है
इसलिए वे stateless (बिना देश के) हैं
उन्हें पाकिस्तान भेजना “अनुचित और अवैध” होगा
ब्रिटेन के कानून के अनुसार किसी व्यक्ति को ऐसी जगह डिपोर्ट नहीं किया जा सकता—
जहाँ उसे नागरिकता का अधिकार न हो
जहाँ उसके लिए सुरक्षा खतरा हो
यही वजह है कि इतने गंभीर अपराध करने के बावजूद ये दोनों अब तक ब्रिटेन में ही रह रहे हैं।
पाकिस्तान का प्रस्ताव—“अपराधी दो, लेकिन हमारे दो राजनीतिक विरोधियों को लौटाओ”
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान ने ब्रिटेन को संदेश दिया है कि वह इन दोनों यौन अपराधियों को वापस ले सकता है, लेकिन बदले में—
शहजाद अकबर
आदिल राजा
को पाकिस्तान भेजा जाए।
दोनों लंबे समय से ब्रिटेन में रह रहे हैं और इमरान खान के समर्थक माने जाते हैं।
शहजाद अकबर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेहद करीबी और एंटी-करप्शन मामलों के विशेषज्ञ हैं
आदिल राजा पाकिस्तान सेना के पूर्व मेजर हैं और अब यूट्यूब पर सेना व सरकार के आलोचक के रूप में सक्रिय हैं
पाकिस्तान की इस मांग को ब्रिटेन में “राजनीतिक दबाव बनाने” की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
मानवाधिकार संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया—“यौन अपराधियों को राजनीतिक हथियार बना रहा पाकिस्तान”
कई इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन ने पाकिस्तान की इस मांग को बेहद अनैतिक बताया है।
उनका कहना है—
“यौन अपराधियों को राजनीतिक डील में इस्तेमाल करना न्याय व्यवस्था का दुरुपयोग है।”
कुछ संगठनों ने कहा कि पाकिस्तान इस तरह विदेश में बैठे आलोचकों को डराने और चुप कराने की कोशिश कर रहा है।
ब्रिटेन में भी लोगों का गुस्सा उफान पर है क्योंकि रोचडेल ग्रूमिंग गैंग के अपराधी वर्षों से डिपोर्टेशन से बचते रहे हैं।
1400 लड़कियों का दर्द—ग्रूमिंग गैंग्स ब्रिटेन की सबसे काली हकीकत
ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग का जाल 1997 से 2013 तक सबसे ज्यादा फैला और 2022 की एक रिपोर्ट ने बताया कि—
कम से कम 1400 नाबालिग बच्चियां
रॉदरहैम, रोशडेल, ब्रिस्टल, डर्बीशायर और कॉर्नवाल में यौन शोषण का शिकार हुईं।
इन मामलों में अधिकतर आरोपी पाकिस्तानी मूल के बताए गए।
ये गैंग बच्चियों को—
प्यार–दोस्ती के झांसे
पार्टियों
शराब व ड्रग्स
के जरिए अपने trap में फंसाते थे।
उसके बाद उन पर—मानसिक नियंत्रण
हिंसा
गैंग रेप
मानव तस्करी
प्रॉस्टिट्यूशन में धकेलने
जैसे अपराध होते रहे।
कुछ बच्चियों को जबरन गर्भपात कराना पड़ा, कुछ ने ऐसे बच्चों को जन्म दिया जिनके “पिता” का नाम तक उन्हें नहीं पता था।
इलॉन मस्क ने भी ब्रिटेन पर उठाए थे सवाल—सरकार की बड़ी विफलता उजागर
टेस्ला प्रमुख इलॉन मस्क ने जनवरी 2025 में खुलकर ग्रूमिंग गैंग मामलों पर ब्रिटेन की आलोचना की थी।
इसके बाद सरकार ने बैरोनेस लुईस केसी की अगुआई में एक बड़ी जांच शुरू कराई।
रिपोर्ट के निष्कर्ष चौंकाने वाले थे—
पिछले एक दशक से अधिक समय से सरकार के पास अपराधियों की जाति, पृष्ठभूमि और नेटवर्क की पर्याप्त जानकारी मौजूद ही नहीं थी
यह खुफिया और प्रशासनिक स्तर की “गंभीर विफलता” बताई गई
12 अहम सिफारिशें दी गईं, जिनमें “राष्ट्रीय जांच” भी शामिल थी
पीएम कीर स्टार्मर ने उसी आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर जांच शुरू की।
कैसे काम करते हैं ग्रूमिंग गैंग?—शोषण की ‘स्टेप-बाय-स्टेप’ क्रूर प्रक्रिया
इन अपराधी समूहों का तरीका बेहद संगठित और मनोवैज्ञानिक रूप से खतरनाक होता है—
पहले दोस्ती – बच्चियों से दोस्ती, भरोसा, सहानुभूति
फिर लालच – खाना, शराब, ड्रग्स, गिफ्ट
फिर अलगाव – परिवार से दूर करना, धमकाना
फिर शोषण – यौन अपराध, वीडियो बनाना
फिर नियंत्रण – ब्लैकमेल, डर, हिंसा
तस्करी – अलग-अलग शहरों में भेजना
यही कारण है कि कई लड़कियां यह समझ ही नहीं पातीं कि वे क्राइम का हिस्सा नहीं, बल्कि पीड़िता हैं।
क्या ब्रिटेन और पाकिस्तान वास्तव में ‘डील’ करेंगे?—पहली बार ऐसा प्रस्ताव आया है
अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन दोनों देशों के सूत्रों का कहना है कि—
पाकिस्तान राजनीतिक विरोधियों के प्रत्यर्पण को “राष्ट्रीय सुरक्षा” से जोड़कर देख रहा है
ब्रिटेन इसे “कानूनी-नैतिक मुद्दा” मानता है
यह केस आने वाले समय में कूटनीति, मानवाधिकार और अपराध ढांचे का बड़ा टेस्ट बनेगा
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सिर्फ दो अपराधियों का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क़ानून बनाम राजनीतिक दबाव का सबसे बड़ा उदाहरण बन सकता है।

