Farrukhabad में हिंदूवादी नेताओं का कोतवाली गेट पर धरना, पुलिस ने किया बल प्रयोग; दो पदाधिकारी हिरासत में
Farrukhabad में हिंदूवादी संगठन के एक पदाधिकारी के साथ कथित मारपीट के मामले ने रविवार देर रात तूल पकड़ लिया। घटना की शिकायत लेकर बजरंग दल के पदाधिकारी और जनसत्ता दल के महामंत्री सिद्धांत सिंह कुछ कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचे। आरोप है कि पुलिस की ओर से उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से नाराज कार्यकर्ताओं ने कोतवाली गेट पर धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ने पर आसपास की चौकियों से पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं हटे तो बल प्रयोग कर उन्हें वहां से खदेड़ दिया। इस दौरान दो पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली में बैठा लिया गया। देर रात अधिकारियों के हस्तक्षेप और बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।
चौक पर कथित हाथापाई और मारपीट के बाद कोतवाली पहुंचे कार्यकर्ता
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात शहर के चौक पर हिंदूवादी संगठन के एक पदाधिकारी के साथ कुछ लोगों की कहासुनी हुई, जो कथित तौर पर हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गई। घटना के बाद संबंधित पक्ष की शिकायत लेकर बजरंग दल के पदाधिकारी और जनसत्ता दल के महामंत्री सिद्धांत सिंह कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचे।
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पुलिस उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं कर रही है। इसी बात को लेकर नाराजगी बढ़ी और कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के गेट पर धरना देना शुरू कर दिया। प्रदर्शन की खबर फैलने के साथ ही वहां लोगों की संख्या बढ़ने लगी, जिससे पुलिस प्रशासन की हलचल भी तेज हो गई।
संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया
कोतवाली गेट पर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ती देख आसपास की पुलिस चौकियों से अतिरिक्त बल बुलाया गया। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाकर वहां से हटाने की कोशिश की। हालांकि, कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहे। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को कोतवाली गेट से दूर खदेड़ दिया।
इस कार्रवाई के दौरान दो पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली में बैठा लिया गया। घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों के अन्य पदाधिकारी भी वहां पहुंचने लगे। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष मुकेश बाथम और महिला पदाधिकारियों के पहुंचने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया।
देर रात अधिकारियों से बातचीत के बाद शांत हुआ मामला
घटना की जानकारी मिलने पर सुशील कुमार सिंह देर रात कोतवाली पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से बातचीत की और उच्चाधिकारियों से भी संपर्क किया। इसके बाद आधी रात के बाद स्थिति शांत हुई। बाद में कोतवाली में खड़ी कुछ पदाधिकारियों की बाइकों को वापस किया गया।
देर रात तक चली बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन संगठन के पदाधिकारियों ने मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि संबंधित पदाधिकारी के साथ हुई कथित मारपीट की शिकायत पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए थी।
सिद्धांत सिंह ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया
जनसत्ता दल के महामंत्री सिद्धांत सिंह ने बताया कि संगठन के नगर संयोजक को कोतवाली में हिरासत में लेकर बैठा लिया गया था। उन्होंने पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगाया और कहा कि इस मामले में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से बातचीत कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सिद्धांत सिंह की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। वहीं, कथित मारपीट की घटना और पुलिस कार्रवाई को लेकर पुलिस का विस्तृत पक्ष भी सामने नहीं आया है। मामले में दोनों पक्षों की बात और पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मारपीट की शिकायत और पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजरें
फर्रुखाबाद की इस घटना में एक ओर हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी के साथ कथित मारपीट की शिकायत है, तो दूसरी ओर कोतवाली गेट पर धरना और पुलिस की कार्रवाई का मामला सामने आया है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया।
अब मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कथित मारपीट की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और हिरासत में लिए गए पदाधिकारियों के संबंध में पुलिस की ओर से क्या जानकारी दी जाती है।
फर्रुखाबाद में कथित मारपीट की शिकायत को लेकर शुरू हुआ विवाद देर रात कोतवाली गेट पर धरने और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया। अधिकारियों से बातचीत के बाद स्थिति शांत हुई, लेकिन संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए आगे की रणनीति बनाने की बात कही है।

