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Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana: यूपी में 1,21,676 किसानों का पेमेंट फेल

Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana के तहत देश भर के किसानों को उनकी 10वीं किस्त जल्द मिलने वाली है। केंद्र सरकार 15 दिसंबर, 2021 तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 10वीं किस्त जारी करने की योजना बना रही है। केंद्र सरकार अब तक 11.37 करोड़ किसानों को 1.58 लाख करोड़ रुपए भेज चुकी है।

इस योजना के तहत जिन किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान निधि की 9वीं किस्त नहीं आई है, उन्हें अब अगली किस्त के साथ ही पिछली राशि भी मिल जाएगी। यानी किसानों को अब 4,000 रुपए एक साथ मिलेंगे।

 यह सुविधा उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिन्होंने 30 सितंबर से पहले-पहले रजिस्ट्रेशन करवा लिया था ।अगर आपने भी आवेदन किया है और उसे स्वीकार कर लिया जाता है, तो आपको भी एकमुश्त 4,000 रुपए मिलेंगे। बीते कुछ सालों में केंद्र सरकार की तरफ से चलाई गई इस योजना की मदद से करोड़ों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है।

हालांकि कई किसान ऐसे भी हैं, जिन्हें कुछ गलतियों के कारण सरकार की इस योजना का लाभ नहीं मिल पा। देश में ऐसे कई किसान हैं, जिनकी किस्त आना बंद हो चुकी है। ऐसे में किसान अक्सर परेशान हो जाते हैं। उन्हें कोई यह बताने वाला तक नहीं होता कि आखिर किस वजह से उनके खाते में राशि नहीं आ रही है।

इसके पीछे की मुख्य वजह नाम की ‘स्पेलिंग’ में गलती और बैंक के अकाउंट डिटेल्स में त्रुटियों का होना है। इसी वजह से उन किसानों की पिछली किस्त अभी भी अटकी हुई है। इसमें सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश से आए हैं। यूपी के कई किसानों का पेमेंट फेल हो चुका है। तो आज हम आपको बताएंगे उन त्रुटियों के बारे में, जिन्हें आपको भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इससे किसान सम्मान निधि के तहत आने वाली आपकी किस्त अटक सकती है।

कृषि मंत्रालय की एक रिपोर्ट की मानें, तो देश भर के कई किसानों की अगस्त और नवंबर महीने की किस्त अभी तक अटकी हुई है। इसके अलावा कई किसानों का पेमेंट फेल हो चुका है। पेमेंट फेल होने वालों में यूपी के किसानों की संख्या काफी ज्यादा है। रिपोर्ट की मानें तो उत्तर प्रदेश में 1,21,676 किसानों का पेमेंट फेल हुआ है।

कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के हवाले से पश्चिम बंगाल के 17,51,736 किसानों की किस्त अभी भी अटकी हुई है। जबकि ओडिशा के 10,57,251 और उत्तर प्रदेश के 6,58,376 किसानों की किस्त भी पेंडिंग है। इसकी मुख्य वजह किसानों द्वारा दी गई जानकारी में त्रुटियों का होना बताया जा रहा है।

सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि आवेदन में किसानों का नाम अंग्रेजी में लिखा होता है। अगर आपने अपना नाम हिंदी में दर्ज करवाया है, तो उसे एक बार संशोधित करवा लें। यदि आवेदन के समय आपके द्वारा दिया गया नाम और बैंक अकाउंट का नाम अलग-अलग है, तो इससे भी आपकी किश्त रुक सकती है।

News-Desk

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