Hasanpur का 21 वर्षीय बीटेक छात्र हॉस्टल में हार्ट अटैक से मौत—परिवार में मातम, डॉक्टर बोले- सर्दियों में बढ़ा खतरा
Hasanpur में रहने वाले 21 वर्षीय युवक की दुखद मौत ने पूरे नगर को स्तब्ध कर दिया है। सामने आया कि गाजियाबाद के एक हॉस्टल में पढ़ाई कर रहा नैतिक गुप्ता अचानक सीने में दर्द से गिर पड़ा और कुछ ही मिनटों में उसकी जिंदगी खत्म हो गई।
साथी छात्र उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक से मौत होने की खबर से लोगों में चिंता बढ़ गई है।
नैतिक गुप्ता—21 साल का युवा, बीटेक की पढ़ाई कर रहा था, वजन 100 किलो से ज्यादा
नगर के मोहल्ला मुख्य बाजार निवासी नितिन गुप्ता के बेटे नैतिक गुप्ता (21) की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
नैतिक गाजियाबाद में रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रहा था और उसी के अनुसार कॉलेज के हॉस्टल में रहता था।
परिजनों के अनुसार:
उसका वजन 100 किलोग्राम से अधिक था
वह दो भाइयों में सबसे छोटा था
घर में उनकी कपड़ों की दुकान, अग्रवाल धर्मशाला के सामने है
चार वर्ष पहले नितिन गुप्ता (नैतिक के पिता) की भी हार्ट अटैक से मृत्यु हुई थी, जिसे याद करते ही परिवार और अधिक टूट गया है।
शाम के समय सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत—फिर बेहोशी
शुक्रवार की शाम नैतिक हॉस्टल के कमरे में बैठा था।
अचानक उसे:
तेज सीने में दर्द
सांस लेने में कठिनाई
बेचैनी
महसूस होने लगी।
दोस्तों के मुताबिक वह कुछ ही मिनटों में जमीन पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया।
साथी छात्र उसे तुरंत पास के निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उसे गंभीर हार्ट अटैक आया था और बचा नहीं सके।
इस घटना ने इस बात पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि इतनी कम उम्र के युवाओं में दिल से जुड़े खतरे क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं।
परिवार में मातम—पिता की मौत भी हार्ट अटैक से, अब बेटे को भी खो दिया
नैतिक गुप्ता के घर का माहौल पूरी तरह मातमी हो गया है।
चार साल पहले पिता की मौत हार्ट अटैक से हुई थी और अब बेटा भी उसी बीमारी से चला गया।
परिजन रो-रोकर बेहाल हैं।
परिवार के लोगों ने बताया कि नैतिक घर का बहुत ही शांत, जिम्मेदार और मिलनसार लड़का था।
घटना की जानकारी मिलने पर मोहल्ले के लोग भी घर पहुँच गए और हर कोई इस दुखद हादसे से व्यथित नजर आया।
डॉक्टरों की चेतावनी—सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा और बढ़ जाता है
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह ने बताया कि सर्दियों में हार्ट अटैक की घटनाएँ बढ़ना आम बात है, लेकिन इतने कम उम्र में हार्ट अटैक बेहद चिंताजनक है।
डॉ. सिंह के अनुसार:
ठंड में धमनियाँ सिकुड़ जाती हैं
रक्तचाप में अचानक उतार-चढ़ाव होता है
वजन अधिक होने पर जोखिम कई गुना बढ़ जाता है
तनाव और अनियमित दिनचर्या भी दिल पर भार डालते हैं
उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य जांच नियमित कराने की सलाह दी।
युवाओं में हार्ट अटैक क्यों बढ़ रहा है? विशेषज्ञों ने बताए संभावित कारण
हाल के वर्षों में युवा वर्ग में अचानक हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं।
विशेषज्ञ इसके कई कारण बताते हैं—
बढ़ता मोटापा
जंक फूड और अनहेल्दी लाइफस्टाइल
व्यायाम की कमी
तनाव और रात भर जागने की आदत
आनुवंशिक कारण
हृदय की अनजान पुरानी समस्या
Hasanpur BTech student heart attack का मामला भी इसी चिंता को और गहरा करता है, खासकर जब परिवार में पहले से हृदय रोग का इतिहास मौजूद था।
कॉलेज और हॉस्टल प्रशासन अलर्ट—छात्रों की नियमित मेडिकल जांच पर जोर
नैतिक की मौत के बाद कॉलेज प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, संस्थान अब छात्रों की मेडिकल हिस्ट्री और स्वास्थ्य स्थिति पर विशेष ध्यान देने की तैयारी में है।
कई छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि—
“हॉस्टल में रहने वाले युवाओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना आवश्यक होना चाहिए, ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके।”

