संपादकीय विशेष

शिक्षण कार्य लिए लीज पर ली गई सरकारी जमीन पर खड़ी कर दी तीन मंजिला मार्किट, DM की जांच के बाद एसडी कॉलेज एसोसिएशन Muzaffarnagar के खिलाफ कार्यवाही शुरू

Muzaffarnagar शहर के बीचोंबीच बनाई गई एसडी और झांसी की रानी मार्केट की करीब पांच हजार करोड़ की संपत्ति प्रशासन की जांच में सरकारी मिली है। ईओ, तहसीलदार सदर और डीआईओएस से कराई गई जांच के बाद डीएम चंद्र भूषण सिंह ने एसडी कॉलेज एसोसिएशन को नोटिस जारी किया है। जवाब नहीं देने पर संपत्ति एक सप्ताह में नगर पालिका में स्वतः निहित हो जाएगी।

दरअसल जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी कि एसडी कॉलेज की सरकारी जमीन पर बिल्डिंग तोड़कर एसडी मार्केट बनाई गई है। इसके अलावा नगर पालिका से कॉलेज के खेल के मैदान के लिए तीस साल की लीज पर ली गई जमीन पर झांसी की रानी मार्केट बना दी गई। लीज का समय 1982 में पूरा हो चुका है। दोनों ही जमीनों के आवंटन में ये शर्त है कि इनका इस्तेमाल केवल शिक्षा के लिए होगा, व्यवसायिक प्रयोग नहीं हो सकता।

सरकार की इन जमीनों पर एसडी कॉलेज एसोसिएशन ने लगभग 2500 दुकानें बना ली है। डीएम ने नगर पालिका के ईओ, तहसीलदार सदर और डीआईओएस से इस संबंध में जांच रिपोर्ट मांगी थी।

तहसीलदार सदर ने रिपोर्ट दी है कि एसडी कॉलेज को 0.440 हेक्टेयर जमीन शैक्षणिक कार्यों के लिए दी गई थी। जमीन का व्यवसायिक इस्तेमांल नहीं करने की शर्त लगाई गई थी। डीआईओएस ने रिपोर्ट दी है कि एसोसिएशन ने कॉलेज की बिल्डिंग तोड़ने से पहले कोई अनुमति नहीं ली है। जमीन केवल शिक्षा के प्रयोग के लिए है। वहीं ईओ नगर पालिका हेमराज ने रिपोर्ट दी है कि 12 मई 1952 को नगर पालिका ने कॉलेज को खेल के मैदान के लिए 30 साल की लोज पर आठ हजार वार्षिक दर से जमीन दी थी।

मुजफ्फरनगर में सरकारी जमीन पर बना दी गई मार्केट, 1982 में समाप्त हो गया था लीज का समय

जमीन का किराया कभी जमा नहीं किया गया। 1982 में लीज खत्म हो गई शर्तों में साफ है कि जमीन का व्यवसायिक इस्तेमाल नहीं हो सकता। डीएम सीबी सिंह ने बताया कि एसोसिएशन को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह कोई तथ्य प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में सामने आया है कि समस्त जमीन सरकारी है। एक गज जमीन भी एसोसिएशन की नहीं है।

यह संपत्ति लगभग पांच हजार करोड़ की है। तमाम बिंदुओं को रखते हुए ईओ नगर पालिका की ओर से एसोसिएशन को नोटिस जारी किया गया है। सात दिन में एसोसिएशन अपने पक्ष में कोई साक्ष्य नहीं दे पाती है तो समस्त संपत्ति नगर पालिका में निहित मानी जाएगी। एसडी और झांसी रानी मार्केट के दुकानदार नगर पालिका में किराया जमा करेंगे।

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