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मानव एकता दिवस पर Muzaffarnagar में सेवा का अद्भुत उदाहरण: निरंकारी मिशन के रक्तदान शिविर में 170 यूनिट रक्तदान, सत्संग से गूंजा भाईचारे का संदेश

विश्व बंधुत्व, मानवता और निष्काम सेवा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से Manav Ekta Diwas के अवसर पर संत निरंकारी मिशन Muzaffarnagar  द्वारा एक भव्य सत्संग कार्यक्रम तथा विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 170 श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल पेश की।

आयोजन युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी की पावन स्मृति को समर्पित रहा, जिसमें आध्यात्मिक संदेश और मानव सेवा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।


रक्तदान शिविर का विधिवत शुभारंभ, चिकित्सकों की निगरानी में हुआ सफल आयोजन

रक्तदान शिविर का उद्घाटन जोनल इंचार्ज कुलभूषण चौधरी द्वारा किया गया। शिविर में जिला चिकित्सालय के अनुभवी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद पूरी सावधानी और सुव्यवस्थित प्रक्रिया के तहत रक्त संग्रह सुनिश्चित किया।

इस दौरान कुल 170 यूनिट रक्त संकलित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होगा। आयोजन स्थल पर स्वच्छता, सुरक्षा और सेवा भावना का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे पूरा कार्यक्रम अनुशासन और समर्पण का उदाहरण बनकर सामने आया।


सत्संग में मानवता और नशामुक्त जीवन का संदेश

सत्संग की अध्यक्षता करते हुए जोनल इंचार्ज कुलभूषण चौधरी ने कहा कि बाबा गुरबचन सिंह जी ने समाज को सत्य, सरलता और सद्भाव का मार्ग दिखाते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।

उन्होंने बताया कि बाबा हरदेव सिंह जी का संदेश—
“रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं”
आज भी समाज सेवा की प्रेरणा देता है, जिसे सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।


सेवा और करुणा की भावना से जुड़ा मानव एकता दिवस

कार्यक्रम संयोजक हरीश कुमार ने कहा कि जब व्यक्ति के भीतर करुणा और प्रेम की भावना जागृत होती है, तब वह केवल अपने लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त करता है।

उन्होंने कहा कि “मानव को मानव हो प्यारा, एक-दूजे का बने सहारा” का संदेश केवल विचार नहीं, बल्कि व्यवहार में उतरने वाला जीवन दर्शन है, जिसे निरंकारी मिशन लगातार समाज तक पहुंचा रहा है।


देशभर में 705 स्थानों पर आयोजित होंगे रक्तदान शिविर

बाबा गुरबचन सिंह जी की स्मृति में मनाया जाने वाला मानव एकता दिवस केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षभर चलने वाली सेवा गतिविधियों की शुरुआत का प्रतीक है।

इसी क्रम में देशभर के लगभग 705 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे समाज में सहयोग, करुणा और एकता की भावना को मजबूत किया जा सके।


चार दशकों से जारी है सेवा की प्रेरणादायक परंपरा

संत निरंकारी मिशन द्वारा रक्तदान की यह परंपरा पिछले चार दशकों से निरंतर जारी है। अब तक मिशन द्वारा आयोजित 9,174 रक्तदान शिविरों के माध्यम से लगभग 15,00,230 यूनिट रक्त संकलित किया जा चुका है।

यह उपलब्धि मानव सेवा के प्रति मिशन की अटूट प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाती है।


दिल्ली सहित देशभर के सत्संग केंद्रों पर भी हुए आयोजन

मानव एकता दिवस 24 अप्रैल को दिल्ली के ग्राउंड नंबर 8 में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता जी के सान्निध्य में भी श्रद्धा और समर्पण भाव से मनाया गया। इसके साथ ही देशभर के हजारों सत्संग केंद्रों पर भी यह आयोजन भक्ति और सेवा की भावना के साथ सम्पन्न हुआ।

इन कार्यक्रमों ने समाज को यह संदेश दिया कि प्रेम, भाईचारा और सेवा ही मानव जीवन के वास्तविक मूल्य हैं।


मुजफ्फरनगर में आयोजित मानव एकता दिवस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब समाज सेवा और आध्यात्मिक चेतना साथ-साथ चलती हैं, तो वह केवल आयोजन नहीं रह जाता, बल्कि मानवता के उत्थान का सशक्त अभियान बन जाता है। संत निरंकारी मिशन की यह पहल जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद और समाज में एकता का मजबूत संदेश लेकर आई है।

Sushil Kumar Ansh

उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग सरकारी सेवा में कार्यरत सुशील कुमार 'अंश' विश्वबन्धुत्व व मानवता को समर्पित "संत निरंकारी मिशन" में मीडिया सहायक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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