Rashtriya Lok Dal अध्यक्ष जयंत चौधरी से मिले चंद्रशेखर, सपा के साथ गठबंधन को लेकर आई ये बडी खबर
नई दिल्ली। खतौली उपचुनाव में हुई जीत के बाद उत्साहित दिख रहे राष्ट्रीय लोकदल (Rashtriya Lok Dal)अध्यक्ष जयंत चौधरी तथा आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के बीच आज दिल्ली में मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद गठबंधन को लेकर बडी खबरे आने लगी है।
राष्ट्रीय लोकदल (Rashtriya Lok Dal) अध्यक्ष जयंत चौधरी तथा आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के बीच आज दिल्ली में मुलाकात हुई। इस मुलाकात की जानकारी जयंत चौधरी ने खुद ट्वीट कर दी। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान मीरापुर विधायक चंदन चौहान तथा अन्य नेता भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद अब गठबंधन को लेकर बडी खबरें आ रही है।
यूपी में उपचुनाव के बाद नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। ऐसे में राजनीतिक दल अपनी रणनीति साधने में जुट गए हैं. वहीं खतौली विधानसभा जीत के बाद निकाय चुनाव में रालोद नई रणनीति के साथ मैदान में उतरने जा रही है. वह सपा के साथ-साथ जल्द ही आजाद समाज पार्टी से भी गठबंधन का एलान कर सकती है. दिल्ली में जयंत चौधरी और चंद्रशेखर आजाद की लंबी चली बैठक के बाद गठबंधन को लेकर कयास तेज हो गए हैं।
रालोद और सपा के गठबंधन से जहां जाट-यादव-मुस्लिम का समीकरण मजबूत हुआ है. वहीं अब चन्द्रशेखर आजाद का साथ लेने से पश्चिम यूपी में दलित समाज का भी वोट साधने में मदद मिलेगी. खतौली विधानसभा में आजाद समाज पार्टी के समर्थन मिलने से रालोद को सकारात्मक परिणाम मिले. लिहाज़ा, अब नगर निकाय चुनाव को लेकर भी दोनों दल गंभीर हैं।
राष्ट्रीय लोकदल (Rashtriya Lok Dal) जयंत चौधरी ने नगर निकाय चुनाव को लेकर समन्वय समिति का गठन किया है. यह समिति नगर निकाय चुनावों में गठबंधन दल के साथ समन्वय सुनिश्चित करने करेगी. इसमें केश्री राव वारिस(पूर्व विधायक), बाबूलाल प्रमुख और डॉ. नीरज चौधरी हैं।
रालोद को अभी तक गांव की पार्टी माना जाता रहा. वहीं अब शहर की पार्टी बनने के लिए भी जोर लगाएगी. इसके लिए नगर निकाय चुनाव में मजबूती से लड़ने का फैसला किया है. लिहाजा वह पदाधिकारियों पर भी दांव लगाएगी. ऐसे लोगों को टिकट देगी जो संगठन में सक्रिय हैं. और साथ ही सामाजिक रूप से भी जनता के साथ संघर्ष में तत्पर रहते हैं. नगर निकाय चुनाव का कार्यकालपांच जनवरी को समाप्त हो रहा है. 2017 में 16 नगर निगमों, 198 पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों में चुनाव हुए थे. इस बार 17 नगर निगम, 200 पालिका परिषद और 517 नगर पंचायतों में चुनाव होना है।

