Thalassemia बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए पूरे भारत में यूनिवर्सल स्क्रीनिंग की जरूरत
Thalassemia बीमारी अगर किसी बच्चे में एक बार हो जाती है तो वह जीवन भर रहती है. हालांकि हड्डी और स्टेम सेल प्रत्यारोपण से इस बीमारी का इलाज किया जाता है लेकिन यह इलाज काफी महंगा है. गंगाराम अस्पताल के ही डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक के चेयरमैन डॉ. वीके खन्ना कहते हैं, ‘हमारी संस्था में थैलेसीमिक्स का उपचार हड्डी और स्टेम सेल प्रत्यारोपण के रूप में उपलब्ध है और हमने लगभग 200 प्रत्यारोपण किए हैं लेकिन इस बीमारी को रोकना समय की जरूरत है.’
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