victim rights court order

उत्तर प्रदेश

दुष्कर्म पीड़िताओं के गर्भपात में देरी पर Allahabad High Court सख्त, प्रशासनिक संवेदनहीनता के खिलाफ सुओ मोटो जनहित याचिका से न्यायिक हलचल

Allahabad High Court की यह स्वतः संज्ञान कार्यवाही केवल एक कानूनी हस्तक्षेप नहीं, बल्कि उन अनदेखी पीड़ाओं की आवाज़ है, जो वर्षों से प्रक्रियात्मक देरी के कारण दबी रह गईं। दुष्कर्म पीड़िताओं के गर्भपात से जुड़े मामलों में समय, संवेदनशीलता और सम्मान को केंद्र में रखकर तैयार किए जाने वाले नए दिशानिर्देश आने वाले समय में न्याय व्यवस्था और चिकित्सा तंत्र दोनों की दिशा तय करेंगे।

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