IAS Rinku Singh Rahi का फिर हुआ तबादला: जालौन विवाद के बाद उरई में नई जिम्मेदारी, संघर्ष और विवादों से भरा रहा सफर
News-Desk
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ias news, SDM Transfer, आईएएस अधिकारी, आईएएस रिंकू सिंह राही, उत्तर प्रदेश प्रशासन, उरई, जालौन समाचार, प्रशासनिक फेरबदल, यूपी न्यूज, रिंकू सिंह राही ट्रांसफरजालौन। उत्तर प्रदेश कैडर के वर्ष 2023 बैच के आईएएस अधिकारी Rinku Singh Rahi का एक बार फिर तबादला कर दिया गया है। प्रशासनिक आदेश के तहत उन्हें ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी (न्यायिक), उरई के पद पर नियुक्त किया गया है। यह फैसला जालौन में हाल ही में सामने आए विवाद के बाद लिया गया, जिसकी जांच के लिए जिला प्रशासन ने समिति भी गठित की थी।
IAS Rinku Singh Rahi का प्रशासनिक जीवन लंबे समय से संघर्ष, चुनौतियों और विभिन्न घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने से लेकर यूपीएससी में सफलता हासिल करने और सेवा के दौरान कई विवादों तक उनका सफर लगातार सुर्खियों में रहा है।
जालौन से उरई किया गया तबादला
मंगलवार दोपहर प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रिंकू सिंह राही को तत्काल प्रभाव से जालौन से स्थानांतरित कर उरई में एसडीएम (न्यायिक) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनकी जगह राकेश कुमार सोनी को जालौन का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। यह प्रशासनिक फेरबदल जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के आदेश पर किया गया।
ब्लॉक प्रमुख के साथ विवाद के बाद लिया गया फैसला
यह तबादला हाल ही में सामने आए उस विवाद के बाद हुआ, जिसमें भाजपा के ब्लॉक प्रमुख रामराज निरंजन और रिंकू सिंह राही आमने-सामने आ गए थे।
ब्लॉक प्रमुख ने मीडिया के सामने एक वीडियो प्रस्तुत किया, जिसमें रिंकू सिंह राही और उनके बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही थी। आरोप लगाया गया कि घटना के दौरान अधिकारी ने उनका मोबाइल नीचे गिरा दिया और उन्हें पीछे की ओर धक्का दिया।
बताया गया कि यह घटना 23 जून की है। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख ने जिलाधिकारी से शिकायत की, जिस पर प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की जांच के आदेश दिए।
फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और मामले में प्रशासन की ओर से अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पहले भी कई बार रहे चर्चा में
रिंकू सिंह राही इससे पहले भी कई घटनाओं को लेकर चर्चा में रह चुके हैं।
करीब एक महीने पहले जालौन में भाजपा विधायक गौरीशंकर वर्मा ने भी उनके कार्यशैली को लेकर आपत्ति जताई थी। हालांकि उस मामले में भी प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं।
संघर्षों के बीच तय किया आईएएस बनने का सफर
रिंकू सिंह राही का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने पहले पीसीएस अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाने का लक्ष्य बनाया।
वर्ष 2021 में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में 683वीं रैंक प्राप्त की, लेकिन सेवा आवंटित नहीं हो सकी।
इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और वर्ष 2022 में दोबारा परीक्षा देकर 921वीं रैंक हासिल की, जिसके बाद उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन मिला।
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों बार इंटरव्यू में उन्हें अपेक्षाकृत कम अंक मिले, लेकिन मुख्य परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने सफलता प्राप्त की।
उठक-बैठक वाला वीडियो भी हुआ था वायरल
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्ष 2025 में उन्हें शाहजहांपुर के पुवायां में एसडीएम नियुक्त किया गया था।
इसी दौरान एक घटना में परिसर में गंदगी फैलाने के आरोप में एक कर्मचारी से उठक-बैठक करवाने का मामला सामने आया। इसके बाद वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया।
विवाद बढ़ने पर रिंकू सिंह राही स्वयं वकीलों के बीच पहुंचे और उन्होंने भी कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई। उनका कहना था कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ था। बाद में उन्हें राजस्व परिषद, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया।
‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ कहते हुए भेजा था इस्तीफा
राजस्व परिषद में संबद्ध किए जाने के बाद रिंकू सिंह राही ने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी जा रही है।
उन्होंने वर्ष 2026 में राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेजते हुए लिखा था कि बिना काम किए वेतन लेना उन्हें उचित नहीं लगता। उन्होंने यह भी अनुरोध किया था कि यदि उन्हें प्रशासनिक कार्य नहीं दिया जा सकता, तो उन्हें उनके पूर्व पीसीएस पद पर वापस भेज दिया जाए, ताकि वे सीधे जनता के बीच काम कर सकें।
हालांकि बाद में प्रशासनिक स्तर पर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
लगातार सुर्खियों में रहा प्रशासनिक करियर
रिंकू सिंह राही का प्रशासनिक करियर उपलब्धियों और विवादों, दोनों कारणों से चर्चा में रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके पुराने संघर्ष, आईएएस बनने की कहानी और विभिन्न प्रशासनिक घटनाओं ने उन्हें अक्सर सुर्खियों में बनाए रखा है।
अब उरई में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे अपने नए पद पर किस प्रकार कार्य करते हैं। वहीं जालौन में हुए हालिया विवाद की जांच पूरी होने के बाद प्रशासन की ओर से आगे की स्थिति भी स्पष्ट हो सकती है।

