Ghaziabad दोहरा हत्याकांड: गुस्से में नहीं, पहले से रची थी पत्नी-बेटी की हत्या की साजिश; गद्दे के नीचे छिपाया चाकू, छोटी बेटी ने ऐसे बचाई जान
Ghaziabad के साहिबाबाद क्षेत्र के खोड़ा स्थित लोकप्रिय विहार में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वारदात की तस्वीर उतनी ही भयावह होती जा रही है। पुलिस की अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी मोहम्मद राजा अंसारी ने पत्नी और बड़ी बेटी की हत्या कथित तौर पर अचानक गुस्से में आकर नहीं की, बल्कि इसके लिए पहले से तैयारी कर रखी थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने वारदात से करीब तीन दिन पहले मछली मंडी से चाकू खरीदकर रख लिया था। बाद में उसने इस चाकू को घर में गद्दे के नीचे छिपा दिया। घर की चारदीवारी के भीतर चल रही इस कथित साजिश की परिवार के बाकी सदस्यों को भनक तक नहीं लगी।
शुक्रवार देर रात विवाद के बाद आरोपी ने अपनी पत्नी बेबी तबस्सुम (43) और बड़ी बेटी सना (15) पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। दोनों की मौत हो गई। हमले में छोटी बेटी जोया उर्फ रूबी (14) भी घायल हुई, लेकिन उसकी जान बच गई।
सबसे मार्मिक घटनाक्रम यह सामने आया है कि छोटी बेटी को बचाने के लिए घायल मां बेबी कथित तौर पर पति के पैरों से लिपट गई। इसी वजह से आरोपी आगे हमला नहीं कर सका और रूबी वहां से निकलने में सफल हो गई।
तीन रातों से घर में चल रहा था पति-पत्नी का विवाद
पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले लगातार तीन रात पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था।
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य के मुताबिक, दो दिन पहले नीचे के फ्लैट में रहने वाले पड़ोसी भी उनके घर पहुंचे थे और दोनों को समझाकर शांत कराया था।
इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि परिवार में तनाव अचानक पैदा नहीं हुआ था।
पूछताछ में आरोपी ने भी कथित तौर पर बताया कि लगातार हो रहे विवाद के बाद उसने पत्नी और बेटी की हत्या की योजना बनाई थी।
यानी पुलिस की जांच में यह मामला महज अचानक भड़के घरेलू विवाद से कहीं अधिक गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है।
मछली मंडी से तीन दिन पहले खरीदा था चाकू
पुलिस जांच में सामने आया सबसे अहम तथ्य चाकू की खरीद से जुड़ा है।
आरोपी के अनुसार, उसने वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया गया चाकू करीब तीन दिन पहले ही मछली मंडी से खरीदा था।
बाद में उसने इसे घर में बेड के गद्दे के नीचे छिपाकर रखा।
यह जानकारी पुलिस के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे वारदात की पूर्व तैयारी की संभावना मजबूत होती है।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए मांस काटने वाले चाकू को बरामद कर लिया है।
खाने के बाद दवा को लेकर फिर शुरू हुआ विवाद
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रात में खाना खाने के बाद पत्नी ने उसे दवा लेने के लिए कहा था।
इसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि पत्नी की ओर से बार-बार दवा लेने के लिए दबाव बनाया जाता था और इसी बात को लेकर पिछले कुछ महीनों से तनाव बना हुआ था।
पुलिस के अनुसार, राजा ने खुद को अवसाद से पीड़ित बताया है और कहा है कि उसका उपचार चल रहा था।
हालांकि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी स्थिति और वारदात के बीच संबंध के बारे में अंतिम निष्कर्ष केवल चिकित्सकीय और कानूनी जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
रात 12 बजे पत्नी पर किया हमला
आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि पत्नी के सो जाने के बाद उसने रात करीब 12 बजे चाकू से उस पर हमला किया।
पुलिस के अनुसार, उसने पत्नी के गले पर वार किया।
इसके बाद बड़ी बेटी सना भी हमले की चपेट में आई।
घटना में दोनों की मौत हो गई।
पूरे घटनाक्रम के दौरान छोटी बेटी रूबी भी मौजूद थी और उसने जान बचाने के लिए संघर्ष किया।
छोटी बेटी को बचाने के लिए मां पति के पैरों से लिपट गई
इस हत्याकांड का सबसे दिल दहला देने वाला हिस्सा छोटी बेटी रूबी के बयान से सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, रूबी ने बताया कि उसके पिता ने पहले उसकी मां और बड़ी बहन पर हमला किया।
इसके बाद आरोपी उसके पीछे भी दौड़ा।
रूबी को बचाने के लिए घायल बेबी अपने पति के पैरों से लिपट गई।
इससे राजा आगे नहीं बढ़ सका और रूबी को वहां से निकलने का मौका मिल गया।
हालांकि चाकू के हमले में रूबी भी घायल हो चुकी थी।
चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी ऊपर पहुंचे
रूबी की चीख-पुकार सुनकर नीचे रहने वाले पड़ोसी रफीक और तय्यूब ऊपर पहुंचे।
उन्होंने घायल रूबी को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।
पड़ोसियों की तत्काल प्रतिक्रिया ने संभवतः छोटी बेटी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
फर्श से दीवारों तक खून के निशान
घटना के बाद पुलिस के साथ फ्लैट में पहुंचे पड़ोसियों ने वहां का भयावह दृश्य देखा।
पड़ोसी संदीप और रफीकुल के अनुसार, फ्लैट के अंदर फर्श पर खून फैला हुआ था।
दीवारों पर भी खून के निशान दिखाई दे रहे थे।
पड़ोसियों ने बताया कि आरोपी उस समय केवल लुंगी पहने था और उसके शरीर पर खून लगा हुआ था।
घटनास्थल का यह दृश्य देखकर वहां पहुंचे लोग भी दहशत में आ गए।
आरोपी के शरीर पर खून देखकर दहल गए पड़ोसी
पड़ोसियों के अनुसार, राजा के शरीर पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे थे।
घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फ्लैट के अंदर फर्श और दीवारों तक पर खून के निशान मिले।
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की और जरूरी साक्ष्य एकत्र किए।
पांच साल से उपचार की बात सामने आई
नोएडा के ममूरा में रहने वाले बेबी के फुफेरे भाई इस्लामुद्दीन ने बताया कि राजा करीब पांच साल से अवसाद से पीड़ित था।
परिजन के अनुसार, उसका पहले दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में इलाज चला और बाद में आईबीएएस अस्पताल में भी उपचार कराया गया।
परिजनों का कहना है कि दवा लेने को लेकर ही पिछले करीब चार महीने से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था।
बेबी कई बार ऑनलाइन पार्सल के माध्यम से राजा के लिए दवाएं मंगाती थीं और उसे नियमित रूप से दवा लेने के लिए कहती थीं।
हालांकि पुलिस जांच में इस विवाद के अलावा पैसों से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं।
पत्नी की ओर से रुपयों की मांग का भी आरोपी ने किया जिक्र
एसीपी के अनुसार, पूछताछ में राजा ने यह भी बताया कि वह पत्नी की ओर से बार-बार रुपयों की मांग किए जाने से परेशान था।
पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है।
परिवार के सदस्यों के बयान और पिछले विवादों से जुड़े तथ्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पति-पत्नी के बीच वास्तविक विवाद किन मुद्दों को लेकर था।
12 साल से खोड़ा में रह रहा था परिवार
पुलिस के अनुसार, मूल रूप से अररिया, बिहार का रहने वाला मोहम्मद राजा अंसारी करीब 12 साल से खोड़ा में परिवार के साथ रह रहा था।
वह दिल्ली के गाजीपुर स्थित मछली मंडी में एक मांस कारोबारी हाजी इस्माइल के यहां मुंशी का काम करता था।
लंबे समय से खोड़ा में रहने के कारण परिवार स्थानीय स्तर पर अपना जीवन बसा चुका था।
लेकिन शुक्रवार रात हुई वारदात ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।
बेबी के पिता ने तीन साल पहले खरीदा था फ्लैट
पुलिस के अनुसार, करीब तीन साल पहले बेबी तबस्सुम के पिता जमील ने चार मंजिला इमारत में एक फ्लैट खरीदकर उन्हें दिया था।
फ्लैट बेबी तबस्सुम के नाम पर बताया गया है।
परिवार इसी फ्लैट में रह रहा था।
ऐसे में घर के भीतर हुए दोहरे हत्याकांड ने उस स्थान को भी जांच का प्रमुख केंद्र बना दिया है।
बेबी और सना की धारदार हथियार से हत्या
पुलिस के मुताबिक, बेबी तबस्सुम और उनकी बेटी सना के शरीर पर धारदार हथियार से हमले के कई निशान मिले हैं।
घटना के बाद दोनों के शवों को पुलिस ने कब्जे में लिया।
परिवार के अन्य सदस्यों के आने के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाना है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति और मृत्यु के कारणों की चिकित्सकीय पुष्टि होगी।
14 साल की रूबी भी हमले में घायल
हमले में परिवार की छोटी बेटी जोया उर्फ रूबी (14) भी घायल हुई।
उसे तत्काल उपचार के लिए एमएमजी अस्पताल ले जाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इसके बाद उसे उसके मामा इस्लामुद्दीन के साथ भेजा गया।
रूबी इस पूरे मामले की महत्वपूर्ण गवाहों में से एक है, क्योंकि वह घटना के दौरान मौके पर मौजूद थी।
रूबी आठवीं कक्षा में पढ़ती है, सना दसवीं में
रूबी ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली के वेस्ट विनोद नगर स्थित राजकीय कन्या विद्यालय में आठवीं कक्षा में पढ़ती है।
उसकी बड़ी बहन सना दसवीं कक्षा की छात्रा थी।
दोनों बहनों की पढ़ाई और परिवार का सामान्य जीवन उस रात की घटना से पूरी तरह बदल गया।
एक बहन की मौत हो गई, जबकि दूसरी घायल होकर बची।
शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे घर लौटा था आरोपी
रूबी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे उसके पिता ड्यूटी से घर लौटे थे।
शाम करीब साढ़े आठ बजे परिवार ने खाना खाया।
इसके बाद दोनों पति-पत्नी अपने कमरे में सोने चले गए।
बाहर से देखने पर सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था।
लेकिन पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले ही चाकू खरीदकर घर में छिपा चुका था।
तीन दिन पहले की तैयारी ने बढ़ाया रहस्य
चाकू तीन दिन पहले खरीदने की बात पुलिस जांच में सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक है।
यदि यह तथ्य साक्ष्यों से पुष्ट होता है, तो इससे जांच में वारदात की पूर्व योजना की संभावना मजबूत हो सकती है।
पुलिस अब इस बात की भी जांच करेगी कि चाकू कब, कहां और किस उद्देश्य से खरीदा गया था।
इसके अलावा आरोपी के आने-जाने और उस दौरान की गतिविधियों से संबंधित उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।
घर के अंदर बन रही थी कथित साजिश, परिवार बेखबर
पुलिस के अनुसार, जिस घर में परिवार सामान्य जीवन जी रहा था, उसी घर में हत्या की कथित योजना आकार ले रही थी।
परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी नहीं थी।
आरोपी ने चाकू को गद्दे के नीचे छिपाकर रखा था।
इससे वारदात के पहले की तैयारी को लेकर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी मोहम्मद राजा अंसारी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने पत्नी और बेटी की हत्या की बात स्वीकार करने की जानकारी पुलिस ने दी है।
हालांकि किसी भी आरोपी का कथित इकबालिया बयान अपने आप में दोष सिद्धि का अंतिम आधार नहीं होता। मामले की पुष्टि अन्य साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के जरिए होगी।
हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल किया गया मांस काटने वाला चाकू बरामद कर लिया गया है।
चाकू को पुलिस जांच में महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है।
फोरेंसिक जांच से यह भी पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि बरामद हथियार का संबंध वारदात से कैसे जुड़ता है।
एक सप्ताह में चार्जशीट की तैयारी
एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
पुलिस साक्ष्य जुटाने के बाद करीब एक सप्ताह के भीतर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
परिवार के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम
पुलिस के अनुसार, बेबी का परिवार असम में रहता है।
परिवार के अन्य सदस्यों के आने के बाद दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी।
इससे मृत्यु के कारण और चोटों से संबंधित चिकित्सकीय तथ्य सामने आएंगे।
पुलिस के सामने अब कई सवाल
पुलिस की जांच में अब कई पहलुओं को जोड़ना बाकी है।
पति-पत्नी के बीच पिछले चार महीनों से चल रहा विवाद कितना गंभीर था?
दो दिन पहले पड़ोसियों को हस्तक्षेप क्यों करना पड़ा?
चाकू खरीदने के पीछे आरोपी का उद्देश्य क्या था?
गद्दे के नीचे चाकू कब छिपाया गया?
वारदात से पहले आरोपी की गतिविधियां क्या थीं?
इन सभी सवालों के जवाब जांच के दौरान महत्वपूर्ण होंगे।
पड़ोसियों की सतर्कता से बची छोटी बेटी
इस मामले में पड़ोसियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
रूबी की चीख-पुकार सुनकर रफीक और तय्यूब ऊपर पहुंचे और उसे बाहर निकाला।
यदि पड़ोसी समय पर नहीं पहुंचते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी भय और चिंता का माहौल है।
घरेलू तनाव ने लिया बेहद खतरनाक रूप
पुलिस के अनुसार, परिवार में कई महीनों से तनाव चल रहा था।
दवा लेने और कथित आर्थिक विवाद को लेकर पति-पत्नी के बीच लगातार कहासुनी होती थी।
तीन रातों तक विवाद होने की बात भी सामने आई है।
लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह तनाव हत्या जैसे भयावह अपराध में बदल जाएगा।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी जरूरी है संवेदनशीलता
आरोपी ने पुलिस को खुद को अवसादग्रस्त बताया है और परिवार ने उसके लंबे समय से उपचार की बात कही है।
किसी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष केवल योग्य चिकित्सकीय मूल्यांकन के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
यह भी जरूरी है कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को अपराध का स्वतः कारण न माना जाए।
इस मामले में हत्या की वास्तविक परिस्थितियों का निर्धारण पुलिस जांच, चिकित्सकीय रिकॉर्ड और अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों से होगा।
छोटी बेटी के सामने अब पूरी जिंदगी का सवाल
14 वर्षीय रूबी इस घटना की प्रत्यक्ष पीड़ितों में शामिल है।
उसने अपनी मां और बड़ी बहन को खो दिया।
खुद भी घायल हुई और फिर अस्पताल में उसका इलाज कराया गया।
अब उसे अपने परिवार और रिश्तेदारों के सहारे इस भयावह घटना से उबरना होगा।
उसकी सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई को लेकर परिवार को विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी।
बेबी के परिवार के सामने भी बड़ा संकट
बेबी तबस्सुम के परिवार को भी अपनी बेटी और नातिन के साथ हुई घटना ने गहरा आघात दिया है।
एक ओर बेटी की हत्या हुई, दूसरी ओर बड़ी नातिन की भी जान चली गई।
छोटी नातिन घायल अवस्था में बची है।
परिवार के सामने अब न्याय की लड़ाई के साथ रूबी के भविष्य की चिंता भी है।
फास्ट ट्रैक सुनवाई की तैयारी
पुलिस ने मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत की बात कही है।
यदि मामले में पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं तो तेज सुनवाई के माध्यम से पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने का प्रयास किया जा सकता है।
हालांकि न्यायिक प्रक्रिया में आरोप, साक्ष्य और बचाव पक्ष सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
अब साक्ष्य बताएंगे वारदात की पूरी कहानी
खोड़ा के लोकप्रिय विहार का यह दोहरा हत्याकांड कई गंभीर सवाल छोड़ गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले से चाकू खरीदकर रखा था और घर में तीन रातों से विवाद चल रहा था।
पत्नी और बड़ी बेटी की हत्या के बाद छोटी बेटी पर भी हमला किया गया, लेकिन घायल मां के हस्तक्षेप और पड़ोसियों की मदद से उसकी जान बच गई।
अब पुलिस चाकू, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिवार और पड़ोसियों के बयान तथा आरोपी के कथित बयानों को जोड़कर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
सबसे अहम बात यह है कि एक ही घर में रहने वाले परिवार को जिस खतरे का अंदाजा नहीं था, वह कुछ ही मिनटों में दो जिंदगियां लील गया और एक किशोरी को जिंदगी भर का गहरा सदमा दे गया।

