Shahjahanpur के खुटार में देर रात एनकाउंटर! प्रतिबंधित पशु हत्या में शामिल 3 तस्कर गिरफ्तार, दो के पैर में लगी गोली
Shahjahanpur। खुटार क्षेत्र में शुक्रवार देर रात पुलिस और पशु तस्करों के बीच खूनी मुठभेड़ हुई, जिसमें तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस ने प्रतिबंधित पशु की हत्या के मामले में चल रही जांच के तहत आरोपी तस्करों की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार घेराबंदी होते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया।
Khutar encounter news अब पूरे जिले में चर्चा का विषय है, क्योंकि यह पिछले दो हफ्तों में दूसरी बार इसी गैंग पर हुई बड़ी कार्रवाई है।
दस राउंड फायरिंग—दो आरोपियों के पैरों में लगी गोली, तीसरा आरोपी भी गिरफ्तार
खुटार क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में दोनों ओर से लगभग दस राउंड गोलियां चलीं।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी—
भूरे खां
जफर
के पैरों में गोली लगी है।
तीसरा आरोपी जावेद, जो पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र का निवासी है, बिना घायल हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से संरक्षित पशुओं की हत्या और तस्करी में शामिल थे।
9 नवंबर की रात मिला था संरक्षित पशु का क्षत-विक्षत शव—खाल, सिर और अवशेष बरामद
यह पूरा मामला 9 नवंबर की रात शुरू हुआ था जब गांव बेला और तुलापुर के बीच सूखी नहर से एक संरक्षित पशु का सिर, खाल और अन्य अवशेष बरामद हुए थे।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
यह स्पष्ट था कि इसमें संगठित गैंग शामिल है, जो लंबे समय से इसी प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त है।
11 नवंबर को पहला एनकाउंटर—मुजीबुर्रहमान पकड़ा गया था, बाकी आरोपी फरार हो गए थे
घटना के मात्र दो दिन बाद यानी 11 नवंबर की रात पुलिस को पहली सफलता मिली थी।
मुखबिर की सूचना पर गांव जादौंपुर कलां में पुलिस ने घेराबंदी की, जहां मुठभेड़ के बाद मुजीबुर्रहमान गिरफ्तार हुआ।
उसके दाहिने पैर में गोली लगी थी।
हालांकि उसके बाकी साथी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले थे।
इसके बाद से पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश में थी।
23 नवंबर की रात बड़ा ऑपरेशन—बुझिया बरकलीगंज मार्ग पर संदिग्ध मूवमेंट, पुलिस ने चारों ओर से किया घेरा
CO प्रवीण मलिक ने बताया कि 23 नवंबर की रात करीब पौने 12 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी तीनों बदमाश गांव बुझिया बरकलीगंज की तरफ कच्चे रास्ते से गुजरने वाले हैं।
पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई और इलाके की घेराबंदी कर ली।
जैसे ही पुलिस ने आवाज दी कि वे घिरे हुए हैं, आरोपियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें—
भूरे खां (दाहिना पैर)
जफर (बायां पैर)
गोली लगने से घायल होकर गिर पड़े।
इसके बाद तीसरा आरोपी जावेद भी पकड़ लिया गया।
फरार गैंग का सफाया—पुलिस अब गैंग के नेटवर्क और सप्लाई चैन की जांच में जुटी
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं और लंबे समय से प्रतिबंधित पशुओं की हत्या व अवैध बिक्री में सक्रिय थे।
संभावना है कि इनके साथ और भी लोग जुड़े हुए हों, जिनकी तलाश अब तेज़ कर दी गई है।
यह मुठभेड़ खुटार और इसके आसपास अवैध पशु वध और तस्करी के खिलाफ चल रही कड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इनके तार अंतर-जनपदीय नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हुए थे।
CO प्रवीण मलिक ने दिया आधिकारिक बयान—“फायरिंग का जवाब देना मजबूरी थी”
CO प्रवीण मलिक ने बताया:
पुलिस टीम पर फायरिंग हुई
आत्मरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी
दोनों पैर में गोली लगने के बाद आरोपी भाग नहीं सके
तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया
आगे की जांच जारी है
उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों से बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
Khutar encounter news को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट—आगे और भी गिरफ्तारियों की संभावना
सूत्रों के अनुसार पुलिस के पास गैंग से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में भी अहम जानकारी है।
आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
जिला पुलिस अब इस केस को “ज़ीरो टॉलरेंस” मोड में देख रही है, ताकि क्षेत्र में संरक्षित पशु वध जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

