Muzaffarnagar में पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह की 95वीं जयंती पर यज्ञ व विचार गोष्ठी, ईमानदारी और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को किया याद
News-Desk
| 6 min read
आर्य समाज मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश समाचार, मंडल आयोग, मुजफ्फरनगर समाचार, राजपूत महासभा, विचार गोष्ठी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, वीपी सिंह जयंती, वीपी सिंह विचार मंच, सामाजिक न्यायMuzaffarnagar News: पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह (वी.पी. सिंह) की 95वीं जयंती के अवसर पर मुजफ्फरनगर में श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। वी.पी. सिंह विचार मंच के तत्वावधान में शहर स्थित आर्य समाज मंदिर में यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसके बाद उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन, उनकी ईमानदार छवि और सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें एक प्रेरणादायी जननेता बताया।
इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने भाग लिया और देश के राजनीतिक इतिहास में विश्वनाथ प्रताप सिंह के योगदान पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को उनके जीवन, कार्यशैली और सार्वजनिक मूल्यों से परिचित कराना भी रहा।
आर्य समाज परिसर में हुआ वैदिक यज्ञ, श्रद्धांजलि अर्पित कर किया नमन
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प व्यक्त किया।
आयोजकों ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को मजबूत बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं। श्रद्धांजलि सभा के दौरान उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने रखा सामाजिक न्याय और सुशासन पर जोर
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद आयोजित विचार गोष्ठी की अध्यक्षता राजपूत महासभा मुजफ्फरनगर के जिलाध्यक्ष ठाकुर राजेंद्र सिंह पुंडीर ने की। इस दौरान आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह, मजदूर किसान यूनियन पार्टी के अध्यक्ष सुकरामपाल कश्यप, जल सिंह फौजी, सुरेंद्र शर्मा, दिनेश कुमार, रामपाल, श्याम सिंह, हरिओम सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि विश्वनाथ प्रताप सिंह का राजनीतिक जीवन सिद्धांतों, सादगी और जनहित के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई ऐसे निर्णय लिए, जिनका भारतीय राजनीति और समाज पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा।
मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने के निर्णय को किया याद
विचार गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से उस ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख किया, जब प्रधानमंत्री रहते हुए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू किया था। इस निर्णय के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया।
वक्ताओं का कहना था कि इस फैसले ने सामाजिक न्याय की अवधारणा को नई दिशा दी और समाज के वंचित एवं पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारतीय लोकतंत्र और सामाजिक समानता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाता है।
ईमानदार सार्वजनिक जीवन का दिया उदाहरण
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विश्वनाथ प्रताप सिंह ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री, केंद्रीय राजस्व मंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभाई।
उन्होंने कहा कि इतने लंबे राजनीतिक जीवन के बावजूद उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी और सार्वजनिक छवि पर भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं लगा। वक्ताओं ने उनके प्रशासनिक निर्णयों, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी कार्यशैली को आज भी प्रासंगिक बताया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए भी उनका जीवन प्रेरणा का स्रोत है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यों पर भी हुई चर्चा
गोष्ठी में वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अपराध और संगठित अपराध के विरुद्ध कई सख्त कदम उठाए गए थे।
वक्ताओं ने उनके प्रशासनिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया और कानून के राज को मजबूत करने पर बल दिया। यह विचार वक्ताओं द्वारा कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए गए।
भूदान आंदोलन और समाजसेवा को बताया उनके व्यक्तित्व की पहचान
कार्यक्रम में विश्वनाथ प्रताप सिंह के सामाजिक जीवन के उन पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया, जिनका संबंध विनोबा भावे के भूदान आंदोलन से रहा। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने भूदान आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई और अपनी भूमि का एक हिस्सा जरूरतमंद लोगों के हित में दान किया।
वक्ताओं ने इसे सामाजिक संवेदनशीलता और लोककल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण बताते हुए कहा कि समाज और राजनीति में सेवा भावना सबसे महत्वपूर्ण गुण होना चाहिए।
वंचित और गरीब वर्ग के हितों के लिए कार्य करने का दिया संदेश
वक्ताओं ने कहा कि आज भी समाज के गरीब, वंचित, पिछड़े और दलित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सामाजिक समरसता, समान अवसर और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने पर भी बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता तभी संभव है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और समान अवसर प्राप्त हों।
बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की सहभागिता
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। उपस्थित लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के जीवन से प्रेरणा लेने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिनके माध्यम से युवाओं को देश के प्रमुख जननेताओं के विचारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराया जा सके।

