Jalaun News: डेटिंग एप के जाल में फंसा युवक, जंगल में ले जाकर बनाया अश्लील वीडियो; रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के दूसरे मामले से मचा हड़कंप
News-Desk
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चौंकाने वाली बात यह है कि जोल्हूपुर मोड़ क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर इस तरह की ब्लैकमेलिंग की यह दूसरी घटना सामने आई है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। साथ ही लोगों के बीच ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
ऑनलाइन बातचीत से शुरू हुई कहानी, मिलने के बहाने बुलाया गया युवक
पीड़ित युवक, जो थाना आटा क्षेत्र के एक गांव का निवासी बताया गया है, ने कालपी कोतवाली में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि वह एक ऑनलाइन डेटिंग एप का उपयोग करता था। इसी दौरान उसकी बातचीत एक अज्ञात व्यक्ति से शुरू हुई।
शुरुआती बातचीत सामान्य मित्रता की तरह आगे बढ़ी। दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा और विश्वास का माहौल तैयार किया गया। शिकायत के अनुसार बातचीत के दौरान अज्ञात व्यक्ति ने युवक को 16 जून की सुबह करीब 10 बजे जोल्हूपुर मोड़ पर मिलने के लिए बुलाया।
युवक को यह मुलाकात सामान्य लगी और वह तय स्थान पर पहुंच गया। लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि उसके साथ एक सुनियोजित साजिश होने वाली है।
जंगल में बने वॉच टावर के पास पहुंचते ही बदल गया पूरा घटनाक्रम
पीड़ित के अनुसार मुलाकात के बाद उसे जोल्हूपुर-मदारीपुर मार्ग पर स्थित जंगल क्षेत्र की ओर ले जाया गया। वहां बने एक वॉच टावर के पास पहले से तीन अन्य युवक मौजूद थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चारों लोगों ने मिलकर उसे घेर लिया और दबाव बनाकर उसके कपड़े उतरवा दिए। इसके बाद उसका अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किया गया। युवक का कहना है कि वह भयभीत था और विरोध करने की स्थिति में नहीं था।
बताया गया कि वीडियो बनाने के बाद आरोपियों ने उसे वायरल करने की धमकी दी और परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कहकर मानसिक दबाव बनाया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे 10 हजार रुपये
पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा कि वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आरोपियों ने उससे 10 हजार रुपये की रंगदारी मांगी। युवक ने बताया कि अचानक हुई इस घटना से वह पूरी तरह डर गया था।
आरोप है कि दबाव के चलते उसने अपना मोबाइल फोन और जेब में रखे करीब 600 रुपये आरोपियों को दे दिए। इसके बावजूद मामला यहीं नहीं रुका।
युवक का कहना है कि आरोपियों ने उसे हर महीने 10 हजार रुपये देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। साथ ही धमकी दी गई कि यदि रकम नहीं दी गई तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा और उसके परिवार को भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
किसी तरह बचाकर भागी जान, फिर पहुंचा पुलिस के पास
पीड़ित के अनुसार आरोपियों के कब्जे से निकलना आसान नहीं था। वह लगातार मानसिक दबाव और भय में था। हालांकि किसी तरह उसे वहां से निकलने का मौका मिला और वह अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा।
घटना के बाद युवक ने परिजनों को पूरी जानकारी दी और फिर पुलिस की शरण ली। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
एक सप्ताह में दूसरा मामला, पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
इस घटना ने इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींचा है क्योंकि पिछले सप्ताह भी लगभग इसी तरह का एक मामला सामने आया था। उस मामले में भी एक युवक को मिलने के बहाने जोल्हूपुर मोड़ बुलाया गया था।
पीड़ित ने आरोप लगाया था कि वहां उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। आरोपियों ने उससे 50 हजार रुपये की मांग की थी। डर और सामाजिक बदनामी के भय से युवक ने कथित तौर पर 16 हजार रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर भी कर दिए थे।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने यह आशंका बढ़ा दी है कि कहीं क्षेत्र में कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है, जो सोशल मीडिया और डेटिंग एप का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहा है।
साइबर और सोशल ट्रैप के बढ़ते खतरे ने बढ़ाई चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन डेटिंग एप और सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी हो गया है। कई मामलों में अपराधी फर्जी पहचान बनाकर लोगों का विश्वास जीतते हैं और बाद में उन्हें ब्लैकमेलिंग, रंगदारी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का शिकार बना लेते हैं।
ऐसे मामलों में पीड़ित अक्सर सामाजिक बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं। पुलिस और साइबर विशेषज्ञ लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते रहे हैं कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति से मिलने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि अवश्य करें और सुनसान स्थानों पर मिलने से बचें।
पुलिस कर रही जांच, जल्द गिरफ्तारी का दावा
मामले को लेकर कालपी कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी ने बताया कि दोनों मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
उन्होंने कहा कि शिकायतों में सामने आए तथ्यों की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाएगा।
लोगों से सतर्क रहने की अपील, सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज
लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।
साथ ही लोगों का यह भी कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है ताकि अपराधियों के हौसले पस्त हों और अन्य लोग इस प्रकार के जाल में फंसने से बच सकें।

