MSP भुगतान में महीनों की देरी! Shahjahanpur के किसान बेहाल, सरकार के दावे फेल
MSP Payment Delay ने उत्तर प्रदेश के Shahjahanpur जिले में किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने वाले सैकड़ों किसान आज भी अपने ही पैसे के लिए भटकने को मजबूर हैं। नवंबर और दिसंबर में सरकारी केंद्रों पर फसल बेचने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं होना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सरकारी दावों की हकीकत आई सामने
शासन की ओर से किसानों को यह भरोसा दिलाया जाता है कि MSP पर फसल बेचने के 24 से 72 घंटे के भीतर भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच जाएगा। लेकिन शाहजहांपुर में स्थिति इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
कई किसानों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए ढाई से तीन महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे साफ है कि MSP Payment Delay Shahjahanpur केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि एक बड़ी प्रणालीगत समस्या बनती जा रही है।
UPSS केंद्रों पर बेचने के बाद भी नहीं मिला पैसा
किसानों ने बिचौलियों से बचने और उचित मूल्य पाने के लिए यूपीएसएस (UPSS) के क्रय केंद्रों का सहारा लिया था। लेकिन अब वही केंद्र उनके लिए परेशानी का कारण बन गए हैं।
नवंबर और दिसंबर में अपनी धान की फसल बेचने वाले किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला है। कई बार अधिकारियों से संपर्क करने और शिकायत दर्ज कराने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे अन्नदाता
MSP Payment Delay Shahjahanpur का सबसे बड़ा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ा है। धान का पैसा न मिलने के कारण वे अगली फसल की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।
खाद, बीज और अन्य कृषि जरूरतों के लिए पैसे की कमी ने किसानों को संकट में डाल दिया है। कई किसानों को उधार लेने तक की नौबत आ गई है, जिससे उनका कर्ज बढ़ता जा रहा है।
किसानों की जुबानी दर्द
रनजोद सिंह जैसे कई किसानों ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। उनका कहना है कि उन्होंने दिसंबर में ही अपनी फसल यूपीएसएस केंद्र पर बेच दी थी, लेकिन मार्च तक भी भुगतान नहीं मिला।
एक अन्य किसान ने बताया कि उन्होंने बाजपुर सोसाइटी के केंद्र पर धान बेचा था, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी उनके खाते में पैसा नहीं आया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला।
नई फसल तैयार, पुराना भुगतान बाकी
स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि अब अगली फसल तैयार होने लगी है, लेकिन पिछली फसल का भुगतान अब तक लंबित है।
इससे किसानों के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है—एक तरफ नई फसल की लागत और दूसरी तरफ पुराने बकाये का बोझ।
अधिकारियों की सफाई – बजट की कमी बनी वजह
इस पूरे मामले पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्रा ने सफाई देते हुए कहा है कि खरीद एजेंसी के पास बजट की कमी के कारण भुगतान रुका हुआ है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही बजट जारी होने पर किसानों के बकाये का भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि, लगातार मिल रहे आश्वासनों से किसान अब संतुष्ट नहीं हैं।
सिर्फ आश्वासन, समाधान नहीं
किसानों का कहना है कि वे कई बार अधिकारियों के पास जा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है।
MSP Payment Delay Shahjahanpur के कारण किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे जल्द से जल्द अपने पैसे की मांग कर रहे हैं।
कृषि व्यवस्था पर उठते सवाल
यह मामला केवल शाहजहांपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य की कृषि व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यदि किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलता, तो MSP प्रणाली का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है।
क्या सरकार उठाएगी ठोस कदम?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या का समाधान केवल आश्वासन से नहीं, बल्कि ठोस प्रशासनिक सुधारों से ही संभव है। समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए बजट प्रबंधन और निगरानी प्रणाली को मजबूत करना जरूरी है।
शाहजहांपुर के किसान आज अपने ही पसीने की कमाई के लिए दर-दर भटक रहे हैं। MSP जैसी योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी, जब उनका लाभ समय पर किसानों तक पहुंचे। फिलहाल हालात यह संकेत दे रहे

