सभी ग्राम प्रधान अपने गांव को ‘स्मार्ट विलेज बनाने की सभी जरूरी कोशिश करें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
गांव में बाहर से कोई भी आये उस पर नजर रखें। पूरी सजगता बरतें। ‘मेरा गांव कोरोना मुक्त गांव’ के संदेश को हर ग्रामवासी का लक्ष्य बनाने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए पंचायतों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भाव होना चाहिए। ग्राम प्रधान बंधुओं! यह कोरोना बहरूपिया है और धूर्त भी है। खुद भी सजग रहें और अपने ग्रामवासियों को भी जागरूक करें। यह सुखद है कि हमारे सर्वेक्षण में 68 फीसदी गांवों में शून्य संक्रमण होना पाया गया, लेकिन यह स्थिति बनी रहे, इसके लिए सावधानी जरूरी है। बहुत सी ग्राम पंचायतों के गठन का कार्य अभी होना शेष है। सदस्यों का चयन कर इस प्रक्रिया को भी तेजी से पूरा कराएं।
उन्होंने कहा कि कोरोना का हम सभी पर बहुत असर पड़ा है। हमारी प्राथमिकता जीवन और जीविका दोनों को बचाना है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार सभी के भरण-पोषण की व्यवस्था कर रही है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से जून और जुलाई में निःशुल्क राशन दिया जा रहा है तो राज्य सरकार जून, जुलाई और अगस्त में राशन वितरण करेगी। ग्राम प्रधान यह सुनिश्चित कराएं कि एक भी पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहे। कहीं भी घटतौली न हो। सभी दुकानों पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन हो।
पिछले वर्ष स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं ने मास्क तैयार करने का अभिनव काम किया था। इस वर्ष भी उन्हें प्रोत्साहित करें। यह उनके आय का साधन भी बनेगी। गांवों में सभी को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें। कहीं भी भीड़भाड़ न होने दें। सर्दी-खांसी के मरीजों पर नजर रखें। उन्हें निगरानी समिति के माध्यम से तत्काल मेडिसिन किट उपलब्ध कराएं। 24 घंटे के भीतर उनका एंटीजन टेस्ट कराएं। उन्हें क्वारन्टीन कराएं। अगर पॉजिटिव न आएं और फिर भी संदिग्ध लगें तो आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सैम्पल भिजवाएं।
उन्होंने कहा, बरसात का मौसम प्रारंभ होने वाला है। यह बीमारियों का वाहक भी है। इंसेफेलाइटिस चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया जैसी जलजनित अथवा विषाणु जनित बीमारियों से अपने गांव को सुरक्षित रखें। इसके लिए सबसे जरूरी है दिन में स्वच्छता, दोपहर में सैनेटाइजेशन और शाम होते ही फॉगिंग। हर रोज न सही पर दो दिन के अंतराल पर यह कार्य जरूर हो।
नालियों में बहाव हो। जलजमाव न हो। यह ध्यान रखें स्वास्थ्य विभाग गांव में बाद में पहुंचेगा, इन सबकी पहली जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की ही है। सरकार शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए वृहद कार्यक्रम चला रही है। आप सभी लोगों को बताएं कि शुद्ग पेयजल न हो और हैंडपंप हो तो पानी गरम कर पियें। छानकर पियें। इससे मलेरिया जैसी बीमारियां नहीं होंगी।
सभी ग्राम प्रधान अपने गांव को ‘स्मार्ट विलेज बनाने की सभी जरूरी कोशिश करें। एक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। विद्यालय हो, खेल का मैदान हो। चिकित्सालय हो। सड़क हो। स्वच्छता हो। धन की कोई कमी नहीं है। हर ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय का निर्माण तेजी से पूरा कराएं। वहां इंटरनेट हो। बैंकिंग सखी की बैठने की व्यवस्था हो। पब्लिक एड्रेस सिस्टम हो। यह सब कराएं। कोई आवश्यकता हो तो शासन से सब मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करें, ताकि लोग टेस्ट कराएं। अब कोविड टीकाकरण शुरू हो चुका है। कॉमन सर्विस सेंटर पर लोगों को ले जाएं, उनका पंजीयन कराएं, वहीं वैक्सीन लगाने की भी व्यवस्था की जा रही है।

