Shahjahanpur का ड्रम कांड: पत्नी और प्रेमी ने पति की क्रूर हत्या कर नमक डालकर गलाया शव, राजस्थान से गिरफ्तारी!
Shahjahanpur murder का यह हैवानियत भरा मामला रोंगटे खड़े कर देने वाला है, जहाँ पति की हत्या करने के बाद उसके शव को नमक डालकर गलाने की कोशिश की गई। यह वारदात उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खुटार थाना क्षेत्र के गांव नवदिया नवाजपुर के एक मजदूर की है, जिसकी हत्या उसकी अपनी पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर की। पुलिस ने लंबी छानबीन के बाद दोनों आरोपियों को राजस्थान के अलवर जिले से गिरफ्तार किया है।
किराए के कमरे में मिला नीले ड्रम में छिपा शव
पूरी कहानी की शुरुआत तब हुई जब राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले की आदर्श नगर कॉलोनी में एक किराए के मकान की छत पर रविवार को एक नीला ड्रम मिला। मकान मालकिन मिथिलेश को जब इस ड्रम पर शक हुआ और उन्होंने इसे खोला, तो अंदर से एक पुरुष का सड़ता हुआ शव निकला। यह शव हंसराम उर्फ सूरज कश्यप का था, जो उसी मकान में अपनी पत्नी लक्ष्मी और बच्चों के साथ रहता था। हैरान कर देने वाला पहलू यह था कि शव को गलाने के लिए ड्रम में नमक भी डाला गया था।
पुलिस जांच में खुला बड़ा राज, पत्नी और प्रेमी थे शामिल
खैरथल-तिजारा पुलिस ने तुरंत मामले की गहन जांच शुरू की। जांच में पता चला कि मकान मालकिन का बेटा जितेंद्र कुमार, जो एक ईंट भट्ठे पर मुनीम का काम करता है, उसने ही करीब डेढ़ महीने पहले हंसराम और लक्ष्मी को यह कमरा किराए पर दिलाया था। पुलिस को पता चला कि जितेंद्र और लक्ष्मी के बीच नाजायज संबंध थे और दोनों ने हंसराम को हमेशा के लिए खत्म करने की साजिश रची थी।
16 अगस्त की रात हुई थी बर्बर हत्या
पुलिस की पूछताछ और सबूतों के आधार पर पता चला कि 16 अगस्त की रात जितेंद्र और लक्ष्मी ने हंसराम की गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को छिपाने और उसे गलाने के लिए उसे एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में बंद कर दिया और उसमें नमक डाल दिया। इसके बाद दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए।
राजस्थान के ईंट भट्ठे से हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद पुलिस ने चार अलग-अलग टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की। आखिरकार सोमवार को दोनों आरोपियों—लक्ष्मी और जितेंद्र—का पता राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ इलाके में एक ईंट भट्ठे से लगा, जहाँ से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और हत्या के सभी पुख्ता सबूत जुटा रही है।
पीड़ित परिवार की दर्दभरी कहानी, रक्षाबंधन का वादा रह गया अधूरा
हंसराम के गांव नवदिया नवाजपुर में इस घटना से सन्नाटा छा गया है। हंसराम के पिता खेमकरन उर्फ पप्पू एक किसान हैं। हंसराम मजदूरी की तलाश में कई साल पहले दिल्ली और फिर राजस्थान चला गया था और साल में महज एक बार ही घर आता था। करीब 15 दिन पहले उसने अपनी मां उर्मिला देवी से बात करके रक्षाबंधन पर परिवार के साथ घर आने का वादा किया था, लेकिन उसके बाद से ही उसका कोई अता-पता नहीं था। परिजनों को तब पता चला जब राजस्थान पुलिस ने उन्हें हत्या की सूचना दी। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गांव सदमे में है।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
खैरथल-तिजारा के एसपी मनीष कुमार चौधरी ने पुष्टि की कि दोनों आरोपियों पर हत्या और सबूत मिटाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ सबूतों का एक मजबूत पुलिस कैस बनाने में जुटी हुई है ताकि उन्हें सजा मिल सके। पीड़ित के परिवार वाले राजस्थान से शव लेने पहुंचे हैं और पोस्टमॉर्टम के बाद शव को गांव लाया जाएगा।
शाहजहांपुर के इस मामले ने एक बार फिर समाज के सामने वह सवाल खड़े कर दिए हैं जिनके जवाब ढूंढ़ना बेहद जरूरी है। एक तरफ जहाँ पारिवारिक रिश्तों में विश्वास की कमी और अवैध संबंधों की वजह से ऐसी भयानक घटनाएं हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ महिला सुरक्षा और पारिवारिक सद्भाव के मोर्चे पर भी गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज में पनप रही उस मानसिक विकृति की ओर इशारा करता है जहाँ इंसानियत खत्म होती जा रही है और नफरत और स्वार्थ की भावना हावी हो गई है। पुलिस की गिरफ्तारी से अपराधियों को तो पकड़ लिया गया है, लेकिन समाज को इसकी जड़ में जाकर सोचना होगा कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।

