खेल जगत

2007 टी-20 वर्ल्ड कप: Flintoff ने माना, युवराज सिंह से बहस ने ही दी थी छह छक्कों की आग

 2007 टी-20 वर्ल्ड कप के उस ऐतिहासिक मैच में युवराज सिंह ने इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के जड़े थे, जो क्रिकेट इतिहास का सबसे यादगार पल बन गया। अब, इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू Flintoff  ने 18 साल बाद इस घटना को लेकर बड़ा खुलासा किया है। फ्लिंटॉफ ने कहा कि उस दिन उनके गुस्से ने युवराज के अंदर की आग को और तेज किया, और इसी आग ने क्रिकेट की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक को जन्म दिया।


साउथ अफ्रीका में हुए 2007 टी-20 वर्ल्ड कप में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 171 रन बनाए थे। इसके बाद, मैच के 19वें ओवर में युवराज और फ्लिंटॉफ के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को कड़े शब्द कहे। गुस्से में आए युवराज ने फिर इंग्लैंड के गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को एक ओवर में छह छक्के जड़ दिए। इसने न केवल मैच को भारत के पक्ष में कर दिया, बल्कि भारत ने उस मैच को 18 रनों से जीत लिया और बाद में वर्ल्ड कप की पहली चैंपियन टीम बनी।


फ्लिंटॉफ ने कहा- “मैंने पहली बार लाइन क्रॉस की”

फ्लिंटॉफ ने ‘Beard Before Wicket’ पॉडकास्ट पर बात करते हुए उस दिन की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “युवराज और मैं हमेशा मजाक-मजाक में भिड़ते रहते थे, लेकिन उस दिन मेरा टखना खराब था और मुझे लगा कि यह मेरा आखिरी मैच हो सकता है। मैं गुस्से में था और मैंने युवराज से बहस में लाइन क्रॉस कर दी। ये शायद करियर में पहली बार हुआ था। फिर युवराज ने ब्रॉड को छह छक्के मारे। वो छक्के मुझे पड़ने चाहिए थे, ब्रॉड को नहीं।”


युवराज के खेल को लेकर फ्लिंटॉफ ने की तारीफ

फ्लिंटॉफ ने यह भी माना कि उस दिन के मैच ने युवराज के करियर की दिशा बदल दी। उन्होंने कहा, “युवराज एक शानदार इंसान हैं और उनका क्रिकेटिंग टैलेंट अद्भुत था।” बाद में, यही युवराज 2011 में भारत को वर्ल्ड कप जीताने में सबसे बड़े हीरो बने।


युवराज का घूरना और फ्लिंटॉफ का रिएक्शन

फ्लिंटॉफ ने मजाक करते हुए कहा, “जब युवराज ने ब्रॉड पर पहला छक्का मारा तो मैं बाउंड्री पर फील्डिंग कर रहा था। छक्का मारने के बाद उसने मुझे घूरा। फिर दूसरा छक्का मारा और मुझे फिर घूरा। उस समय मैंने सोचा, ‘हो गया आज!’ जब पांचवां छक्का लगा तो मुझे लगा, छठा भी लग ही जाए, और ऐसा ही हुआ।” फ्लिंटॉफ ने इस घटना को याद करते हुए कहा कि यह पल उनके लिए बहुत खास था, क्योंकि उन्होंने देखा कि युवराज के अंदर एक आक्रामकता थी, जो मैच के परिणाम को बदलने में मददगार साबित हुई।


युवराज और फ्लिंटॉफ की तीखी बहस और बाद में दोस्ती

इस मैच के बाद, जहां एक ओर भारत ने वर्ल्ड कप की पहली चैंपियनशिप जीती, वहीं युवराज और फ्लिंटॉफ की इस हॉट बहस ने क्रिकेट इतिहास में एक अहम मोड़ लाया। हालांकि, दोनों के बीच इस घटना के बाद मतभेद जरूर थे, लेकिन वक्त के साथ उनकी दोस्ती और समझ बढ़ी।


युवराज सिंह का छह छक्के जड़ने का यह पल न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक था, बल्कि इसने क्रिकेट प्रेमियों को हमेशा याद रहने वाली एक अद्भुत घटना भी दी। फ्लिंटॉफ की इस खुलासे से हमें यह समझ में आता है कि कभी-कभी गुस्सा भी महानता की राह दिखा सकता है।

News-Desk

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