कई बीमारियों को दूर करने में सहायक है Cottontrees (सेमल)
Dr. Jyoti Gupta
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Ayurvedic medicinal, Cottontrees, Semal, Semal tree benefits, semal tree uses, आयुर्वेदिक औषधीय, औषधीय पेड़आयुर्वेद के अनुसार, प्राचीन समय से ही भारतीय संस्कृति में आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवन जीने में किया जाता रहा है। आज के दौर में भी इन औषधियों का महत्व बढ़ रहा है, जिसमें सेमल का पेड़ भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सेमल के पेड़ की छाल, जड़, फूल और पत्तियों में कई औषधीय गुण होते हैं जो कई बीमारियों के इलाज में सहायक होते हैं।
Cottontrees (सेमल) के पेड़ की छाल का उपयोग श्वेतप्रदर या ल्यूकोरिया के इलाज में किया जाता है। इसके अलावा, सेमल की जड़ को अश्वगंधा, सतावरी और धागे वाली मिश्री के साथ मिलाकर शरीर में ताकत बढ़ाने और कमजोरी को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। सेमल की पत्तियों का जूस दाग-धब्बों पर लगाने से भी फायदा मिलता है।
महिलाएं Cottontrees (सेमल) के फूल के नीचे वाले हिस्से की सब्जी बनाकर सेवन कर सकती हैं जो उनके स्तनस्थिति को सुधारने में मदद करती है। पुरुष सेमल की जड़ का पाउडर, अश्वगंधा, सतावरी और धागे वाली मिश्री का चूर्ण बना सकते हैं और इसका सेवन कर सकते हैं जो उनकी कमजोरी को दूर करने में मदद करेगा।
इस प्रकार, सेमल एक महत्वपूर्ण औषधीय पेड़ है जिसका उपयोग विभिन्न रोगों के इलाज में किया जा सकता है। यह एक सस्ता और प्राकृतिक उपाय है जो बीमारियों से बचाव के लिए उपयोगी हो सकता है।
Cottontrees (सेमल) एक औषधीय पेड़ है जिसकी छाल, जड़, फूल और पत्तियों में कई औषधीय गुण होते हैं जो कई बीमारियों के इलाज में सहायक होते हैं। इस पेड़ को महिलाओं के लिए वरदान माना गया है, जिसके साथ ही पुरुषों के लिए भी इसके लाभकारी उपयोग देखे गए हैं।
Cottontrees (सेमल) का पेड़ पर उगने वाले पुष्प लाल कलर रंग के होते हैं और इसके पुष्प में 5 पंखुड़ियां होती हैं। ये फूल बसंत ऋतु से पहले ही खिल जाते हैं और फल भी लगते हैं जो हरे रंग से शुरुआत करके समय के साथ भूरे या काले हो जाते हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डा. वेद्द गुन्जन अग्रवाल के मुताबिक सेमल के पेड़ को बॉम्बैक्स सेइबा के नाम से भी जानते हैं। सेमल के पेड़ के सभी हिस्सों के अलग-अलग उपयोग हैं।
Cottontrees (सेमल) की जड़ का उपयोग महिलाओं के लिए होने वाले श्वेतप्रदर या ल्यूकोरिया के इलाज में किया जाता है। सेमल की जड़ में धागे वाली मिश्री, अश्वगंधा और सतावरी मिलाकर शरीर में ताकत बढ़ाने और कमजोरी को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। सेमल की पत्तियों का जूस दाग-धब्बों पर लगाने से भी फायदा मिलता है।
पुरुष सेमल की जड़ का पाउडर, अश्वगंधा, सतावरी और धागे वाली मिश्री का चूर्ण बना सकते हैं और इसका सेवन कर सकते हैं जो उनकी कमजोरी को दूर करने में मदद करेगा।
इस प्रकार, सेमल एक महत्वपूर्ण औषधीय पेड़ है जिसका उपयोग विभिन्न रोगों के इलाज में किया जा सकता है। यह एक सस्ता और प्राकृतिक उपाय है जो बीमारियों से बचाव के लिए उपयोगी हो सकता है।

