Muzaffarnagar में साइबर फ्रॉड गैंग का बड़ा खुलासा: फर्जी बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों के खेल की साजिश, शाहपुर पुलिस ने 4 आरोपी दबोचे
News-Desk
| 6 min read
cyber crime news, cyber fraud gang, fake accounts, muzaffarnagar police, Shahpur News, ऑनलाइन ठगी, फर्जी बैंक खाते, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, यूपी क्राइम न्यूज़, शाहपुर पुलिस, साइबर अपराध, साइबर फ्रॉडMuzaffarnagar जनपद की शाहपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी बैंक खाते खुलवाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते तैयार कर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी भोले-भाले लोगों को लालच और कमीशन का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल देशभर में होने वाले साइबर फ्रॉड और अवैध पैसों के ट्रांजेक्शन के लिए किया जाता था।
सोरम गेट पर फर्जी आधार कार्ड लेने पहुंचे थे आरोपी
जानकारी के मुताबिक थाना शाहपुर पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग फर्जी आधार कार्ड लेने के लिए सोरम गेट क्षेत्र में मौजूद हैं और साइबर फ्रॉड से जुड़े काम में सक्रिय हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल सोरम गेट-2 पहुंची, जहां यात्री प्रतीक्षालय में चार युवक बैठे हुए मिले। पुलिस ने घेराबंदी कर आवश्यक बल प्रयोग के बाद चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
चार आरोपी गिरफ्तार, अलग-अलग जिलों के रहने वाले
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- Sumit Kumar पुत्र महेशचंद्र निवासी नगला पाय, थाना भरथना, जनपद इटावा
- Dushyant Rathi पुत्र राजपाल निवासी दरौली, थाना बीबीनगर, जनपद बुलंदशहर
- Shivam Mishra पुत्र दिनेश मिश्रा निवासी देवड़ा, थाना बलूआ, जनपद चंदौली
- Sajid पुत्र युसुफ निवासी बरवाला, थाना शाहपुर, जनपद मुजफ्फरनगर
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दिल्ली में बैठे शख्स को सौंपे जाते थे बैंक खाते
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे लोग मिलकर ऐसे बैंक खाते तैयार करते थे जिनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में किया जा सके। आरोपी लोगों को लालच देकर या गुमराह कर उनके बैंक खातों की डिटेल हासिल करते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इन खातों को बाद में दिल्ली में मौजूद एक व्यक्ति को सौंप दिया जाता था। हालांकि आरोपियों ने कहा कि उन्हें उस व्यक्ति की पूरी जानकारी नहीं है क्योंकि वह हर बार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क करता था।
पुलिस के अनुसार यह व्यक्ति विभिन्न कंपनियों और फर्मों के नाम पर ऐसे बैंक खातों की मांग करता था, जिनमें बड़ी मात्रा में रकम ट्रांसफर की जा सके। बदले में गिरोह के सदस्यों को कमीशन दिया जाता था।
देशभर में दर्ज मिलीं दर्जनों साइबर शिकायतें
जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और बैंक खातों की साइबर पोर्टल पर जांच की। इस दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।
पुलिस के अनुसार आरोपी Dushyant Rathi से जुड़े बैंक खाते में देशभर के विभिन्न राज्यों से 21 साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं। वहीं आरोपी Sumit Kumar के खाते से संबंधित 24 शिकायतें सामने आईं।
अधिकारियों का कहना है कि यह संकेत देता है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से साइबर ठगी के नेटवर्क में सक्रिय था।
साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन बैंक खातों के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ और किन-किन राज्यों में लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे गिरोह अक्सर गरीब और बेरोजगार लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते हैं। बाद में उन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी निवेश, लोन फ्रॉड और डिजिटल स्कैम में किया जाता है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर रेंज के निर्देशन में की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Sanjay Kumar Verma के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण Akshay Mahadik, पुलिस अधीक्षक अपराध Indu Siddharth और क्षेत्राधिकारी बुढाना Gajendra Pal Singh के मार्गदर्शन में शाहपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
कार्रवाई का नेतृत्व थाना शाहपुर प्रभारी Gajendra Singh ने किया।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 विकास चौधरी, उ0नि0 अभिषेक गुप्ता, हेड कांस्टेबल प्रमचंद, रविंद्र सिंह, ललित भाटी, कांस्टेबल शिवम और मोहित चाहर शामिल रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी या दस्तावेज साझा न करें। अधिकारियों ने कहा कि कमीशन या आसान पैसे के लालच में बैंक खाता उपलब्ध कराना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
साइबर सेल ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।

