Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला: जेलों में जातिगत भेदभाव की समाप्ति की दिशा में बड़ा कदम
Supreme Court के इस फैसले को भारतीय न्यायिक प्रणाली में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि जेलों में किसी भी तरह का जातिगत भेदभाव अस्वीकार्य है और यह संविधान में निहित समानता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। यह निर्णय न केवल जेल व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह सामाजिक न्याय के प्रति एक महत्वपूर्ण संदेश भी है।
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