Muzaffarnagar एनकाउंटर में ढेर हुआ छोटा राजन गैंग का सदस्य सतपाल सत्तू: अपहरण-दुष्कर्म केस में था वांछित, चार राज्यों में दर्ज थे 24 मुकदमे
News-Desk
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SSP संजय कुमार वर्मा, अपहरण केस, एसओजी, छोटा राजन गैंग, दुष्कर्म मामला, पश्चिम यूपी अपराध, पुलिस मुठभेड़, मुज़फ्फरनगर पुलिस, मुजफ्फरनगर समाचार, यूपी क्राइम न्यूज़, रामपुर तिराहा, सतपाल सत्तू एनकाउंटरMuzaffarnagar पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में घायल हुए 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार वह अपहरण और दुष्कर्म के एक चर्चित मामले में वांछित था तथा उसके खिलाफ हत्या, लूट, दुष्कर्म और आर्म्स एक्ट समेत गंभीर अपराधों के 24 मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोमवार देर रात रामपुर तिराहा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के आधार पर संयुक्त टीम चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन कार सवार ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और मौके से भागने लगा। इसके बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।
बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार आरोपी रामपुर तिराहे से भागते हुए बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन की ओर पहुंचा। पीछा कर रही पुलिस टीम पर उसने लगातार फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में आरोपी दोनों पैरों में गोली लगने से घायल हो गया।
मुठभेड़ के दौरान एसओजी की सरकारी गाड़ी भी गोली लगने से क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस टीम के दो सदस्य भी घायल हुए। एसओजी के दरोगा अजय गौड़ तथा सिविल लाइन थाने के सिपाही अंकित को चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
घायल आरोपी को पहले जिला अस्पताल और बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार दोपहर करीब 1 बजकर 23 मिनट पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में हुई पहचान, चंडीगढ़ में रह रहा था आरोपी
पुलिस की जांच में मृतक की पहचान जिले के पचैंडा गांव निवासी सतपाल उर्फ सत्तू के रूप में हुई। हालांकि उसका परिवार करीब तीन दशक पहले चंडीगढ़ जाकर बस गया था और वह वर्तमान में सेक्टर-31 स्थित राम दरबार क्षेत्र में रह रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से विभिन्न राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था। उस पर उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ समेत कई क्षेत्रों में गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे।
तितावी की किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म मामले में था वांछित
Satpal Sattu Encounter से पहले पुलिस उसकी तलाश एक संवेदनशील आपराधिक मामले में कर रही थी। जांच के अनुसार 19 जून को तितावी क्षेत्र की एक किशोरी को कथित रूप से झांसा देकर अपहरण कर लिया गया था।
पुलिस का दावा है कि आरोपी किशोरी को अपने साथ पंजाब ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। बाद में किशोरी को बस में बैठाकर वापस भेज दिया गया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी थी और विभिन्न जिलों में उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही थी।
इस मामले ने पूरे क्षेत्र में व्यापक चर्चा पैदा कर दी थी और पुलिस पर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दबाव भी बढ़ गया था।
लुधियाना पुलिस की कस्टडी से फरार होने के बाद बदलता रहा ठिकाना
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सतपाल सत्तू इसी वर्ष फरवरी महीने में लुधियाना के सिविल अस्पताल से उपचार के दौरान पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। बताया जाता है कि 6 फरवरी को वह सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर भाग निकला था।
इसके बाद वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय रहा। जांच एजेंसियों का मानना है कि फरारी के दौरान उसने कई वारदातों को अंजाम दिया और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान छिपाता रहा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी विभिन्न जिलों में फर्जी दस्तावेजों और बदलती पहचान का इस्तेमाल कर रहा था।
बरामद हुए हथियार, फर्जी दस्तावेज और जेवर
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल, कार, फर्जी आधार कार्ड, नकदी और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि अपहृत किशोरी के कुछ जेवर भी आरोपी के पास से बरामद हुए हैं।
बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के संपर्क किन लोगों से थे और क्या वह किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था।
चार राज्यों और 10 जनपदों में दर्ज थे आपराधिक मामले
एसपी सिटी अमृत जैन के अनुसार आरोपी के खिलाफ चार राज्यों और करीब 10 जनपदों में आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर अपराध शामिल बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ कुल 24 मुकदमे दर्ज थे। उसकी गतिविधियों को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास दो दशक से अधिक पुराना था और वह कई बार कानून के शिकंजे में आने के बावजूद अपराध की दुनिया से जुड़ा रहा।
छोटा राजन गैंग से जुड़ाव की भी चर्चा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सतपाल सत्तू का नाम मुंबई के कुख्यात छोटा राजन गिरोह से भी जुड़ता रहा है। जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में उसे गैंग से संबद्ध अपराधी के रूप में चिन्हित किया गया था।
हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हाल के वर्षों में उसका गिरोह से कितना सक्रिय संपर्क था और किन-किन आपराधिक गतिविधियों में उसकी भूमिका रही। इस पहलू को लेकर विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ भी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है।
पत्नी के प्रेमी की हत्या के मामले में भी आया था नाम
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी का नाम अपनी पत्नी के कथित प्रेमी की हत्या के मामले में भी सामने आया था। इस मामले ने उस समय भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
अधिकारियों के अनुसार अपराध की दुनिया में उसकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति की थी जो लंबे समय से गंभीर वारदातों में शामिल रहा और लगातार विभिन्न राज्यों की पुलिस के रडार पर बना रहा।
मुठभेड़ के बाद अपराध जगत में चर्चा, पुलिस ने बताया बड़ी सफलता
मुजफ्फरनगर पुलिस इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी अथवा निष्क्रियता कानून-व्यवस्था के लिहाज से आवश्यक थी।
हालांकि किसी भी पुलिस मुठभेड़ की तरह इस मामले में भी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा और घटना से संबंधित सभी पहलुओं का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

