Chitrakoot-कोचिंग से लौट रही छात्रा से कथित छेड़छाड़ के बाद बवाल: विरोध पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप, पुलिस ने दर्ज की FIR
News-Desk
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chitrakoot, FIR दर्ज, उत्तर प्रदेश अपराध, कोचिंग छात्रा मामला, चित्रकूट न्यूज़, चित्रकूट समाचार, छात्रा सुरक्षा, छात्रा से छेड़छाड़, पुलिस जांच, महिला सुरक्षा, मानिकपुर थानाChitrakoot-। जिले के मानिकपुर क्षेत्र में एक 19 वर्षीय छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और उसके बाद पीड़ित परिवार के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित छात्रा का आरोप है कि कोचिंग से घर लौटते समय कुछ युवकों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर मामला और बढ़ गया तथा बाद में आरोपियों ने उसके परिवार के साथ भी मारपीट की। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कोचिंग से लौटते समय हुई घटना
पीड़िता के अनुसार 21 जून की शाम करीब 8 बजे वह कोचिंग से पढ़ाई करके अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक विद्यालय के पास कुछ युवक मौजूद थे। छात्रा का आरोप है कि वहां बैठे युवकों ने उसके आने पर अभद्र टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं।
शिकायत में कहा गया है कि युवकों में अमन मिश्रा, नसीमुद्दीन उर्फ चुन्नू, दीपक तिवारी समेत कुछ अन्य लोग शामिल थे। छात्रा का आरोप है कि सभी युवक नशे की हालत में थे और उसके प्रति अनुचित व्यवहार कर रहे थे।
जब उसने इस तरह की हरकतों का विरोध किया तो कथित तौर पर उसके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इस दौरान जातिसूचक टिप्पणियां भी की गईं, जिससे वह मानसिक रूप से काफी आहत हुई।
घर पहुंचकर पिता को बताई पूरी घटना
छात्रा ने बताया कि घटना के बाद वह सीधे अपने घर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने पिता को दी। बेटी की बात सुनकर पिता ने मामले की जानकारी लेने और युवकों से बातचीत करने का प्रयास किया।
परिवार का आरोप है कि जब छात्रा के पिता संबंधित युवकों के पास पहुंचे तो वहां स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने उनसे अभद्रता की और उन्हें धमकाने का प्रयास किया।
घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद आरोपी उनके घर तक पहुंच गए। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने घर में घुसकर छात्रा के पिता के साथ मारपीट की और परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास किया।
परिवार का कहना है कि घटना के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटनाक्रम के बाद परिवार में भय और तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
हालांकि आरोपों की सत्यता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से जानकारी जुटा रही है और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि कोचिंग, स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए ताकि वे बिना किसी डर के शिक्षा प्राप्त कर सकें।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या उत्पीड़न की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। ऐसे मामलों में समयबद्ध जांच और सख्त कानूनी कदम समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच जारी
मामले में पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मानिकपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि शिकायत में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है और जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, त्वरित कार्रवाई की मांग
घटना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने चिंता व्यक्त की है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि छात्राओं और महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही छात्राओं की सुरक्षा के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग भी उठ रही है।

