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चीन की सेना में भूचाल: न्यूक्लियर सीक्रेट लीक आरोपों में CMC वाइस-चेयरमैन Zhang Youxia पर जांच, जिनपिंग के सबसे ताकतवर जनरल की कुर्सी डगमगाई

China military investigation Zhang Youxia की खबर ने एशिया से लेकर वॉशिंगटन तक रणनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। चीन की सेना के सबसे ताकतवर जनरल और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के वाइस-चेयरमैन झांग यूक्सिया पर न्यूक्लियर हथियारों से जुड़ी गोपनीय जानकारी अमेरिका तक लीक करने के आरोपों में जांच शुरू होने की सूचना ने बीजिंग की सत्ता संरचना और सैन्य नेतृत्व की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल एक अधिकारी की जांच नहीं, बल्कि उस शक्ति संतुलन की परीक्षा बनता जा रहा है, जो राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को वैश्विक ताकत के रूप में स्थापित करने की रणनीति से जुड़ा है।


🔴 रक्षा मंत्रालय का ऐलान: पद से हटाए गए झांग यूक्सिया

चीन के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को औपचारिक बयान जारी कर बताया कि 75 वर्षीय झांग यूक्सिया पर “पार्टी के कानून और अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप हैं और उन्हें पद से हटा दिया गया है। हालांकि मंत्रालय ने जांच के विस्तृत कारणों का खुलासा नहीं किया, लेकिन आधिकारिक संकेतों से यह साफ है कि मामला बेहद संवेदनशील और उच्च स्तर का है।

सूत्रों के अनुसार, झांग सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पहले रैंक वाले उपाध्यक्ष थे, यानी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बाद चीन की सैन्य संरचना में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति माने जाते थे। ऐसे में उनकी जांच और हटाया जाना चीन की सैन्य राजनीति में एक बड़े मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।


🔴 न्यूक्लियर सीक्रेट लीक के आरोप और अंदरूनी गुटबाजी

रिपोर्टों के मुताबिक, झांग पर चीन के न्यूक्लियर हथियार कार्यक्रम से जुड़ी गोपनीय जानकारी अमेरिका तक पहुंचाने का आरोप है। साथ ही CMC के भीतर अपनी अलग गुटबाजी बनाने और कम्युनिस्ट पार्टी में फूट डालने की कोशिश करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

बताया जा रहा है कि चीन नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन के पूर्व महाप्रबंधक गु जून ने झांग के खिलाफ कुछ अहम सबूत पेश किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि गु जून खुद भी कम्युनिस्ट पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों में जांच के दायरे में हैं, जिससे यह पूरा मामला और जटिल हो गया है।


🔴 जीरो टॉलरेंस नीति: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख

वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि यह जांच इस बात का संकेत है कि पार्टी नेतृत्व भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उस व्यापक मुहिम का हिस्सा है, जिसका मकसद सेना में सुधार, केंद्रीकरण और वफादारी को मजबूत करना है। शी जिनपिंग खुद सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के चेयरमैन हैं और PLA की सर्वोच्च कमान उनके हाथ में है।


🔴 CMC और सैन्य शक्ति का केंद्र

सेंट्रल मिलिट्री कमीशन चीन की सेना से जुड़े सभी बड़े फैसले लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। यह न केवल सैन्य रणनीति तय करती है, बल्कि नियुक्तियों, हथियार प्रणालियों और रक्षा नीति की दिशा भी निर्धारित करती है।

रक्षा मंत्रालय ने यह भी बताया कि CMC के एक अन्य सदस्य और जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के प्रमुख ल्यू झेनली को भी जांच के दायरे में रखा गया है। इससे संकेत मिलता है कि कार्रवाई केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे सैन्य नेतृत्व की समीक्षा की जा रही है।


🔴 जिनपिंग के बाद सबसे ताकतवर जनरल

जनरल झांग यूक्सिया को लंबे समय तक राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बाद सबसे शक्तिशाली सैन्य अधिकारी माना जाता रहा है। वे चीनी क्रांति के दौर के एलीट सैन्य परिवार से आते हैं, जिन्हें “प्रिंसलिंग” कहा जाता है। यह शब्द उन नेताओं और अधिकारियों के लिए इस्तेमाल होता है, जो पार्टी और सेना के पुराने प्रभावशाली परिवारों से जुड़े होते हैं।

1968 में मात्र 18 साल की उम्र में झांग ने चीनी सेना में कदम रखा था। 1979 के चीन-वियतनाम युद्ध में उन्होंने मोर्चे पर सेवा दी और उसके बाद उनकी तरक्की तेजी से होती चली गई।


🔴 सैन्य करियर की ऊंचाइयां

अगस्त 2000 में झांग 13वीं ग्रुप आर्मी के कमांडर बने। 2011 में उन्हें जनरल के पद पर पदोन्नति मिली, जो PLA में सर्वोच्च सैन्य रैंक में से एक है।

2020 में जब वे 70 साल के हुए, तब चीन में सैन्य अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी हो चुकी थी। लेकिन राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें पद पर बनाए रखा, जो उनके और झांग के बीच करीबी रिश्तों और विश्वास का संकेत माना गया।


🔴 जिनपिंग को तीसरी बार राष्ट्रपति बनाने में भूमिका

2023 में शी जिनपिंग को तीसरी बार राष्ट्रपति बनाने की प्रक्रिया में झांग की भूमिका को अहम माना जाता है। उस समय PLA के भीतर बड़े फैसले और रणनीतिक कदम झांग की देखरेख में लिए जा रहे थे।

हालांकि, बाद में दोनों के बीच मतभेद गहराने लगे। कई महीनों तक झांग और CMC के एक अन्य जनरल लियू सार्वजनिक कार्यक्रमों और पार्टी बैठकों से गायब रहने लगे, जिसे बीजिंग की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना गया।


🔴 पार्टी अनुशासन और गायब होने की परंपरा

चीन में यह आम माना जाता है कि जब किसी वरिष्ठ अधिकारी पर कार्रवाई की तैयारी होती है, तो वह पहले सार्वजनिक मंच से गायब हो जाता है। 24 जनवरी 2026 को झांग पर औपचारिक रूप से पार्टी कानून और अनुशासन के उल्लंघन का आरोप लगाया गया और जांच शुरू हुई।

इतिहास बताता है कि चीन में एक बार भ्रष्टाचार या वफादारी पर सवाल उठने के बाद बहुत कम अधिकारी ही खुद को निर्दोष साबित कर पाते हैं।


🔴 शी जिनपिंग के करीबी भी निशाने पर

अक्टूबर 2024 में CMC के दूसरे उपाध्यक्ष हे वीडोंग को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। वे भी शी जिनपिंग के करीबी सहयोगी माने जाते थे और दोनों ने फुजियान और झेजियांग प्रांतों में साथ काम किया था।

इसके अलावा, 2024 में दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को भी भ्रष्टाचार के आरोपों में पार्टी से बाहर किया गया। इससे यह साफ हो गया कि शी जिनपिंग की मुहिम में करीबी सहयोगी भी सुरक्षित नहीं हैं।


🔴 रक्षा मंत्रालय और एंटी-करप्शन ड्राइव

राष्ट्रपति बनने के बाद से ही शी जिनपिंग सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। दिसंबर 2023 में नियुक्त हुए रक्षा मंत्री डोंग जुन भी जांच के दायरे में आए थे। उनसे पहले ली शांगफू और वेई फेंगहे जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी पद से हटाया जा चुका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभियान केवल भ्रष्टाचार खत्म करने तक सीमित नहीं, बल्कि सत्ता के केंद्रीकरण और पार्टी के प्रति पूर्ण वफादारी सुनिश्चित करने का भी माध्यम है।


🔴 चीन की सेना का आधुनिकीकरण और बढ़ता बजट

चीन लगातार अपनी सेना को आधुनिक बनाने में जुटा है। इस साल रक्षा बजट में 7.2% की बढ़ोतरी कर इसे 249 अरब डॉलर (1.78 ट्रिलियन युआन) तक पहुंचा दिया गया है, जो भारत के रक्षा बजट से लगभग तीन गुना है।

विश्लेषकों का अनुमान है कि चीन का वास्तविक सैन्य खर्च आधिकारिक आंकड़ों से 40-50% अधिक हो सकता है, क्योंकि कई मदों को अन्य क्षेत्रों में दिखाया जाता है।


🔴 वैश्विक ताकत बनने की रणनीति

अमेरिका के बाद चीन दुनिया में सेना पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाला देश है। जहां अमेरिका का रक्षा बजट करीब 950 अरब डॉलर है, वहीं चीन तेजी से इस अंतर को कम करने की कोशिश कर रहा है।

China military investigation Zhang Youxia के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या ये कार्रवाइयां केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं या फिर PLA को शी जिनपिंग के नियंत्रण में और मजबूत बनाने की रणनीति का हिस्सा।


China military investigation Zhang Youxia केवल एक जनरल की जांच नहीं, बल्कि चीन की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था की गहराई में चल रहे बदलावों का संकेत है। न्यूक्लियर सुरक्षा से लेकर पार्टी वफादारी और वैश्विक शक्ति संतुलन तक, यह मामला आने वाले समय में एशिया और दुनिया की भू-राजनीति पर दूरगामी असर डाल सकता है।

 

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