Allahabad High Court का करारा तमाचा: भरण-पोषण मामलों में देरी पर फूटा गुस्सा, पारिवारिक अदालतों की सुस्ती पर सख्त टिप्पणी
Allahabad High Court इलाहाबाद हाईकोर्ट की इस गंभीर टिप्पणी को केवल एक याचिका के नजरिए से देखना भूल होगी। यह एक व्यापक संदेश है कि अगर न्यायिक निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत – न्याय व्यवस्था – खुद ही कमजोर पड़ जाएगी।
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