Muzaffarnagar में लखनऊ अग्निकांड के मासूमों को श्रद्धांजलि: दोषियों पर सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और रोजगार की उठी मांग
Muzaffarnagar News: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों की स्मृति में मुजफ्फरनगर में एक भावुक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। ऑल इंडिया एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट के तत्वावधान में झांसी रानी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकत्र होकर दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वक्ताओं ने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि किसी भी समाज के लिए बच्चों की असमय मृत्यु सबसे बड़ा दुःख होती है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
“15 मासूम नहीं, 15 परिवारों की उम्मीदें थीं”
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चे केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि वे अपने-अपने परिवारों की उम्मीद, भविष्य और खुशियों का आधार थे। उनकी असमय मृत्यु ने अनेक परिवारों को गहरे शोक और असहनीय पीड़ा में डाल दिया है।
वक्ताओं ने कहा कि यदि सार्वजनिक भवनों और संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाता, तो संभवतः ऐसी दुखद घटना से बचा जा सकता था। उन्होंने आग से सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को प्रत्येक संस्थान में प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए और जांच में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाए, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
वक्ताओं ने कहा कि ऐसी घटनाओं में जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों को स्पष्ट संदेश मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि केवल जांच ही नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी और स्थायी कदम भी उठाए जाने चाहिए।
पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और रोजगार की मांग
कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मृतक बच्चों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने सरकार से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी या उपयुक्त रोजगार उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
वक्ताओं का कहना था कि किसी भी आर्थिक सहायता से परिवारों की क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन यह कठिन समय में उनके लिए एक सहारा अवश्य बन सकती है।
सांसद हरेंद्र मलिक ने जताई संवेदना, सुरक्षा मानकों पर दिया जोर
श्रद्धांजलि सभा में समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद हरेंद्र मलिक भी शामिल हुए। उन्होंने लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं पूरे समाज को झकझोर देती हैं और सभी संबंधित संस्थानों को सुरक्षा के प्रति अधिक जिम्मेदार बनने की आवश्यकता है। सांसद ने घटना के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कहा कि जांच निष्पक्ष और प्रभावी होनी चाहिए।
मुजफ्फरनगर में चल रही जांच और चेकिंग अभियान की सराहना
हरेंद्र मलिक ने मुजफ्फरनगर में प्रशासन द्वारा भवनों और संस्थानों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे निरीक्षण एवं चेकिंग अभियान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान निरंतर जारी रहने चाहिए ताकि भवन निर्माण और संचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम केवल घटना के बाद कार्रवाई से नहीं, बल्कि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने से संभव है। उन्होंने इस विषय को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय जनहित और सुरक्षा के नजरिए से प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग
ऑल इंडिया एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान लागू किए जाएं।
उन्होंने कहा कि स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, छात्रावासों और अन्य सार्वजनिक भवनों में नियमित सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य होना चाहिए ताकि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बड़ी संख्या में सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि रहे मौजूद
श्रद्धांजलि सभा में समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक के अलावा पूर्व सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, ऑल इंडिया एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट के जिलाध्यक्ष विक्की चावला, जिला महामंत्री मोहम्मद नदीम अंसारी, विपिन सिंघल, राजकुमार कालरा, पवन बंसल, प्रदीप उतरेजा, अजय सिंघल, कृष्ण गोपाल मित्तल, विजेंद्र अरोड़ा, सुरेंद्र सिंह गंभीर, संजय गोस्वामी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सभी ने एक स्वर में बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समाज में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने तथा जिम्मेदार संस्थानों द्वारा निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संस्था का पहला दायित्व वहां आने वाले बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आधुनिक भवन, बेहतर संसाधन और सुविधाएं तभी सार्थक हैं, जब उनमें सुरक्षा के सभी मानकों का पूर्ण पालन किया जाए।
उन्होंने समाज, प्रशासन और संस्थानों से सामूहिक रूप से ऐसी व्यवस्था विकसित करने की अपील की, जिससे भविष्य में किसी भी परिवार को इस प्रकार की त्रासदी का सामना न करना पड़े।

