Thailand–Cambodia सीमा फिर दहकी: शांति समझौते के 4 महीने बाद नई एयरस्ट्राइक, प्रीह विहियर विवाद ने बढ़ाई जंग की आग
Thailand–Cambodia के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार सुबह थाई वायुसेना ने कंबोडिया के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की, और इसके साथ ही दोनों देशों के बीच तनाव फिर से युद्ध की कगार पर जा पहुंचा।
थाईलैंड का कहना है कि उसने केवल उन सैन्य ठिकानों पर हमला किया है जहाँ कंबोडियाई सेना “भारी हथियार जमा कर रही थी” और “स्थिति को अस्थिर करने की कोशिश” कर रही थी।
यह हमला खासकर इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि सिर्फ चार महीने पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मौजूदगी में दोनों देशों ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
उस पांच दिन की लड़ाई में 30 से ज्यादा लोग मारे गए, और हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था।
सीमा पर बढ़ता तनाव—थाईलैंड ने कहा, ‘कंबोडिया लगातार हथियार तैनात कर रहा था’
थाई सरकार ने अपनी आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग में दावा किया कि—
कंबोडिया पिछले कई दिनों से सीमा पर भारी हथियार जमा कर रहा था
नई लोकेशन पर आर्टिलरी और सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई थी
सीमा पर “आक्रामक तैयारी” देखी जा रही थी
थाई सेना का कहना है कि उन्हें “राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाना पड़ा।”
कंबोडिया ने तुरंत पलटवार करते हुए थाई आरोपों को “पूरी तरह झूठा” बताया और कहा कि थाईलैंड “उकसाने वाली कार्रवाई” कर रहा है।
चार महीने पहले पांच दिन चली लड़ाई—लाखों लोग विस्थापित, दर्जनों मौतें
दोनों देशों के बीच पिछली भिड़ंत बेहद गंभीर थी।
पांच दिन तक लगी आग में—
30 से ज्यादा मौतें
हजारों घायल
कई गांव खाली
लाखों लोग सीमा से दूर भागे
अब फिर से Thailand Cambodia conflict का भड़कना दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए गंभीर चेतावनी है।
विवाद की जड़—प्राचीन ‘प्रीह विहियर’ और ‘ता मुएन थॉम’ मंदिरों की जमीन
थाईलैंड और कंबोडिया के सीमा विवाद की जड़ प्राचीन शिव मंदिर प्रीह विहियर (प्रिय विहार) और ता मुएन थॉम है।
मंदिर कंबोडिया की सीमा में है, लेकिन आसपास की जमीन पर दोनों देश दावा करते हैं।
इतिहास का विवाद अब आधुनिक जंग का रूप ले चुका है।
दोनों देशों की सेना ने इस इलाके में कई बार—
फायरिंग
बंकर निर्माण
रॉकेट हमलों
कंटीले तार
जैसी सैन्य गतिविधियां की हैं।
कंबोडिया का बयान—“हमने कोई हमला नहीं किया, थाई सेना उकसा रही है”
कंबोडिया ने साफ कहा कि उसने—
न कोई हमले की तैयारी की
न कोई हथियार तैनात किए
न कोई सीमा उल्लंघन किया
उनका कहना है कि सीमा पर तनाव बढ़ाने की कोशिश थाईलैंड कर रहा है।
कंबोडियाई विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया—
“थाई सेना पिछले कई दिनों से हमारे सैनिकों को उकसा रही है, ड्रोन निगरानी कर रही है और सीमा के बहुत करीब हथियार तैनात कर रही है।”
इस बीच, सीमा के पास रहने वाले थाई नागरिकों का 70% विस्थापित कर दिया गया है।
सरकार का दावा है कि एक नागरिक की मौत बीमारी से हुई, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि तनाव और भागदौड़ ने हालात बिगाड़े।
28 मई का कषण—एमरॉल्ड ट्राइंगल पर भिड़ंत और एक सैनिक की मौत
तनाव की पहली चिंगारी 28 मई को एमरॉल्ड ट्राइंगल (जहाँ थाईलैंड–कंबोडिया–लाओस की सीमाएं मिलती हैं) में भड़की।
यह इलाका बेहद संवेदनशील है और दोनों देश उस पर दावा करते हैं।
कंबोडियाई सेना के अनुसार—
थाई सैनिकों ने ता मुएन थॉम मंदिर को घेर लिया
मंदिर के चारों ओर कंटीले तार लगा दिए
ड्रोन से निगरानी की
उसके बाद हवाई फायरिंग की
वहीं, थाई सेना का दावा है कि—
पहले कंबोडियाई सैनिकों ने गोलाबारी शुरू की
संघर्ष रोकने के लिए बातचीत की पेशकश की गई
बातचीत विफल होने पर जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी
इस ‘सत्य के दो संस्करणों’ ने तनाव को और बढ़ा दिया है।
प्रीह विहियर मंदिर—कौन सही? कौन गलत? अदालत भी दे चुकी फैसला
थाईलैंड और कंबोडिया का विवाद समझने के लिए प्रीह विहियर मंदिर का इतिहास जानना जरूरी है।
मुख्य तथ्य:
1959 → कंबोडिया ने मामला इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में पहुँचाया
1962 → कोर्ट ने निर्णय दिया कि मंदिर कंबोडिया का है
थाईलैंड ने मंदिर छोड़ दिया, पर आसपास की जमीन पर अपना दावा जारी रखा
2008 → मंदिर को UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज घोषित किया गया
2011 → सीमा पर बड़ी लड़ाई, हजारों लोग विस्थापित
2013 → ICJ ने स्पष्ट किया:
“मंदिर ही नहीं, उसका पूरा आसपास का क्षेत्र भी कंबोडिया का है।”
इसके बावजूद सीमा का वास्तविक निर्धारण आज तक नहीं हुआ, और यही आज की जंग की सबसे बड़ी वजह है।
Thailand Cambodia conflict—सदियों पुरानी रंजिश का आधुनिक रूप
दोनों देशों के बीच यह विवाद सैकड़ों साल पुराना है।
कभी खमेर साम्राज्य (कंबोडिया) और सियाम साम्राज्य (थाईलैंड) की टकराहट में दबा, तो कभी फ्रेंच–ब्रिटिश उपनिवेशकाल की राजनीति में उलझा।
1907 की सीमा रेखा, जिसमें—
प्रीह विहियर कंबोडिया का
ता मुएन थॉम थाईलैंड का
दिखाया गया, उसी समय से विवाद का केंद्र रही है।
आज भी दोनों देश इस नक्शे को “गलत और विवादित” बताते हैं।
क्या यह युद्ध का संकेत है?—विशेषज्ञों की चेतावनी
एशियाई सामरिक विशेषज्ञों का कहना है कि—
सीमा पर सैनिकों की तैनाती
हवाई हमले
नागरिकों का बड़े पैमाने पर विस्थापन
मंदिरों पर पुनः दावा
ये संकेत बताते हैं कि स्थिति अनियंत्रण की ओर जा रही है।
यदि बड़े देशों ने हस्तक्षेप न किया तो यह संघर्ष पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।

