Sidharth Malhotra-Tamannaah Bhatia की ‘वन’ का खौफनाक ट्रेलर रिलीज, जंगल में छिपी हैं रहस्यमयी शक्तियां; भूतों से भिड़ते दिखे सिद्धार्थ
News-Desk
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bollywood news, Fantasy Horror Film, Folk Horror, Hindi cinema, Siddharth Malhotra Movie, sidharth malhotra, Tamannaah Bhatia, Tamannaah Bhatia Movie, The One Force of the Forest, Vvan Movie, Vvan Trailer, Vvan Trailer ReleaseSidharth Malhotra और Tamannaah Bhatia की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वन’ (Vvan) को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। अब मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया है और ट्रेलर सामने आते ही इसकी कहानी को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ गई है। करीब 2 मिनट 44 सेकंड का ट्रेलर एक ऐसे रहस्यमयी जंगल की दुनिया में ले जाता है, जहां आस्था, लोकविश्वास, प्राचीन कथाएं और डरावनी अलौकिक शक्तियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई दिखाई देती हैं।
फिल्म की कहानी किसी सामान्य जंगल या वहां होने वाली घटनाओं तक सीमित नजर नहीं आती। ट्रेलर में एक ऐसा प्रतिबंधित वन दिखाया गया है, जिसके भीतर जाने को लेकर स्थानीय मान्यताएं बेहद डरावनी हैं। इस जंगल में एक प्राचीन ‘वन देवी’ मंदिर भी है और उससे जुड़ी पुरानी लोककथाएं कहानी का अहम हिस्सा दिखाई देती हैं।
सबसे खास बात यह है कि फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं, जो नास्तिक है। यानी जिस दुनिया में आस्था और लोकविश्वास सबसे बड़ी ताकत हैं, उसी दुनिया में सिद्धार्थ का किरदार इन मान्यताओं पर भरोसा नहीं करता। लेकिन जैसे-जैसे वह जंगल की रहस्यमयी दुनिया के करीब पहुंचता है, परिस्थितियां उसके सामने ऐसे सवाल खड़े करती हैं जिनसे बचना आसान नहीं है।
ट्रेलर ने खोला रहस्यमयी जंगल का दरवाजा
Vvan Trailer की शुरुआत सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया के किरदारों के बीच बातचीत से होती है। माहौल सामान्य दिखाई देता है, लेकिन बातचीत के दौरान ही कहानी धीरे-धीरे एक अलग दिशा पकड़ने लगती है। तमन्ना का किरदार छठ पूजा की छुट्टियों में जंगल की ओर जाने की बात करता नजर आता है।
इसके विपरीत सिद्धार्थ का किरदार इस यात्रा को लेकर बहुत उत्साहित दिखाई नहीं देता। वह किसी न किसी बहाने से वहां जाने से बचने की कोशिश करता है। लेकिन तमन्ना के किरदार का विश्वास अलग है। उसे लगता है कि उसे खुद देवी ने बुलाया है।
यहीं से फिल्म की कहानी में आस्था और तर्क का टकराव दिखाई देने लगता है।
एक तरफ सिद्धार्थ का किरदार नास्तिक है और दूसरी तरफ तमन्ना का किरदार उस शक्ति पर विश्वास करता है जिसे वह सामान्य इंसानी अनुभव से अलग मानता है। ट्रेलर में दोनों के नजरिए के बीच का यह अंतर आगे आने वाली घटनाओं की जमीन तैयार करता है।
जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, जंगल के भीतर होने वाली अजीब और अकल्पनीय घटनाएं सामने आने लगती हैं। एक तरफ पुराना मंदिर है, दूसरी तरफ उससे जुड़ी लोककथाएं हैं और तीसरी तरफ ऐसी शक्तियों का डर है, जिनका सामना करने के लिए सामान्य हिम्मत शायद काफी नहीं होगी।
सूर्यास्त के बाद जंगल में जाना क्यों है मना?
फिल्म की दुनिया का सबसे दिलचस्प और डर पैदा करने वाला नियम है—सूर्यास्त के बाद जंगल में प्रवेश करना वर्जित है।
ट्रेलर में इस नियम को सिर्फ एक सामान्य चेतावनी की तरह नहीं दिखाया गया है। इसके पीछे जंगल से जुड़ी एक खौफनाक मान्यता बताई जाती है। कहा जाता है कि सूर्यास्त के बाद इस जंगल में कदम रखने वाला इंसान फिर जिंदा वापस नहीं लौटता।
यही नियम फिल्म की कहानी में रहस्य को और गहरा करता है।
दिन के उजाले में जो जंगल सामान्य दिखाई दे सकता है, वही अंधेरा होते ही पूरी तरह बदल जाता है। रात के साथ वहां ऐसी शक्तियों का खतरा शुरू हो जाता है जिन्हें फिल्म में ‘भुट्टका’ नाम दिया गया है।
इन शक्तियों को अंधेरी और भयावह ताकतों के रूप में पेश किया गया है। ट्रेलर में इनसे जुड़ी झलकियां कहानी के हॉरर और फैंटेसी पक्ष को सामने लाती हैं।
सिद्धार्थ का किरदार इन सभी चेतावनियों के बावजूद जंगल की तरफ खिंचा चला जाता है। यही वह जगह है जहां एक नास्तिक व्यक्ति और एक ऐसी दुनिया के बीच टकराव शुरू होता है, जिसमें हर घटना के पीछे किसी प्राचीन विश्वास या शक्ति की मौजूदगी मानी जाती है।
वन देवी का मंदिर और सदियों पुरानी लोककथा
फिल्म की कहानी में ‘वन देवी’ का प्राचीन मंदिर खास भूमिका निभाता दिखाई देता है। ट्रेलर में मंदिर से जुड़े रहस्य और पुरानी लोककथाओं की झलक मिलती है।
फिल्म का आकर्षण इसी बात में है कि यहां डर को केवल भूत या अचानक सामने आने वाली डरावनी घटनाओं के सहारे पेश करने की कोशिश नहीं की गई है। कहानी के पीछे भारतीय लोकविश्वास और संस्कृति से जुड़ा एक संसार बनाया गया है।
जंगल, मंदिर, देवी से जुड़ी मान्यता, सूर्यास्त के बाद प्रवेश पर रोक और ‘भुट्टका’ जैसी शक्तियां मिलकर फिल्म की अपनी एक अलग दुनिया तैयार करती हैं।
यही वजह है कि Vvan Trailer में हॉरर के साथ फैंटेसी और लोककथा का मिश्रण देखने को मिलता है।
ट्रेलर यह संकेत भी देता है कि जंगल के भीतर मौजूद रहस्य को समझने के लिए सिर्फ सामान्य तर्क काफी नहीं होगा। सिद्धार्थ का नास्तिक किरदार इस दुनिया में जितना आगे जाता है, उसके सामने उतने ही नए सवाल खड़े होते दिखाई देते हैं।
सिद्धार्थ मल्होत्रा का बिल्कुल अलग अंदाज
सिद्धार्थ मल्होत्रा को आमतौर पर रोमांटिक, एक्शन और ड्रामा फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाते देखा गया है। लेकिन ‘वन’ में उनका किरदार इससे काफी अलग नजर आ रहा है।
यहां वह एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका में हैं जो धार्मिक या अलौकिक मान्यताओं पर विश्वास नहीं करता। लेकिन कहानी उसे ऐसी परिस्थितियों में पहुंचा देती है जहां उसे उन्हीं शक्तियों का सामना करना पड़ता है जिन्हें वह शायद शुरुआत में महज अंधविश्वास मानता रहा होगा।
ट्रेलर में सिद्धार्थ के किरदार को जंगल की खतरनाक परिस्थितियों के बीच संघर्ष करते हुए दिखाया गया है। कई जगह वह रहस्यमयी शक्तियों और भूतों से मुकाबला करते नजर आते हैं।
इस किरदार के जरिए फिल्म में एक दिलचस्प सवाल भी खड़ा होता है—अगर किसी ऐसी चीज का सामना हो जाए जिसे तर्क से समझाना मुश्किल हो, तो क्या विश्वास और अविश्वास की सीमाएं बदल सकती हैं?
फिल्म इसका जवाब किस तरह देती है, यह सिनेमाघरों में कहानी आगे बढ़ने के बाद ही सामने आएगा।
तमन्ना भाटिया और सिद्धार्थ की पहली जोड़ी
‘वन’ की एक और खास बात है सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की जोड़ी। दोनों कलाकार पहली बार एक साथ स्क्रीन शेयर कर रहे हैं।
तमन्ना का किरदार कहानी में आस्था से जुड़ा हुआ दिखाई देता है। उसे लगता है कि देवी ने उसे बुलाया है। दूसरी ओर सिद्धार्थ का किरदार नास्तिक है। इस तरह दोनों किरदारों की सोच एक-दूसरे से काफी अलग रखी गई है।
यही अंतर फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता दिखाई देता है।
ट्रेलर से यह भी संकेत मिलता है कि दोनों सिर्फ कहानी के दो अलग-अलग किरदार नहीं हैं, बल्कि जंगल से जुड़े रहस्य के बीच उनकी अपनी-अपनी मान्यताएं और अनुभव भी कहानी का हिस्सा बनते हैं।
मनीष पॉल से लेकर अनूप सोनी तक, मजबूत स्टारकास्ट
फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया के अलावा कई जाने-पहचाने कलाकार नजर आएंगे।
स्टारकास्ट में मनीष पॉल, श्वेता तिवारी, सुनील ग्रोवर और अनूप सोनी जैसे नाम शामिल हैं। इन कलाकारों की मौजूदगी फिल्म को और व्यापक बनाने वाली है।
खासकर अनूप सोनी का नाम देखते ही दर्शकों के बीच क्राइम और रहस्य से जुड़े उनके पुराने टेलीविजन अंदाज की याद आ सकती है, हालांकि ‘वन’ में उनका किरदार क्या मोड़ लेकर आता है, यह फिल्म देखने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मेकर्स ने ट्रेलर में सभी किरदारों और उनके संबंधों को पूरी तरह खोलने के बजाय कई चीजों को रहस्य में रखा है। इससे कहानी को लेकर उत्सुकता बनी रहती है।
‘वन’ में डर के साथ एक्शन का भी तड़का
सिर्फ हॉरर पर निर्भर रहने के बजाय फिल्म में फैंटेसी और एक्शन का मिश्रण भी दिखाई देता है। ट्रेलर में सिद्धार्थ का किरदार खतरनाक परिस्थितियों से जूझता हुआ नजर आता है।
जंगल की रहस्यमयी शक्तियों के साथ होने वाला संघर्ष फिल्म के एक्शन हिस्से को सामने लाता है। वहीं मंदिर, लोककथा और अलौकिक शक्तियां कहानी के फैंटेसी और हॉरर पक्ष को मजबूत करती हैं।
इस तरह ‘वन’ को सिर्फ पारंपरिक हॉरर फिल्म की श्रेणी में रखना मुश्किल है। ट्रेलर से कम से कम इतना जरूर संकेत मिलता है कि मेकर्स ने इसे फोक हॉरर, फैंटेसी, एक्शन और भारतीय लोककथाओं के मिश्रण के रूप में तैयार किया है।
असली जंगलों में शूटिंग से बढ़ाया गया माहौल
फिल्म के निर्माताओं ने डर और कहानी की दुनिया को अधिक वास्तविक महसूस कराने के लिए असली जंगलों में शूटिंग की है। जंगल का प्राकृतिक वातावरण फिल्म के मूड का अहम हिस्सा दिखाई देता है।
घना जंगल, अंधेरा, मंदिर और रहस्यमयी घटनाएं मिलकर ऐसा माहौल तैयार करते हैं, जहां दर्शक कहानी के पात्रों के साथ उस दुनिया में प्रवेश करने का अनुभव कर सकते हैं।
लोककथाओं पर आधारित फिल्मों में लोकेशन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि कहानी का डर सिर्फ किरदारों से नहीं बल्कि उनके आसपास की दुनिया से भी पैदा होता है। ‘वन’ के ट्रेलर में यही बात प्रमुखता से दिखाई देती है।
‘तुंबाड’, ‘भ्रमयुगम’ और ‘कांतारा’ के बाद लोककथाओं वाला सिनेमा
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सिनेमा में लोककथाओं, स्थानीय मान्यताओं और फोक हॉरर से जुड़ी कहानियों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी देखने को मिली है। ‘तुंबाड’, ‘भ्रमयुगम’ और ‘कांतारा’ जैसी फिल्मों ने अपने-अपने तरीके से लोकविश्वास, रहस्य और सांस्कृतिक परिवेश को कहानी के साथ जोड़ा।
‘वन’ भी इसी व्यापक सिनेमाई रुचि के बीच अपनी अलग दुनिया लेकर आती दिखाई दे रही है।
हालांकि हर फिल्म की कहानी और प्रस्तुति अलग होती है, लेकिन ‘वन’ के ट्रेलर से साफ है कि मेकर्स ने भारतीय लोककथाओं और आस्था को कहानी की बुनियाद में रखा है।
यहां जंगल केवल कहानी की लोकेशन नहीं बल्कि खुद एक महत्वपूर्ण तत्व बनकर सामने आता है। जंगल के नियम, उससे जुड़े विश्वास और वहां मौजूद शक्तियां पूरी कहानी को दिशा देती नजर आती हैं।
‘पंचायत’ के निर्देशक अब लेकर आए अलग दुनिया
‘वन’ की सबसे दिलचस्प बातों में से एक इसका निर्देशन भी है। फिल्म का निर्देशन दीपक कुमार मिश्रा ने किया है, जिन्हें दर्शक लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ के निर्देशन के लिए जानते हैं।
‘पंचायत’ की दुनिया बिल्कुल अलग थी—ग्रामीण जीवन, रोजमर्रा की समस्याएं, मानवीय रिश्ते और हल्के-फुल्के हास्य के बीच बुनी गई कहानी।
इसके मुकाबले ‘वन’ की दुनिया रहस्य, फैंटेसी, हॉरर और लोककथाओं से भरी हुई दिखाई देती है।
यानी दीपक कुमार मिश्रा इस बार दर्शकों को बिल्कुल अलग जॉनर में ले जाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। Vvan Trailer में इस बदलाव की झलक साफ दिखाई देती है।
ट्रेलर में पौराणिक मान्यताओं, जंगल की लोककथाओं, हॉरर और एक्शन को एक साथ जोड़ने की कोशिश की गई है।
ट्रेलर में रहस्य पूरी तरह नहीं खोला गया
मेकर्स ने ट्रेलर में फिल्म की पूरी कहानी बताने के बजाय कई महत्वपूर्ण सवालों को अभी खुला छोड़ा है।
वन देवी वास्तव में कौन है?
‘भुट्टका’ शक्तियां क्या हैं?
सूर्यास्त के बाद जंगल में प्रवेश करने पर क्या होता है?
तमन्ना के किरदार को देवी ने वास्तव में क्यों बुलाया है?
और सबसे बड़ा सवाल—नास्तिक सिद्धार्थ का किरदार इस रहस्यमयी दुनिया से आखिर कैसे बाहर निकलेगा?
इन सवालों के जवाब ट्रेलर में पूरी तरह नहीं दिए गए हैं।
यही वजह है कि फिल्म की कहानी का एक बड़ा हिस्सा अभी भी रहस्य में है। ट्रेलर सिर्फ उस दुनिया का दरवाजा खोलता है, लेकिन उसके अंदर क्या छिपा है, यह देखने के लिए दर्शकों को फिल्म का इंतजार करना होगा।
शोभा कपूर और एकता कपूर ने किया प्रोड्यूस
‘वन’ का निर्माण बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले किया गया है। फिल्म को शोभा कपूर और एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया है।
निर्माताओं ने फिल्म को भारतीय लोककथाओं, आस्था और संस्कृति से जोड़ने की कोशिश की है। ट्रेलर से भी यही संकेत मिलता है कि कहानी का आधार केवल काल्पनिक डर नहीं बल्कि लोकविश्वास से जुड़ी दुनिया है।
फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया, मनीष पॉल, श्वेता तिवारी, सुनील ग्रोवर और अनूप सोनी जैसे कलाकारों की मौजूदगी इसे बड़े स्तर की प्रस्तुति बनाती है।
25 सितंबर को सिनेमाघरों में पहुंचेगी ‘वन’
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
ट्रेलर रिलीज होने के बाद अब फिल्म को लेकर अगला सवाल यही है कि दर्शकों को जंगल की यह रहस्यमयी दुनिया कितनी पसंद आती है। खासतौर पर ऐसे समय में जब भारतीय लोककथाओं और फोक हॉरर से जुड़ी कहानियों ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है, ‘वन’ की कहानी किस तरह सामने आती है, यह देखना दिलचस्प होगा।
फिलहाल Vvan Trailer ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि फिल्म में सिर्फ एक जंगल नहीं है, बल्कि उस जंगल के भीतर आस्था, डर, लोककथा और रहस्य की एक पूरी दुनिया बसी हुई है। और उस दुनिया में सबसे बड़ा सवाल शायद यही है—सूरज डूबने के बाद आखिर जंगल में ऐसा क्या जागता है, जिससे इंसान का वापस लौटना मुश्किल हो जाता है?
‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ की कहानी का आधार
फिल्म का पूरा नाम ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ बताया गया है। कहानी भारतीय लोककथाओं, आस्था और संस्कृति से जुड़ी हुई है। फिल्म के जरिए जंगल को एक ऐसे रहस्यमयी संसार के रूप में पेश किया गया है, जहां इंसानी विश्वास और अदृश्य शक्तियों के बीच की सीमा धुंधली पड़ती दिखाई देती है।
कहानी से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, फिल्म की जड़ें एक करीब 400 साल पुराने मंदिर से जुड़ी बताई गई हैं। यही पृष्ठभूमि इस कहानी को सामान्य हॉरर से अलग पहचान देने की कोशिश करती है।
अब देखना यह होगा कि फिल्म इस लोककथा को बड़े पर्दे पर किस तरह विस्तार देती है और सिद्धार्थ मल्होत्रा का नास्तिक किरदार इस रहस्यमयी जंगल की शक्तियों का सामना किस अंदाज में करता है।

