UPSRTC का महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम: सीधे अनुबंध पर महिला कंडक्टरों की भर्ती की तैयारी
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। इस पहल के तहत निगम अपने स्तर से सीधे महिला कंडक्टरों की अनुबंध पर भर्ती करेगा। यह निर्णय न केवल महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को भी एक नई दिशा में आगे बढ़ाने का काम करेगा। इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, और इसके लागू होने से उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
महिलाओं को मिलेगा विशेष अवसर
अभी तक उत्तर प्रदेश रोडवेज कंडक्टरों की भर्ती के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन करता था, जो इस प्रक्रिया को सुगम बनाने का एक तरीका था। इस प्रक्रिया में लगभग तीन महीने का समय लगता था, जिसके चलते पीक सीजन में बसों के संचालन में समस्या उत्पन्न हो जाती थी। अब इस प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए निगम अपने स्तर पर महिलाओं को अनुबंध पर भर्ती करेगा।
इस पहल में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, एनसीसी, एनएसएस, और स्काउट एंड गाइड से प्रमाणपत्र प्राप्त हैं। इसके अलावा, इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर वरीयता सूची बनाई जाएगी, जिससे योग्य महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकेंगे।
रोडवेज के सामने चुनौती
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC)को वर्तमान में करीब 3,000 कंडक्टरों की जरूरत है। कंडक्टरों की भर्ती में देरी के कारण बसों का संचालन समय पर नहीं हो पा रहा है। विशेष रूप से पीक सीजन में जब यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, तब यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। निगम ने यह महसूस किया कि जेम पोर्टल के माध्यम से सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन करने में देरी होती है, जिससे बसों का संचालन बाधित होता है।
महिलाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) का यह कदम महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने वाला है। इस पहल से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं, जो कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षित हैं, उन्हें अपनी योग्यता दिखाने और अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिलेगा।
इस योजना में महिलाओं को चयन के लिए इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल शिक्षा का महत्व बढ़ेगा, बल्कि उन महिलाओं को भी लाभ मिलेगा जिन्होंने अपने जीवन में कठिनाइयों का सामना करते हुए शिक्षा प्राप्त की है।
परिवहन सेवा का विस्तार
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) को तीन हजार से अधिक कंडक्टरों की जरूरत है, और इस नए कदम से न केवल महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि रोडवेज की सेवाओं में भी सुधार होगा। यह निर्णय विशेष रूप से पीक सीजन में महत्वपूर्ण साबित होगा, जब यात्री संख्या अधिक होती है और बसों का संचालन सुचारू रूप से होना आवश्यक होता है।
साधारण बसों के लिए प्रति किलोमीटर 1.69 रुपये और एसी बसों के लिए 2.25 रुपये की दर से भुगतान किया जाता है। इन बसों के सुचारू संचालन के लिए कंडक्टरों की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता आवश्यक है, और महिला कंडक्टरों की भर्ती इस कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की यह पहल केवल एक आर्थिक कदम नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने का भी प्रयास है। महिला कंडक्टरों की भर्ती से जहां एक तरफ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ समाज में उनकी भूमिका को भी नई पहचान मिलेगी।
उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में, जहां महिलाओं के रोजगार के अवसर सीमित होते हैं, इस प्रकार की पहल उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। रोडवेज में महिला कंडक्टरों की उपस्थिति न केवल महिलाओं को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाएगी, बल्कि इससे महिलाओं को कार्यबल में एक महत्वपूर्ण स्थान भी मिलेगा।
ऐसी अन्य योजनाएं और पहल
यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कई अन्य कदमों का हिस्सा है। सरकार ने पहले भी महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। उदाहरण के तौर पर, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत लाखों महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे अपने जीवन में नए अवसरों की तलाश कर सकें।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से भी महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं। इस मिशन के तहत कई महिलाएं अपने व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं और अपने परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं।
भविष्य में संभावनाएं
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की यह पहल केवल एक शुरुआत है। अगर यह प्रयास सफल होता है, तो अन्य राज्यों और परिवहन सेवाओं में भी इस मॉडल को अपनाया जा सकता है। महिला कंडक्टरों की भर्ती से न केवल बस सेवा में सुधार होगा, बल्कि महिलाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी खुलेंगे।
इस पहल से न केवल महिलाएं अपने परिवारों को आर्थिक रूप से सहयोग कर पाएंगी, बल्कि समाज में उनकी स्थिति को भी मजबूत किया जा सकेगा। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है और इसे एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा सकता है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का यह निर्णय न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह राज्य के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को भी प्रभावित करेगा। महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करके और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया यह कदम, समाज में एक नई सोच और बदलाव की शुरुआत कर सकता है।

