Vrindavan Girl Kidnapping Case: वृंदावन परिक्रमा मार्ग से 5 वर्षीय बच्ची का अपहरण, 8 दिन बाद पुलिस ने आरोपी दबोचा—परिजन FIR पर अड़े
Vrindavan Girl Kidnapping Case: वृंदावन की शांत और धार्मिक गलियों में आठ दिन पहले हुआ एक अपहरण का मामला अब क्षेत्र में सनसनी का विषय बन गया है। Vrindavan Girl Kidnapping Case उस समय उजागर हुआ जब परिक्रमा मार्ग स्थित गौरी गोपाल आश्रम के सामने से एक युवक पांच वर्षीय बच्ची को अचानक उठाकर ऑटो में बैठाकर भाग गया। अपहरण की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
सीसीटीवी फुटेज ने पूरे मामले को उजागर कर दिया, जिसमें एक युवक कंबल ओढ़े हुए स्पष्ट रूप से बच्ची को अपने साथ ले जाते दिखाई दिया। अब आठ दिन की गहन तलाश के बाद पुलिस ने अपहरणकर्ता को दबोच लिया है और बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस मामले को शांत कराने की कोशिश में है, जबकि परिजन FIR दर्ज कराने पर अड़े हुए हैं।
8 दिन की पीड़ा और बेचैनी—बालिका के परिजन बोले “पुलिस मामले को दबा रही है”, FIR की मांग तेज
बालिका के परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस पूरे मामले को रफादफा करने का प्रयास कर रही है। उन्हें लगता है कि यदि मामला दर्ज नहीं हुआ तो न तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और न ही बच्ची को न्याय मिल सकेगा। परिजन इस बात पर अडिग हैं कि Vrindavan Girl Kidnapping Case में ठोस मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
बालिका की मां सोनिया और पिता राम पिछले डेढ़ साल से वृंदावन में मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे हैं। उनकी आर्थिक स्थिति पहले ही कमजोर है और अब बच्ची के अपहरण ने परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया है।
घटना कैसे हुई?—मां की एक पल की चूक और बच्ची को उठा ले गया युवक
12 नवंबर की शाम करीब पांच बजे सोनिया अपनी बेटी जया को लेकर रोज़ की तरह गौरी गोपाल आश्रम गई थीं। उस समय राम शटरिंग का काम करने के लिए साइट पर थे।
मां की नजर जैसे ही कुछ क्षणों के लिए हटी, तभी एक युवक ने अवसर देखकर बच्ची का हाथ पकड़ा और उसे तेजी से आश्रम के बाहर ले गया। पास खड़ा ऑटो पहले से तैयार प्रतीत हो रहा था। युवक बच्ची को ऑटो में बैठाकर तुरंत फरार हो गया।
कुछ ही मिनटों में सोनिया की चीख-पुकार से आश्रम में मौजूद लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और Vrindavan Girl Kidnapping Case की जांच शुरू हुई।
CCTV फुटेज ने किया सबकुछ साफ—कंबल ओढ़े युवक की तस्वीरें बार-बार वायरल
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की तो एक फुटेज में आरोपी कंबल ओढ़े हुए दिखाई दिया।
फुटेज में—
बच्ची आरोपी के हाथ में
आश्रम से बाहर निकलते हुए
सड़क पर ऑटो की तरफ बढ़ते दृश्य
स्पष्ट दिखाई दिए।
फुटेज सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगा, जिसके बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया।
इसके आधार पर पुलिस ने युवक की पहचान की और कई टीमों को अलग-अलग जिलों में उसकी तलाश में भेजा।
Vrindavan और मध्यप्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई—8 दिन बाद आरोपी पकड़ा गया
बालिका की दादी लक्ष्मी ने बताया कि यह मामला तेजी से आगे बढ़ा जब वृंदावन पुलिस ने मध्यप्रदेश पुलिस से संपर्क किया। संयुक्त अभियान में आरोपी युवक को हिरासत में लिया गया और बच्ची को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
इस दौरान बच्ची के दादा-दादी लगातार पुलिस के संपर्क में रहे और उसकी खबर पाने का इंतजार करते रहे। आखिरकार आठ दिन बाद बालिका सुरक्षित परिवार तक पहुंच सकी।
बच्ची ने सहमी आवाज़ में कहा—“अंकल ने बहुत मारा…”—शरीर पर चोटें, कई दिन भूखी रही
परिवार के अनुसार बच्ची की शारीरिक स्थिति देखकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए। उसके शरीर पर चोट के निशान थे और उसने बताया कि आरोपी ने रास्ते में मारपीट की, खाना नहीं दिया, और उसे लगातार डरा धमका रहा था।
बालिका अभी भी काफी डरी हुई है और सामान्य रूप से बोलने की स्थिति में नहीं है। मां सोनिया के पूछने पर उसने केवल इतना कहा—
“अंकल ने बहुत मारा…”
यह बयान Vrindavan Girl Kidnapping Case को और गंभीर बना देता है।
पुलिस का आधिकारिक बयान—सीओ सदर बोले, “युवक से पूछताछ जारी, तहरीर के आधार पर कार्रवाई होगी”
सीओ सदर संदीप सिंह ने बताया कि—
युवक को पकड़ लिया गया है
बालिका को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है
अपहरणकर्ता से पूछताछ जारी है
तहरीर मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
हालांकि स्थानीय लोग और बालिका के परिजन यह सवाल उठा रहे हैं कि मामला दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Vrindavan Girl Kidnapping Case जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस को तुरंत मुकदमा दर्ज कर बच्चों की सुरक्षा का मजबूत संदेश देना चाहिए।
स्थानीय जनता में आक्रोश—परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाने की उठी मांग
वृंदावन का परिक्रमा मार्ग हमेशा भीड़भाड़ वाला और संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं।
लेकिन इस घटना ने—
सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस गश्त
कैमरों की संख्या
रात में निगरानी
जैसे मुद्दों को लेकर लोगों में गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि भीड़भाड़ वाले इलाके में बच्ची को आसानी से उठाकर ले जाया जा सकता है, तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
क्या थी आरोपी की मंशा?—पुलिस सभी एंगल से जांच में जुटी
अभी तक आरोपी ने अपने इरादों को स्पष्ट नहीं बताया है।
पुलिस निम्न एंगल से जांच कर रही है—
मानव तस्करी
बाल श्रम
बदला
मानसिक बीमारी
किसी गिरोह का हिस्सा
वृंदावन और मध्यप्रदेश पुलिस मिलकर कई बिंदुओं की पुष्टि कर रही हैं।

