Budaun में बर्बरता की इंतहा: तीन बेटियों के ताने के बीच महिला के साथ अमानवीय हिंसा, पति समेत सात पर केस दर्ज -निजी अंग में डाला सरिया












Budaun मूझाझाग थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर अमानवीय अत्याचार का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, तीन बेटियों के जन्म को लेकर लगातार प्रताड़ना के बाद महिला के साथ बर्बरता की गई और उसकी जान लेने की कोशिश की गई।
पुलिस ने महिला की तहरीर पर उसके पति समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना ने न केवल स्थानीय समाज को झकझोर दिया है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और दहेज व पुत्र-प्राथमिकता जैसी कुरीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
2007 में हुई शादी, नौ लाख खर्च के बावजूद ताने
पीड़िता के मुताबिक उसकी शादी मई 2007 में उझानी क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। उसने बताया कि उसके भाइयों ने शादी में करीब नौ लाख रुपये खर्च किए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष कम दहेज का ताना देता रहा।
महिला का कहना है कि जब उसने यह बात अपने भाइयों को बताई तो उन्होंने उसे समझाकर ससुराल में शांति से रहने की सलाह दी। शुरुआत में हालात सामान्य दिखे, लेकिन पहली बेटी के जन्म के बाद परिस्थितियां बदलने लगीं।
बेटियों के जन्म के बाद बढ़ती गई प्रताड़ना
महिला का आरोप है कि पहली बेटी होने के बाद पति ने मारपीट शुरू कर दी। दूसरी और फिर तीसरी बेटी के जन्म के बाद प्रताड़ना और बढ़ गई। उसे कमरे में बंद कर पीटा जाता था और मानसिक रूप से भी परेशान किया जाता था।
पीड़िता के अनुसार, चौथी बार गर्भवती होने पर उसे धमकी दी गई कि यदि इस बार बेटा नहीं हुआ तो घर से निकाल दिया जाएगा। हालांकि छह साल पहले बेटा पैदा हुआ, लेकिन तब तक पति के कथित तौर पर एक रिश्तेदार महिला से अवैध संबंध बन चुके थे। इससे घरेलू तनाव और बढ़ गया।
खर्च और तानों के बीच बढ़ता उत्पीड़न
महिला का कहना है कि जैसे-जैसे तीनों बेटियां बड़ी होने लगीं, ससुराल वालों के ताने भी बढ़ते गए। पति बेटियों की पढ़ाई और परवरिश पर होने वाले खर्च को लेकर उसे प्रताड़ित करता रहा।
27 फरवरी की रात को भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ। विरोध करने पर पति, सास, ननद, देवरानी और ससुर ने उसे कमरे में बंद कर पीटा। आरोप है कि हमले के दौरान सरिया से वार किया गया, जिससे बचने की कोशिश में उसकी अंगुली टूट गई।
अत्याचार का आरोप: बेहोश होने तक की मारपीट
पीड़िता ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान देवरानी की बहन ने उसके पैर पकड़ लिए और पति ने उस पर सरिया से गंभीर वार किया। बर्बरता के कारण वह बेहोश हो गई।
होश में आने के बाद उसने मायके वालों को सूचना दी। परिवार के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस जांच जारी, मेडिकल परीक्षण कराया गया
मूझाझाग थाना पुलिस ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मेडिकल परीक्षण कराया गया है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
समाज में गहरी जड़ें जमाए कुरीतियां
Budaun Woman Brutality Case केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि उस सामाजिक मानसिकता की झलक भी है जिसमें पुत्र को प्राथमिकता दी जाती है और बेटियों के जन्म को बोझ समझा जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दहेज प्रथा, लिंग भेदभाव और घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं आज भी ग्रामीण और शहरी समाज में मौजूद हैं। कानून सख्त होने के बावजूद जागरूकता और सामाजिक बदलाव की जरूरत बनी हुई है।
महिला सुरक्षा पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं प्रशासन और समाज दोनों के लिए चुनौती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती शिकायतों पर ही सख्ती से कार्रवाई होती, तो स्थिति इतनी भयावह न होती। पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग उठ रही है।









