ब्रिटेन में ‘Melania’ डॉक्यूमेंट्री का फीका प्रदर्शन: खाली थिएटर, विवादों की आंच और मेलानिया ट्रम्प की छवि पर नई बहस?
News-Desk
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Amazon Studios, box office, Documentary Film, Donald Trump, film Controversy, Global Entertainment News, Melania, Melania Trump, UK CinemaMelania documentary UK flop की खबर ने ब्रिटेन के सिनेमा जगत और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पत्नी मेलानिया ट्रम्प पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मेलानिया’ को ब्रिटेन में उम्मीद के मुताबिक दर्शक नहीं मिल पा रहे हैं। देश के प्रमुख सिनेमा नेटवर्क व्यू सिनेमा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम रिचर्ड्स के बयान के मुताबिक, लंदन से लेकर छोटे शहरों तक थिएटरों में खाली सीटें इस फिल्म की कमजोर शुरुआत की कहानी खुद बयां कर रही हैं।
🔴 खाली हॉल और सूनी सीटें: पहले शो की तस्वीर
लंदन के इस्लिंगटन इलाके में स्थित एक प्रमुख सिनेमाघर में शुक्रवार को दोपहर 3:10 बजे फिल्म का पहला शो रखा गया था, लेकिन इस शो के लिए महज एक टिकट बिका। शाम 6 बजे के शो की स्थिति भी कुछ खास नहीं रही और केवल दो दर्शकों ने टिकट खरीदे।
ब्रिटेन के ब्लैकबर्न, कैसलफोर्ड और हैमिल्टन जैसे शहरों में हालात और भी निराशाजनक रहे। इन तीनों जगहों पर फिल्म की कुल 28 स्क्रीनिंग तय की गई थीं, लेकिन किसी भी शो के लिए एक भी टिकट नहीं बिका। सिनेमा संचालकों के अनुसार, इस तरह की स्थिति किसी बड़े बजट और अंतरराष्ट्रीय प्रचार वाली डॉक्यूमेंट्री के लिए असामान्य मानी जाती है।
🔴 अमेजन की बड़ी बाजी, लेकिन दर्शकों की चुप्पी
अमेजन स्टूडियोज ने इस डॉक्यूमेंट्री के राइट्स करीब 40 मिलियन डॉलर यानी लगभग 340 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। इसके अलावा, वैश्विक मार्केटिंग पर लगभग 35 मिलियन डॉलर (करीब 321 करोड़ रुपये) खर्च किए गए हैं।
फिल्म को 30 जनवरी से अमेरिका में 1,400 से 2,000 थिएटर्स में और दुनिया के 27 देशों में 5,000 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज किया जा रहा है। ब्रिटेन में भी इसे 100 से अधिक सिनेमाघरों में उतारा गया, लेकिन शुरुआती प्रतिक्रिया ने निर्माताओं और वितरकों की उम्मीदों को झटका दिया है।
🔴 डॉक्यूमेंट्री की कहानी: व्हाइट हाउस की वापसी की झलक
इस डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प और मेलानिया ट्रम्प की व्हाइट हाउस में वापसी की कहानी दिखाई गई है। खास तौर पर शपथ ग्रहण से पहले के 20 दिनों की घटनाओं को एक आने वाली प्रथम महिला की नजर से पेश किया गया है।
फिल्म के ट्रेलर में मेलानिया कहती नजर आती हैं, “हर कोई जानना चाहता है, तो ये रहा।” एक सीन में वह शपथ ग्रहण के दिन कैपिटल बिल्डिंग में खड़ी होकर कैमरे की ओर देखते हुए कहती हैं, “हम फिर से यहां हैं।”
🔴 मेलानिया की नजर से निजी और सार्वजनिक जीवन
डॉक्यूमेंट्री में मेलानिया ट्रम्प के निजी और सार्वजनिक जीवन दोनों को दिखाने की कोशिश की गई है। एक बिजनेसवुमन, पत्नी और मां के रूप में उनकी भूमिका के साथ-साथ परिवार को दोबारा व्हाइट हाउस शिफ्ट कराने की जिम्मेदारी भी दर्शाई गई है।
करीब दो घंटे की इस फिल्म में मेलानिया के रोजमर्रा के फैसलों, सार्वजनिक आयोजनों और पारिवारिक पलों की झलक दिखाई गई है, ताकि दर्शकों को उनके व्यक्तित्व का एक अलग और करीब से देखने का मौका मिल सके।
🔴 विवादों की आंच: क्रू मेंबर्स ने हटवाए नाम
Melania documentary UK flop के साथ-साथ इस फिल्म को लेकर विवाद भी चर्चा में है। रोलिंग स्टोन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्यूमेंट्री पर काम करने वाले करीब दो-तिहाई क्रू मेंबर्स नहीं चाहते कि उनके नाम फिल्म के क्रेडिट में दिखें।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि न्यूयॉर्क स्थित कई क्रू सदस्यों ने फिल्म से दूरी बनाने की मांग की है। फिल्म का निर्देशन ब्रेट रैटनर ने किया है, जिन पर 2017 में छह महिलाओं ने यौन उत्पीड़न और हमले के आरोप लगाए थे।
🔴 सेट पर कामकाज को लेकर आरोप
क्रू मेंबर्स के अनुसार, शूटिंग के दौरान लंबे समय तक काम कराया गया और कई बार मील ब्रेक तक नहीं दिए गए। कुछ लोगों ने रैटनर पर सेट पर गंदगी फैलाने और कर्मचारियों के साथ रूखा व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं।
एक क्रू मेंबर ने कहा कि उन्हें इस प्रोजेक्ट के “प्रोपेगैंडा एलिमेंट” से भी असहजता महसूस हुई, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी निर्देशक के साथ काम करना था।
🔴 छवि सुधारने की कोशिश या राजनीतिक बयान?
इतिहासकार कैथरीन सिबली समेत कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डॉक्यूमेंट्री मेलानिया की सार्वजनिक छवि को नए तरीके से पेश करने की कोशिश है। जनवरी 2025 के एक सर्वे के अनुसार, करीब 40 प्रतिशत अमेरिकी लोगों की मेलानिया ट्रम्प के बारे में कोई स्पष्ट राय नहीं थी, हालांकि रिपब्लिकन समर्थकों में उनकी लोकप्रियता ज्यादा है।
फिल्म में मेलानिया को एक पारंपरिक प्रथम महिला के रूप में दिखाया गया है, जो राजकीय भोज, ईस्टर एग रोल और व्हाइट हाउस की क्रिसमस सजावट जैसी जिम्मेदारियों को निभाती हैं।
🔴 बच्चों की सुरक्षा और सामाजिक पहल
डॉक्यूमेंट्री में मेलानिया की सामाजिक पहलों को भी जगह दी गई है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है। उनकी पहल पर ‘टेक इट डाउन एक्ट’ पास हुआ, जिसके तहत बिना अनुमति निजी तस्वीरें ऑनलाइन डालना अपराध माना जाता है।
इसके अलावा, फोस्टर बच्चों के लिए ‘बी बेस्ट’ अभियान के तहत शुरू की गई योजनाओं को भी फिल्म में दिखाया गया है, जिससे मेलानिया की सामाजिक भूमिका को उभारने की कोशिश की गई है।
🔴 मेलानिया और ट्रम्प की पहली मुलाकात से शादी तक की कहानी
डॉक्यूमेंट्री में मेलानिया और डोनाल्ड ट्रम्प की पहली मुलाकात की कहानी भी शामिल है। दोनों 1998 में न्यूयॉर्क में एक पार्टी के दौरान मिले थे। उस समय ट्रम्प एक रियल एस्टेट कारोबारी थे और मेलानिया स्लोवेनिया से आई एक मॉडल थीं, जो अमेरिका में मॉडलिंग कर रही थीं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प ने मेलानिया से उनका फोन नंबर मांगा, लेकिन मेलानिया ने पहले उनका नंबर लिया। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और रिश्ता आगे बढ़ा। 2004 में सगाई और 22 जनवरी 2005 को फ्लोरिडा के पाम बीच में दोनों की भव्य शादी हुई।
🔴 बेटे बैरोन और पारिवारिक प्राथमिकताएं
2006 में उनके बेटे बैरोन ट्रम्प का जन्म हुआ। मेलानिया ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह अपने बेटे की परवरिश को सबसे ऊपर रखती हैं। यही वजह है कि 2017 में डोनाल्ड ट्रम्प के पहली बार राष्ट्रपति बनने के बाद भी उन्होंने कुछ समय तक न्यूयॉर्क में रहकर बेटे की पढ़ाई पर ध्यान दिया और बाद में व्हाइट हाउस शिफ्ट हुईं।
मेलानिया को हमेशा एक रिजर्व्ड और कम बोलने वाली प्रथम महिला के रूप में देखा गया है, लेकिन इस डॉक्यूमेंट्री में उनके निजी विचारों और भावनाओं को सामने लाने की कोशिश की गई है।
🔴 ब्रिटेन में ठंडी प्रतिक्रिया के मायने
फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ब्रिटेन में कमजोर प्रतिक्रिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं। राजनीतिक विषयों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री आम दर्शकों को कम आकर्षित करती हैं, खासकर तब जब वह किसी विदेशी राजनीतिक परिवार पर केंद्रित हों।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि विवादों और राजनीतिक ध्रुवीकरण के कारण भी दर्शकों की दिलचस्पी प्रभावित हुई है।
🔴 आगे की राह: वैश्विक रिलीज पर नजर
हालांकि ब्रिटेन में शुरुआत कमजोर रही है, लेकिन निर्माताओं की नजर अब अमेरिका और अन्य देशों में होने वाली रिलीज पर टिकी है। 27 देशों में 5,000 से ज्यादा स्क्रीन्स पर आने वाली यह फिल्म यह तय करेगी कि ‘मेलानिया’ एक वैश्विक स्तर पर अपनी जगह बना पाती है या नहीं।

