Hardoi में इंसाफ की जंग: तीन साल बाद भी मूकबधिर और नेत्रहीन किशोरी के बयान नहीं हो पाए, विशेषज्ञों ने भी जताई असमर्थता
Hardoi किशोरी के पिता कहते हैं, “हमारी बेटी तो कुछ कह नहीं सकती, पर उसकी आंखों में दर्द साफ झलकता है। पुलिस कोशिश कर रही है, पर कोई सुनने वाला नहीं।”
गांव के लोगों ने भी प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि “अगर इतने सालों में भी ऐसे मामलों में कोई समाधान नहीं निकला, तो समाज में दिव्यांगों का विश्वास कैसे बनेगा?”
