Muzaffarnagar चरथावल में किरायेदार व नौकर सत्यापन अभियान तेज! SP नगर ने खुद मैदान संभाला, सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
चरथावल। Muzaffarnagar में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए चल रहे विशेष अभियान के तहत मंगलवार को कस्बा चरथावल में एक बड़ा और व्यापक सत्यापन अभियान चला।
पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत स्वंय मौके पर पहुंचे और किरायेदारों एवं घरेलू/व्यावसायिक नौकरों का tenant verification drive के तहत गहन सत्यापन कराया।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चल रही है, जिसके तहत पूरे जिले में ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है जो बिना किसी पहचान-पत्र या सत्यापन के मकानों व दुकानों में रह रहे हैं।
SSP के निर्देश पर जिलेभर में चला सख्त अभियान—’सत्यापन न कराना बड़ी सुरक्षा चूक’
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने जिले में अभियान चलाने का आदेश पहले ही जारी कर दिया था।
उनका स्पष्ट निर्देश है कि—
किरायेदारों का सत्यापन
घरेलू नौकरों का विवरण
व्यवसायिक स्थानों पर काम करने वालों की पहचान
ये सभी चीजें सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत आवश्यक हैं।
SP नगर सत्यनारायण प्रजापत ने निरीक्षण के दौरान कहा कि सत्यापन न कराना सुरक्षा दृष्टि से एक खतरनाक लापरवाही है।
अक्सर बिना सत्यापन वाले लोग—
अपराध से जुड़े
संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले
या किसी अपराध से फरार
हो सकते हैं, और ऐसे लोग शहरों व कस्बों में छिपकर रहने की कोशिश करते हैं।
tenant verification drive इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण का एक बड़ा कदम है।
कस्बे के मकान मालिकों और व्यापारियों को चेतावनी—‘पहले सत्यापन, फिर किराया’
अभियान के दौरान SP नगर ने मकान मालिकों, दुकानदारों और व्यापारियों से बातचीत की और उन्हें जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि—
किसी भी व्यक्ति को कमरा, दुकान, गोदाम या मकान किराए पर देने से पहले
किसी भी नौकर या कर्मचारी को रखने से पहले
किसी भी बाहरी व्यक्ति को काम देने से पहले
कानूनी तरीके से उसका पूरा सत्यापन कराना अनिवार्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग यह सोचकर सत्यापन नहीं कराते कि प्रक्रिया कठिन या समय लेने वाली है, जबकि वास्तविकता यह है कि—
✔ सत्यापन पूरी तरह सरल प्रक्रिया है
✔ पूरी तरह निःशुल्क है
✔ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है
✔ पुलिस तत्काल सहायता देती है
फिर भी लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका फायदा आपराधिक तत्व उठाते हैं और शहरों में आसानी से छिपकर रह जाते हैं।
थाना चरथावल पुलिस और CO सदर ने संभाली कमान—हर गली, हर चौराहे पर हुई जांच
tenant verification drive के दौरान क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रवि शंकर मिश्रा और थाना प्रभारी चरथावल सत्यनारायण दहिया सहित पूरी पुलिस टीम सक्रिय रही।
सत्यापन की प्रक्रिया में शामिल था—
घर-घर दस्तावेज़ मिलान
किरायेदार की पहचान का रिकॉर्ड
आधार/पहचान पत्र की पुष्टि
मकान मालिक से पूछताछ
काम करने वाले नौकरों का बैकग्राउंड चेक
असामाजिक तत्वों की संभावित तलाश
पुलिस टीम कस्बे की गलियों, चौराहों, बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में घूमती रही और लोगों को सत्यापन के लाभ समझाए।
अपराधियों पर कसा जा रहा है शिकंजा—शहर में छिपकर रहना अब आसान नहीं
शहर और कस्बों में अपराधी अक्सर अपना ठिकाना ऐसे ही मकानों या दुकानों में बनाते हैं जहाँ सत्यापन नहीं कराया जाता।
tenant verification drive के तहत मिलने वाली जानकारी—
अपराधियों के ठिकानों की पहचान
संदिग्ध व्यक्तियों की जांच
फरार अभियुक्तों को पकड़ने
संगठित अपराध पर नज़र
पुलिस डाटा अपडेट
के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होती है।
SP नगर ने कहा कि इस अभियान से शहर में अपराध रोकने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है और पुलिस को अपराध की जड़ों तक पहुंचने में मदद मिलती है।
नागरिकों से अपील—’किसी को भी किराए पर देने से पहले पुलिस सत्यापन कराएं’
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि—
किरायेदार का सत्यापन
नौकर का सत्यापन
व्यवसायिक कर्मचारी का सत्यापन
सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि नागरिकों का कानूनी दायित्व भी है।
किसी भी मकान मालिक या दुकान मालिक द्वारा सत्यापन न कराने की स्थिति में भविष्य में सख्त कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
पुलिस अभियान का सकारात्मक प्रभाव—कस्बे में बढ़ी जागरूकता, लोग करने लगे हैं कागजी जांच
अभियान के बाद चरथावल कस्बे में जागरूकता तेजी से बढ़ी है।
कई मकान मालिकों ने कहा कि वे आगे से बिना सत्यापन किसी को नहीं रखेंगे।
दुकानदारों ने भी इस अभियान की सराहना की और कहा कि सत्यापन होने से व्यवसाय के आसपास का वातावरण सुरक्षित रहता है।
सत्यापन अभियान के कारण—
अवैध रूप से रह रहे लोग पकड़े जा सकते हैं
अपराध की संभावना घटती है
पुलिस-जनता सहयोग बढ़ता है
समाज में सुरक्षा का भाव मजबूत होता है

