कांवड़ यात्रा पर मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, Muzaffarnagar में ढाबों-होटलों की सघन जांच, खाद्य तेलों के नमूने भी लिए गए
News-Desk
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Muzaffarnagar News, कांवड़ यात्रा, खाद्य तेल नमूने, खाद्य सुरक्षा निरीक्षण, खाद्य सुरक्षा विभाग, ढाबों की जांच, नई मंडी, नेहा चौधरी, पूनम कुमारी, मिलावटखोरी, मुजफ्फरनगर समाचार, संदीप सिंह, होटल निरीक्षणMuzaffarnagar श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जिलेभर में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। कांवड़ मार्गों पर स्थित ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंट, फल विक्रेताओं, ठेला-रेहड़ी संचालकों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग का यह विशेष अभियान ऐसे समय में चलाया गया है, जब श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में शिवभक्त विभिन्न मार्गों से होकर गुजर रहे हैं। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावट, अस्वच्छ भोजन या खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आयुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर कांवड़ मार्गों पर तैनात किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अनुसार आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ के निर्देश तथा जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर के आदेशों के अनुपालन में जनपद के विभिन्न कांवड़ मार्गों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाने वाला भोजन एवं पेय पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो तथा किसी भी प्रकार की मिलावट या स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की संभावना न रहे।
ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंट और फल विक्रेताओं की हुई व्यापक जांच
निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कांवड़ मार्ग पर संचालित सभी प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसमें—
- ढाबे
- होटल
- रेस्टोरेंट
- ठेला एवं रेहड़ी संचालक
- फेरीवाले
- फल विक्रेता
शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित कराया कि प्रत्येक खाद्य प्रतिष्ठान पर फूड लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्रमाणपत्र आम लोगों को दिखाई देने वाले स्थान पर प्रदर्शित किया जाए, जिससे उपभोक्ताओं को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके।
स्वच्छता और हाइजीन को लेकर दिए गए सख्त निर्देश
Muzaffarnagar Food Safety Inspection के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सभी खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और साफ-सफाई संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
व्यवसायियों को निर्देशित किया गया कि—
- भोजन तैयार करने वाले स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखें।
- खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करें।
- खाद्य सामग्री को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में संग्रहित करें।
- ग्राहकों को केवल ताजा एवं सुरक्षित भोजन ही परोसा जाए।
अधिकारियों ने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के दौरान इन प्रतिष्ठानों पर भोजन करते हैं, इसलिए स्वच्छता के मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है।
खुले मसालों और कृत्रिम रंगों के उपयोग से बचने की हिदायत
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को खुले मसालों के उपयोग से बचने और केवल बंद पैकेट वाले मानक मसालों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों के उपयोग पर भी रोक लगाने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
ताजा भोजन और ताजे फलों के उपयोग पर विशेष जोर
निरीक्षण अभियान के दौरान कारोबारियों को निर्देशित किया गया कि भोजन केवल उसी समय तैयार किया जाए, जब उसकी आवश्यकता हो। पहले से तैयार भोजन को अगले समय तक सुरक्षित रखकर परोसने से बचने की सलाह दी गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए कि—
- प्रत्येक समय के लिए ताजा भोजन तैयार किया जाए।
- केवल ताजी सब्जियों का उपयोग किया जाए।
- ताजे और गुणवत्तापूर्ण फलों का ही प्रयोग किया जाए।
- भोजन को स्वच्छ तरीके से तैयार और परोसा जाए।
इस पहल का उद्देश्य खाद्य जनित बीमारियों की संभावना को कम करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है।
कटे और सड़े फलों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कटे हुए अथवा सड़े-गले फलों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए।
व्यापारियों से कहा गया कि केवल ताजे और सुरक्षित फल ही बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएं। इसके अतिरिक्त आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को भी जागरूक किया गया कि वे खुले में लंबे समय से रखे गए कटे फलों या रंग मिले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
आम लोगों को भी किया गया जागरूक
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ भोजन चुनने, खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतने तथा संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना संबंधित विभाग को देने की अपील की।
इसके अलावा साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और सुरक्षित खानपान अपनाने के महत्व पर भी लोगों को जानकारी दी गई।
शिकायत के आधार पर खाद्य तेलों के नमूने किए गए संग्रहित
निरीक्षण अभियान के अतिरिक्त विभाग ने प्राप्त शिकायत के आधार पर नई मंडी स्थित गर्ग इंटरप्राइजेज से खाद्य तेलों के नमूने भी एकत्रित किए।
विभागीय टीम द्वारा—
- राइस ब्रान ऑयल का एक नमूना,
- मस्टर्ड ऑयल (सरसों तेल) का एक नमूना,
- सोयाबीन ऑयल का एक नमूना
संग्रहित किया गया। नियमानुसार इन नमूनों की जांच संबंधित प्रयोगशाला में कराई जाएगी और परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम रही सक्रिय
इस विशेष निरीक्षण अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पूनम कुमारी, नेहा चौधरी तथा संदीप सिंह सक्रिय रूप से मौजूद रहे। टीम ने विभिन्न कांवड़ मार्गों पर स्थित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
विभाग का कहना है कि कांवड़ यात्रा की अवधि के दौरान इस प्रकार के निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

