Muzaffarnagar की रामलीला: मर्यादा पुरुषोत्तम राम की अनंत गाथाओं का जीवंत मंचन
Muzaffarnagar रामलीला के तीसरे दिन की शुरुआत महाराज दशरथ के दरबार से होती है। मंचन में महाराज दशरथ को मुनि वशिष्ठ के आश्रम की ओर जाते हुए दिखाया गया, जहां वह अपने राज्य की चिंताओं का समाधान खोजने के लिए पहुंचे थे। दशरथ जी ने मुनि वशिष्ठ से अपने राज्य के उत्तराधिकारी के अभाव में उत्पन्न हो रही समस्याओं पर चर्चा की। मुनि वशिष्ठ ने उन्हें श्रंगी ऋषि का सुझाव दिया, जो पुत्रेष्टि यज्ञ के माध्यम से दशरथ जी को संतान प्राप्ति का आशीर्वाद दिला सकते थे।
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