Muzaffarnagar: गांधी कॉलोनी में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक, लोगों का फूटा गुस्सा—प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
News-Desk
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Muzaffarnagar stray dogs monkey menace, अमित पटपटिया सभासद, आवारा कुत्तों का आतंक, गांधी कॉलोनी मुजफ्फरनगर, नगर निगम समस्या, बंदरों का आतंक मुजफ्फरनगर, स्थानीय विरोध प्रदर्शनMuzaffarnagar शहर के गांधी कॉलोनी क्षेत्र सहित आसपास के कई मोहल्लों में आवारा कुत्तों और बंदरों की बढ़ती संख्या ने स्थानीय निवासियों की परेशानी को गंभीर स्तर तक पहुंचा दिया है। लगातार सामने आ रही घटनाओं और प्रशासनिक कार्रवाई में देरी से नाराज लोगों ने जिलाधिकारी को संबोधित शिकायत पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग तेज कर दी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्थिति अब सामान्य असुविधा से आगे बढ़कर सुरक्षा संकट का रूप ले चुकी है, जिसके चलते क्षेत्र में भय का वातावरण बन गया है।
गांधी कॉलोनी, शिवनगर, मदनपुरी और सुभाष नगर में बढ़ी घटनाएं
निवासियों के अनुसार गांधी कॉलोनी के अलावा शिवनगर, मदनपुरी और सुभाष नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी आवारा कुत्तों और बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सुबह और शाम के समय इनकी सक्रियता अधिक होने से लोगों को घर से निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति अधिक चिंताजनक बताई जा रही है, क्योंकि कई बार जानवरों के अचानक हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
स्कूल और ट्यूशन जाने वाले बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरा
स्थानीय अभिभावकों ने बताया कि सबसे अधिक चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। स्कूल और ट्यूशन के समय सड़कों पर आवारा कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं, जिससे दुर्घटना या हमले की आशंका बनी रहती है।
कई परिवारों ने बच्चों को अकेले बाहर भेजना कम कर दिया है, जिससे दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
कुत्तों के काटने की घटनाओं से बढ़ रहा आक्रोश
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पिछले कुछ समय में कुत्तों के काटने की कई घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। लगातार बढ़ती घटनाओं ने लोगों के धैर्य की सीमा को पार कर दिया है।
नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जिलाधिकारी से पहले भी की गई थी शिकायत
गांधी कॉलोनी निवासी भाटिया ने जानकारी दी कि 30 मार्च 2026 को इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात कर विस्तृत जानकारी दी गई थी। उस समय प्रशासन की ओर से समाधान का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस कारण स्थानीय लोगों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
लक्ष्मी नारायण मंदिर के सामने किया गया था धरना-प्रदर्शन
लगातार बढ़ती परेशानी के विरोध में एक सप्ताह पहले गांधी कॉलोनी मेन रोड स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के सामने स्थानीय नागरिकों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
हालांकि क्षेत्रवासियों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। लोगों का कहना है कि यह मुद्दा अब जनसुरक्षा से जुड़ा हुआ है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि आवारा कुत्तों और बंदरों को पकड़ने तथा पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था जल्द शुरू की जाए।
सभासद अमित पटपटिया ने प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग
गांधी कॉलोनी के सभासद Amit Patpatiya ने बताया कि बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। प्रशासन की ओर से शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए नगर निगम और संबंधित विभागों को मिलकर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए ताकि क्षेत्र में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
स्थानीय लोगों की मांग—भयमुक्त माहौल सुनिश्चित करे प्रशासन
क्षेत्रवासियों का कहना है कि आवारा जानवरों की समस्या अब सामान्य नागरिक सुविधा का विषय नहीं रह गई, बल्कि सुरक्षा का मुद्दा बन चुकी है। लोग चाहते हैं कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से अभियान चलाकर स्थिति को नियंत्रित करे।
स्थानीय स्तर पर यह भी सुझाव दिया गया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी और विशेष पकड़ अभियान शुरू किए जाएं।

