वैश्विक

Thailand-Cambodia युद्ध: मंदिर विवाद ने ली 33 जानें, रॉकेट, हवाई हमले और इतिहास की आग

प्रीह विहियर और ता मुएन थॉम मंदिरों को लेकर दशकों से सुलगता विवाद अब Thailand-Cambodia के बीच सीधे युद्ध में बदल चुका है। बीते तीन दिनों से चल रही लड़ाई में अब तक 33 लोगों की जान जा चुकी है, सैकड़ों घायल हैं, और हजारों बेघर हो चुके हैं। दो पड़ोसी देशों के बीच यह टकराव ना केवल एशिया बल्कि वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर संकट बनता जा रहा है।


थाईलैंड के हवाई हमले के जवाब में BM-21 रॉकेट दागे गए

कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि शुक्रवार को थाईलैंड की हवाई कार्रवाई के जवाब में कंबोडियाई सेना ने कई BM-21 रॉकेट थाईलैंड की सीमा पर दागे। यह हमला प्रीह विहियर मंदिर के पास हुआ, जहां पहले थाई सेना ने हथियार डिपो को निशाना बनाया था।

थाईलैंड के सुरिन प्रांत में एक 8 वर्षीय बच्चे की गोलीबारी में मौत हो गई, जबकि कई आम नागरिक और सैनिक भी घायल हुए हैं। संघर्ष अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा — आम जनता के घर, दुकानें, और पेट्रोल स्टेशन तक तबाही की चपेट में आ गए हैं।


कंबोडिया ने लगाया ‘हमले की तैयारी’ का आरोप

कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अब तक उसके 13 नागरिकों की मौत हुई है, जिसमें 8 आम लोग और 5 सैनिक शामिल हैं। 71 लोग घायल हैं, जिसमें 21 सैनिक हैं। कंबोडियाई प्रवक्ता माली सोचेता ने थाईलैंड पर यह आरोप लगाया कि:

“थाईलैंड ऐसे हालात बना रहा है जिससे उसे कंबोडिया पर हमला करने का बहाना मिल जाए। बॉर्डर पर एंटी-पर्सनल माइंस जानबूझकर बिछाई गई हैं।”

35,000 से ज्यादा कंबोडियाई नागरिक विस्थापित हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश ओड्डार मीनचे और प्रीह विहियर प्रांत से हैं। लोग शरणार्थी शिविरों में शरण ले रहे हैं और वहां चिकित्सा और भोजन की भारी कमी है।


सीजफायर पर बनी सहमति लेकिन फिर टूट गया भरोसा

कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट ने दावा किया कि 24 जुलाई की रात मलेशिया की मध्यस्थता में दोनों देशों ने सीजफायर पर सहमति जताई थी। लेकिन एक घंटे के भीतर थाईलैंड ने युद्धविराम से मुकरते हुए फिर से हमले शुरू कर दिए। कंबोडिया ने इसे विश्वासघात करार दिया है और UN सुरक्षा परिषद में आपात बैठक बुलाकर युद्धविराम की मांग की।


UN का आग्रह – कूटनीतिक समाधान खोजिए

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में सभी 15 देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान अपनाने की अपील की है।

कंबोडिया के UN राजदूत छेआ कीओ ने कहा:

“हम बिना शर्त युद्धविराम चाहते हैं। हम एक छोटा देश हैं, हमारे पास एयरफोर्स तक नहीं है। हमारी कोई आक्रमण की मंशा नहीं है।”

वहीं थाईलैंड के राजदूत ने पलटवार करते हुए कहा कि कंबोडियाई सेना ने पहले हमला किया और सीमा पर बारूदी सुरंगें बिछाई, जिससे थाई सैनिक मारे गए।


मंदिरों की राजनीति: इतिहास से आज तक

प्रीह विहियर मंदिर पर पुराना विवाद

1907 में फ्रेंच कंबोडिया और ब्रिटिश सियाम (थाईलैंड) के बीच 817 किमी लंबी सीमा तय की गई थी। इसमें प्रीह विहियर मंदिर कंबोडिया के हिस्से में आया। थाईलैंड ने इस पर विरोध जताया और वर्षों तक अधिकार जताता रहा।

1962 में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने फैसला दिया कि मंदिर कंबोडिया का है, लेकिन मंदिर के आसपास की जमीन को लेकर विवाद जारी रहा।

यूनेस्को हेरिटेज बनने पर झगड़े ने लिया उग्र रूप

2008 में जब यूनेस्को ने इस मंदिर को विश्व धरोहर घोषित किया, तो दोनों देशों की सेनाएं भिड़ गईं। 2011 में हालात इतने बिगड़े कि हजारों लोग विस्थापित हुए। 2013 में कोर्ट ने पुनः साफ किया कि न केवल मंदिर बल्कि आसपास की भूमि भी कंबोडिया की है।


ता मुएन थॉम मंदिर – दूसरा विवाद का केंद्र

ता मुएन थॉम मंदिर थाईलैंड में स्थित है लेकिन कंबोडिया इसे अपने खमेर साम्राज्य का हिस्सा मानता है। यह मंदिर दोनों देशों की विवादित सीमा पर है और यहां दोनों की सेनाएं नियमित रूप से गश्त करती हैं। हाल की झड़पें इसी मंदिर के पास शुरू हुईं।


एमरॉल्ड ट्राइएंगल में भिड़ंत से भड़का तनाव

28 मई को एमरॉल्ड ट्राइएंगल (जहां थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस की सीमाएं मिलती हैं) में दोनों सेनाओं के बीच भिड़ंत हुई थी, जिसमें एक कंबोडियाई सैनिक मारा गया था। तब से ही माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।

गुरुवार सुबह थाई सेना ने ड्रोन छोड़े, हवाई फायरिंग की, और सीमा पर कंटीले तार लगाए। इसके बाद कंबोडियाई सेना ने रॉकेट दागे और संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैल गया।


थाईलैंड की PM को गंवानी पड़ी कुर्सी

15 जून को थाईलैंड की प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा ने कंबोडियाई पीएम से बातचीत की थी जिसमें उन्होंने थाई सेना के कमांडर की आलोचना कर दी थी। सेना के मजबूत प्रभाव वाले देश थाईलैंड में यह बात बर्दाश्त नहीं की गई।

बातचीत लीक हुई और देशभर में आक्रोश फैला। कोर्ट ने पीएम को पद से हटाने का आदेश दिया। शिनवात्रा ने माफी भी मांगी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।


भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

थाई-कंबोडिया सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय दूतावास ने सात सीमावर्ती प्रांतों में न जाने की सलाह दी है। इन राज्यों में उबोन रत्चथानी, सुरिन, सिसाकेत, बुरीराम, सा काओ, चंथाबुरी और ट्राट शामिल हैं।

दूतावास ने आपात स्थिति में संपर्क के लिए हेल्पलाइन भी जारी की है।


थाईलैंड और कंबोडिया के बीच मंदिरों को लेकर छिड़ा विवाद अब जानलेवा युद्ध में बदल चुका है। BM-21 रॉकेटों की गूंज, एयरस्ट्राइक की धमक और हजारों बेघर लोग इस बात के संकेत हैं कि इतिहास के घाव आज भी गहरे हैं। अब वक्त है कि संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय संगठन हस्तक्षेप कर दोनों देशों को युद्ध से निकालें और स्थायी समाधान की ओर बढ़ाया जाए, वरना एक ऐतिहासिक धरोहर पर लड़ी जा रही यह जंग पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया को झुलसा सकती है।

 

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