उत्तर प्रदेश

हिंदू होने की वजह से AMU हॉस्टल में 8 महीनों से कमरा नहीं दिया जा रहा है

AMU में राजस्थान निवासी कुछ छात्रों ने एएमयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है, क्योंकि वह हिंदू हैं. इस पूरे मामले की शिकायत लेकर एडीएम सिटी कार्यालय पर पहुंचे छात्रों ने आगे बताया कि एएमयू के तमाम हॉस्टल्स में ऐसे जूनियर छात्र व बाहरी लोग रह रहे हैं, जिनको हॉस्टल आवंटित ही नहीं है. छात्रों का आरोप है कि फीस जमा होने के बावजूद भी पिछले 8 महीनों से उन्हें हॉस्टल प्रोवाइड नहीं कराया गया है. जिसके चलते वह गार्ड के जर्जर कमरे में रहने को मजबूर हैं.

मामले में एएमयू प्रॉक्टर का कहना है कि छात्रों ने हमसे अभी सीधी शिकायत नहीं की है. हो सकता है कि डीएसडब्ल्यू को शिकायत पत्र भेजा हो. क्योंकि, डीएसडब्ल्यू ही अलॉटमेंट देखते हैं. हालांकि, अगर शिकायत आती है तो जांच करा कर कार्रवाई जरूर की जाएगी. वहीं, एडीएम सिटी ने बताया कि एएमयू के 3 छात्रों ने हॉस्टल को लेकर शिकायत पत्र दिया है. मामले में एएमयू प्रशासन से वार्ता की जा रही है.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एमएससी एग्रीकल्चर के छात्र इंद्राज बिश्नोई ने जानकारी देते हुए बताया कि वह राजस्थान का रहने वाला है, और उसने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एमएससी एग्रीकल्चर फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया है. एडमिशन को लगभग 8 महीने हो चुके हैं. लेकिन उसे अभी तक हॉस्टल आवंटित नहीं किया गया है.

छात्र का आरोप है कि उसके द्वारा हॉस्टल की फीस पूर्व में ही जमा की जा चुकी हैं. लेकिन अभी तक एएमयू प्रशासन की तरफ से हॉस्टल आवंटित नहीं किया गया है. बुधवार को कई छात्र अपनी समस्या लेकर जिला मुख्यालय पर पहुंचे. जहां उन्होंने एएमयू प्रशासन के खिलाफ जिला प्रशासन को शिकायत दी है. छात्रों का आरोप है कि वह हिंदू हैं. इसलिए उन्हें एएमयू कैंपस में हॉस्टल नहीं दिया गया है. हॉस्टल आवंटित नहीं किया जा रहा है.

एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुछ छात्र हॉस्टल की मांग को लेकर आए थे जिनके द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया है. प्रार्थना पत्र को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजा जाएगा। छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल उपलब्ध नहीं कराया गया है. साथ ही उन्होंने भेदभाव का भी आरोप लगाया था, यह आरोप निराधार है.

मामले पर जानकारी देते हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि हमारे पास अभी ऐसा कोई ऑफिशियल कम्युनिकेशन नहीं है, और ना ही लड़कों ने हमें कोई शिकायत पत्र भेजा है. हो सकता है कि डीएसडब्ल्यू को भेजा हो, क्योंकि डीएसडब्ल्य और प्रोवोस्ट अलॉटमेंट देखते हैं. अगर लड़कों ने शिकायत की है तो उसे एग्जामिन किया जाएगा.

अगर शिकायत में पाया जाता है कि उनको हॉस्टल एलॉटमेंट नहीं किया गया है, तो उसके अनुसार कार्रवाई जरूर होगी. जहां तक रूम्स की बात है तो लगभग हर हॉस्टल में वेटिंग लिस्ट चल रही है. नए एडमिशन हो रहे हैं. लेकिन एएमयू पर उतने हॉस्टल खाली नहीं है. लेकिन वेटिंग लिस्ट क्लियर होते ही सीनियरिटी के हिसाब से हॉस्टल प्रोवाइड कर दिए जाते हैं. आगे प्रॉक्टर ने कहा कि हम लोग स्टूडेंट की शिकायत के हिसाब से चलते हैं, चाहे फिर वह किसी भी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. वह हमारा स्टूडेंट है.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा प्रशासन पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी डॉ मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि अगर इस तरीके का कृत्य अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में देखने को मिला है तो पूरे मामले की वह एमएचआरडी मंत्रालय से लिखित शिकायत करेंगे

 

News-Desk

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